ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद बोले — स्वदेशी तकनीक और सटीक कार्रवाई ने पाकिस्तान को असहाय किया

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद बोले — स्वदेशी तकनीक और सटीक कार्रवाई ने पाकिस्तान को असहाय किया

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने भारतीय सेना की स्वदेशी तकनीक और रणनीतिक सटीकता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों ने पाकिस्तान को भयभीत किया और 2008 जैसे हमलों के बाद यह जवाब पहले मिलना चाहिए था।

मुख्य बातें

वैद ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की कार्रवाई को सराहनीय बताया।
वैद के अनुसार, भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक और मजबूत हवाई सुरक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान को भारतीय सीमा के भीतर कोई बड़ा नुकसान पहुँचाने से रोका।
पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों के पीछे आईएसआई और खालिस्तानी तत्वों का हाथ होने का आरोप; दो संदिग्ध गिरफ्तार।
वैद ने कहा कि मुंबई 2008 के आतंकी हमले के बाद ही ऑपरेशन सिंदूर जैसी जवाबी कार्रवाई होनी चाहिए थी।
पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या को वैद ने सुनियोजित और गंभीर कानून-व्यवस्था का मामला बताया।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना की कार्रवाई, देश के सुरक्षा तंत्र और रक्षा तैयारियों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री द्वारा इस ऑपरेशन को लेकर कही गई बातें पूरी तरह सटीक हैं और पूरे देश को अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए।

स्वदेशी तकनीक और सटीक रणनीति की सराहना

पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने कहा कि जिस सटीकता और स्वदेशी तकनीक के साथ भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ भी इस अभियान की रणनीति और तकनीकी क्षमता की सराहना कर रहे हैं।

वैद ने कहा कि भारत की

संपादकीय दृष्टिकोण

नीति-निर्माताओं पर एक सूक्ष्म किंतु तीखा प्रश्नचिह्न है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर उनकी चिंता भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है — यह संकेत देती है कि आंतरिक कानून-व्यवस्था और बाहरी सुरक्षा चुनौतियाँ एक साथ देश के सामने खड़ी हैं, और दोनों को समान गंभीरता से लेना ज़रूरी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था और इसकी पहली वर्षगांठ कब मनाई गई?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना का एक सैन्य अभियान था जिसे स्वदेशी तकनीक और सटीक रणनीति के साथ अंजाम दिया गया था। इसकी पहली वर्षगांठ 7 मई को मनाई गई, जिस अवसर पर पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद सहित कई सुरक्षा विशेषज्ञों ने सेना की सराहना की।
पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या कहा?
एस.पी. वैद ने कहा कि भारतीय सेना ने जिस सटीकता और आत्मनिर्भर तकनीक से यह ऑपरेशन किया, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान भारतीय सीमा के भीतर कोई बड़ा नुकसान पहुँचाने में सफल नहीं हो सका और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों ने उसे भयभीत किया।
पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों पर वैद ने क्या कहा?
वैद ने कहा कि पंजाब पुलिस के दावों पर भरोसा किया जाना चाहिए। पंजाब के डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, खालिस्तानी तत्वों का इस्तेमाल कर ये घटनाएँ करवा रही है और इस मामले में दो संदिग्ध गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
वैद ने मुंबई 2008 हमले का जिक्र क्यों किया?
वैद ने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सख्त जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी। उनके अनुसार, अगर ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई पहले की गई होती तो पाकिस्तान को बहुत पहले ही स्पष्ट संदेश मिल जाता।
पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या पर वैद ने क्या कहा?
वैद ने इस हत्या को सुनियोजित बताया और कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पहले से रेकी की गई थी और दोनों ओर से गोलीबारी की गई। उन्होंने इसे गंभीर कानून-व्यवस्था का मामला बताते हुए कहा कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था सुधारना होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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