ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: NDA नेताओं ने भारतीय सेना और मोदी सरकार की कार्रवाई को सराहा

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: NDA नेताओं ने भारतीय सेना और मोदी सरकार की कार्रवाई को सराहा

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर NDA नेताओं ने एकजुट होकर भारतीय सेना और PM मोदी की सराहना की। पहलगाम की भयावह घटना के बाद शुरू हुए इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदली हुई रणनीति का प्रतीक बताया गया — एक ऐसा संदेश जो देश की सीमाओं से बहुत दूर तक गूँजा।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई 2026 को देशभर में मनाई गई।
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि इस अभियान के बाद भारत की आतंकवाद-रोधी क्षमता और मजबूत हुई है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पहलगाम हमले को 'देश के लिए गहरा आघात' बताया और सेना की कार्रवाई को उचित ठहराया।
UP मंत्री ओमप्रकाश राजभर के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 100 किलोमीटर तक जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
सभी NDA नेताओं ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत की सक्रिय आतंकवाद-रोधी नीति की पुष्टि की।

नई दिल्ली, 7 मई 2026: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने देशभर में भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई सैन्य कार्रवाई की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। नेताओं ने एकमत से कहा कि इस अभियान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह स्थापित किया कि भारत सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और सक्रिय नीति अपनाने में सक्षम है।

मुख्य घटनाक्रम

मुंबई में शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि 7 मई 2025 की भयावह घटना को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत की आतंकवाद से निपटने की क्षमता और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध न केवल सैन्य स्तर पर जवाबी कार्रवाई की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का भी प्रभावी उपयोग किया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पटना में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले हुई घटना देश के लिए गहरा आघात थी। उन्होंने कहा कि उस हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराना अनिवार्य था और भारतीय सेना ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसका करारा जवाब दिया। कुशवाहा के अनुसार, इस अभियान ने देशवासियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ किया।

नेताओं की प्रतिक्रियाएँ

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने भारतीय सेना और राष्ट्रीय नेतृत्व को सलाम करते हुए कहा कि पहलगाम में हुई घटना के बाद यह तय हो गया था कि देश अपने शहीद जवानों का बदला अवश्य लेगा। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत ने यह दिखा दिया कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पूरी स्वतंत्रता दी थी और भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 100 किलोमीटर तक जाकर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई से विश्वभर में यह संदेश गया कि भारत अपने वादों को निभाने और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने में पूरी तरह सक्षम है।

उत्तर प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, समर्पण और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर आतंकियों को जवाब दिया, उससे पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश मिला कि भारत पर हमला करना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा।

शहीदों को श्रद्धांजलि

वर्षगांठ के अवसर पर NDA के सभी नेताओं ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कहा कि उनका बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी हुई है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने अपनी सीमा सुरक्षा नीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आने वाले समय में सरकार की आतंकवाद-रोधी नीति की दिशा और उसके कूटनीतिक प्रभाव दोनों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संदेश भी है — भारत की आतंकवाद-रोधी नीति अब 'प्रतिक्रियात्मक' से 'पूर्व-सक्रिय' हो चुकी है। हालाँकि, UP मंत्री राजभर का '100 किलोमीटर अंदर तक' का दावा सरकारी पुष्टि के बिना है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है — ऐसे बयान कूटनीतिक जटिलताएँ भी उत्पन्न कर सकते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या इस अभियान के बाद सीमा पार आतंकवाद में वास्तविक और मापनीय कमी आई है, जो अभी तक सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुई है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया सैन्य अभियान था। इस अभियान में भारत ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर NDA नेताओं ने क्या कहा?
NDA नेताओं ने 7 मई 2026 को देशभर में भारतीय सेना और PM मोदी की कार्रवाई की सराहना की। शिवसेना की शायना एनसी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा, पंजाब BJP के फतेहजंग सिंह बाजवा और UP के मंत्रियों ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत का निर्णायक जवाब बताया।
पहलगाम हमला कब हुआ था और इसका ऑपरेशन सिंदूर से क्या संबंध है?
पहलगाम में हुई आतंकी घटना 7 मई 2025 से पहले हुई थी और इसी के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया। NDA नेताओं ने इस हमले को 'देश के लिए गहरा आघात' बताते हुए सैन्य कार्रवाई को अनिवार्य ठहराया।
UP मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में क्या दावा किया?
UP मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 100 किलोमीटर तक जाकर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। यह दावा उनका व्यक्तिगत बयान है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर का अंतरराष्ट्रीय महत्व क्या है?
NDA नेताओं के अनुसार, इस अभियान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का उपयोग करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूत किया। इससे विश्वभर में यह संदेश गया कि भारत सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सक्रिय और निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
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