ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: विवेक रंजन ने सेना को किया सम्मानित, कहा- शांति हमारा गुण है, भय नहीं

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: विवेक रंजन ने सेना को किया सम्मानित, कहा- शांति हमारा गुण है, भय नहीं

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर फिल्ममेकर विवेक रंजन ने भारतीय सेना के साहस को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शांति भारत का स्वभाव है, लेकिन जब आवश्यकता हो तो राष्ट्र अपने हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता से कार्य करता है। भूषण कुमार के साथ इस ऑपरेशन पर आधारित फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. 'टाइनी' ढिल्लों की पुस्तक पर आधारित है।

मुख्य बातें

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सेना को सम्मानित किया।
अग्निहोत्री ने कहा कि शांति भारत का स्वभाव है, किंतु भय या दुर्बलता नहीं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सेना के साहस की प्रशंसा की।
फिल्ममेकर भूषण कुमार के साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म बना रहे हैं।
फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस.
'टाइनी' ढिल्लों की पुस्तक पर आधारित है।

मुंबई, 7 मई 2026 — फिल्म निर्माता-निर्देशक एवं लेखक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों को सम्मानित किया है। उन्होंने सेना के साहस और दृढ़ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने विश्व को प्रदर्शित किया है कि शांति हमारा स्वभाव है, किंतु मौन हमारी दुर्बलता नहीं है।

प्रधानमंत्री की नेतृत्व क्षमता की सराहना

अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि उस निर्णायक क्षण में राष्ट्र संपूर्ण एकता के साथ खड़ा रहा। उन्होंने लिखा, "आज मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, हमारी वीर सेना के साहस और उस राष्ट्रीय संकल्प के पल में एकजुट होने वाले प्रत्येक भारतीय को नमन करता हूँ।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऑपरेशन सिंदूर की वास्तविक कहानी को पूर्ण सत्यता और शक्ति के साथ विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

ऑपरेशन सिंदूर की कहानी साझा करने का महत्व

अग्निहोत्री का मानना है कि सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यह सुनिश्चित करना है कि इस ऑपरेशन की कहानी पूरी सत्यता और गौरव के साथ वैश्विक स्तर पर सुनी जाए। उन्होंने कहा, "ताकि दुनिया को याद रहे कि किस चीज की रक्षा की गई, किस चीज का बलिदान दिया गया और मानवता को जीवंत रखने के लिए क्या कीमत चुकानी पड़ी।" यह कथन दर्शाता है कि कैसे सैन्य कार्रवाइयाँ केवल सैनिकों के साहस का ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा का भी प्रतीक हैं।

इतिहास, सभ्यता और साहस का संबंध

अग्निहोत्री के अनुसार, इतिहास युद्धों को स्मरण रखता है, किंतु सभ्यताएँ साहस को चिरस्थायी करती हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित किया गया साहस और दृढ़ निश्चय राष्ट्र की गरिमा और सुरक्षा की एक सशक्त मिसाल बन गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालाँकि भारत शांतिप्रिय राष्ट्र है, किंतु आवश्यकता पड़ने पर वह अपने हितों और मूल्यों की रक्षा के लिए दृढ़ता से कार्य करने में सक्षम है।

फिल्म प्रोजेक्ट और साहित्यिक आधार

अग्निहोत्री हाल ही में संगीत निर्माता भूषण कुमार के साथ सहयोग की घोषणा कर चुके हैं। दोनों मिलकर फिल्म "ऑपरेशन सिंदूर" का निर्माण कर रहे हैं, जो लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. 'टाइनी' ढिल्लों की पुस्तक "ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान" पर आधारित है। यह पुस्तक पाकिस्तान के अंदर भारतीय सेना के गहन सैन्य अभियानों की अप्रकाशित कहानी को दस्तावेज़ करती है।

राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक प्रतिबिंब

यह फिल्म प्रोजेक्ट केवल एक सिनेमाई प्रयास नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सैनिक साहस को सांस्कृतिक स्तर पर संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अग्निहोत्री का दृष्टिकोण यह है कि ऐसी ऐतिहासिक घटनाएँ पीढ़ियों तक पहुँचनी चाहिएँ, जिससे राष्ट्रीय चेतना सजीव रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह महत्वपूर्ण है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों के ऐतिहासिक संदर्भ और अंतर्राष्ट्रीय निहितार्थों पर भी सवाल उठाए जाएँ। सिनेमा के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव को संरक्षित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक समाज को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे आख्यान पूरी सत्यता, सैन्य विश्लेषण और भू-राजनीतिक संदर्भ के साथ प्रस्तुत किए जाएँ। भारत की शांतिप्रिय छवि और सैन्य क्षमता के बीच संतुलन बनाए रखना आधुनिक भारत की विदेश नीति का मूल है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के अंदर किए गए गहन सैन्य अभियानों को संदर्भित करता है। लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. 'टाइनी' ढिल्लों ने अपनी पुस्तक 'ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान' में इस ऑपरेशन की विस्तृत कहानी दी है।
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म बनाने का निर्णय क्यों लिया?
अग्निहोत्री का मानना है कि भारतीय सेना के साहस और राष्ट्रीय गौरव को सिनेमा के माध्यम से विश्व स्तर पर साझा किया जाना चाहिए। वे मानते हैं कि ऐसी ऐतिहासिक कहानियों को पूरी सत्यता और शक्ति के साथ दर्ज किया जाना चाहिए।
विवेक रंजन ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर क्या कहा?
अग्निहोत्री ने कहा कि शांति भारत का स्वभाव है, लेकिन चुप्पी हमारी कमजोरी नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और सेना के साहस की प्रशंसा की, और कहा कि इस ऑपरेशन की कहानी को पूरी सत्यता के साथ विश्व को बताया जाना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर फिल्म किस पुस्तक पर आधारित है?
यह फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. 'टाइनी' ढिल्लों की पुस्तक 'ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान' पर आधारित है, जो पाकिस्तान के अंदर भारतीय सेना के गहन सैन्य अभियानों की अप्रकाशित कहानी को दस्तावेज़ करती है।
भूषण कुमार की भूमिका ऑपरेशन सिंदूर फिल्म में क्या है?
संगीत निर्माता और फिल्म निर्माता भूषण कुमार विवेक रंजन अग्निहोत्री के साथ इस परियोजना पर सहयोग कर रहे हैं। दोनों मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' फिल्म का निर्माण कर रहे हैं।
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