ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह: कीर्ति वर्धन सिंह बोले — आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प अटल है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह: कीर्ति वर्धन सिंह बोले — आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प अटल है

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगाँठ पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र मंच से दोहराया — आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने UN मिशन में सेना की वीरता को श्रद्धांजलि दी। 7 मई 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकाने तबाह किए थे।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 8 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगाँठ पर UN मिशन में कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था।
पहलगाम हमले में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या की थी।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट और जैश-ए-मोहम्मद को चार दिवसीय अभियान में निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारतीय समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन कर युद्धविराम की अपील की।
UNSC ने पहलगाम हत्याकांड की निंदा करते हुए आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 8 मई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगाँठ पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद से लड़ने का भारत का इरादा पहले की तरह ही मज़बूत है। इस अवसर पर भारतीय सेना की वीरता और व्यावसायिकता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

7 मई 2025 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के भीतर स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए उस नृशंस आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या की थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

चार दिन का सैन्य अभियान

भारत ने चार दिवसीय इस अभियान के दौरान द रेजिस्टेंस फ्रंट और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया। जब पाकिस्तानी सेना आतंकी समूहों के बचाव में उतरी और भारत पर हमला किया, तो यह संघर्ष दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव में बदल गया। भारत ने पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करते हुए कई पाकिस्तानी वायु सेना और मिसाइल बेसों को तबाह कर दिया।

सीजफायर और कूटनीतिक घटनाक्रम

भारत के कमांडिंग पोजीशन में आने के बाद, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने तत्कालीन भारतीय समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन कर युद्धविराम की अपील की। इस प्रकार कूटनीतिक दबाव में पाकिस्तान को संघर्षविराम की पहल करनी पड़ी।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पहलगाम हत्याकांड की कड़ी निंदा की। अपने आधिकारिक प्रेस वक्तव्य में UNSC ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को लगातार बेनकाब करने की कोशिश करती है। गौरतलब है कि UNSC ने पहलगाम हत्याकांड की निंदा की, लेकिन पाकिस्तान पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई — यह अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सीमाओं को उजागर करता है। भारत की सैन्य सफलता निर्विवाद है, परंतु असली परीक्षा यह है कि क्या यह कूटनीतिक दबाव पाकिस्तान की आतंकी संरचना को वास्तव में कमज़ोर कर पाता है। बिना दीर्घकालिक जवाबदेही तंत्र के, ऐसे अभियान प्रतिरोध तो स्थापित करते हैं, लेकिन समस्या की जड़ को नहीं काटते।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को भारतीय सेना द्वारा शुरू किया गया सैन्य अभियान था, जिसमें पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। यह अभियान पहलगाम में 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या के जवाब में चलाया गया था।
पहलगाम हमले में क्या हुआ था?
पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या की थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
ऑपरेशन सिंदूर में किन आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया?
चार दिवसीय अभियान में भारत ने द रेजिस्टेंस फ्रंट और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों संगठन पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने पहलगाम हमले पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम हत्याकांड की निंदा की और अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि आतंकवाद अपने सभी रूपों में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। UNSC ने यह भी कहा कि आतंकवाद किसी भी मकसद, स्थान या समय पर अपराध और गलत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले