क्या ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत हुई कार्रवाई ने दुश्मन को करारा जवाब दिया?

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क्या ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत हुई कार्रवाई ने दुश्मन को करारा जवाब दिया?

सारांश

भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक निर्णायक कार्रवाई की है जिससे दुश्मन को कठोर जवाब दिया गया है। सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष पर इस अभियान की जानकारी दी है। जानिए इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी और सेना की रणनीतियाँ।

Key Takeaways

  • ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मन को करारा जवाब दिया गया।
  • सेना की सतर्कता सीमाओं पर बनी हुई है।
  • यह अभियान आज भी जारी है।
  • सेना ने आपदाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का संदेश सभी देशवासियों के लिए शुभकामनाएँ है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक ठोस और निर्णायक कार्रवाई की है, जिससे दुश्मन को करारा जवाब दिया गया है। यह अभियान अभी भी जारी है। भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष के अवसर पर इस बात की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सेना बॉर्डर पर सतर्कता बनाए रख रही है। साथ ही, सेना देश के भीतर आपदाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुरुवार को नव वर्ष के अवसर पर सेनाध्यक्ष ने कहा, “भारतीय सेना राष्ट्र की सुरक्षा को पूर्ण सतर्कता और दृढ़ संकल्प के साथ सुनिश्चित कर रही है। पिछले वर्ष शत्रु के नापाक इरादों का जवाब ऑपरेशन सिंदूर के तहत किया गया, और यह अभियान आज भी जारी है। सीमाओं पर सतर्कता के साथ-साथ, देश के भीतर आपदाओं के समय त्वरित सहायता और राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों के माध्यम से सेना ने राष्ट्रीय प्रगति में अपनी अहम भूमिका निभाई है।”

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन की योजना सेना के मिलिट्री ऑपरेशन्स ब्रांच में तैयार की गई, जबकि संचालन की निगरानी डीजीएमओ के ऑप्स रूम से सीडीएस और तीनों सेनाध्यक्षों की मौजूदगी में की गई। इस ऑपरेशन में सीमा पार 9 आतंकी कैंप तबाह किए गए। भारतीय सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी कैंप ध्वस्त किए।

यह एक सटीक, सीमित और नियंत्रित कार्रवाई रही, जिससे बढ़त तो मिली, लेकिन तनाव अनियंत्रित नहीं हुआ। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को भी नाकाम किया। 7 से 10 मई तक पाकिस्तान की ओर से भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कई कोशिशें की गईं, जिन्हें भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने पूरी तरह विफल किया। नव वर्ष 2026 के आगमन पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सेना के सभी अधिकारियों और जवानों समेत सभी पद, परिवारों एवं देशवासियों को शुभ सन्देश दिया।

अपने संदेश में सेनाध्यक्ष ने कहा, “नव वर्ष 2026 के शुभ अवसर पर, मैं भारतीय सेना की ओर से समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूं। यह नव वर्ष आपके एवं आपके परिवार के जीवन में सुख, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।”

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना परिवर्तन के दशक से गुजर रही है, जहां संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार हमारी सामरिक शक्ति के मूल स्तंभ हैं। स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग, नए विचारों और निरंतर सुधारों के माध्यम से हम सेना को अधिक सक्षम एवं भविष्य के लिए तैयार बना रहे हैं। नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता इस परिवर्तन को नई गति प्रदान कर रही हैं।

जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा, “मैं प्रत्येक नागरिक के योगदान के लिए आभार व्यक्त करता हूँ। आपका विश्वास, सहयोग और एकजुटता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारतीय सेना सुरक्षा और राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान निरंतर देती रहेगी। जय हिन्द।”

Point of View

जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। देश की सीमाओं की रक्षा करना और आपदाओं में सहायता प्रदान करना, दोनों ही सेना के महत्वपूर्ण कार्य हैं। यह जानकारी दर्शाती है कि सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि संकट के समय भी तत्पर रहती है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में शुरू हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के नापाक इरादों का जवाब देना और सीमाओं की सुरक्षा करना है।
इस ऑपरेशन में कितने आतंकी कैंप ध्वस्त किए गए?
इस ऑपरेशन में कुल 9 आतंकी कैंप ध्वस्त किए गए।
सेना किस प्रकार आपदाओं के समय मदद करती है?
भारतीय सेना आपदाओं के समय त्वरित सहायता प्रदान करती है और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का संदेश क्या था?
उन्होंने सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएँ दी और भारतीय सेना की परिवर्तनकारी यात्रा के बारे में बताया।
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