क्या गुनगुने नींबू पानी से जीरा पानी तक, ये देसी ड्रिंक्स वजन को तेजी से घटा सकते हैं?
सारांश
Key Takeaways
- गुनगुना नींबू पानी: पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
- जीरा पानी: गैस और भारीपन कम करता है।
- ग्रीन टी: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है।
- सौंफ का पानी: भूख को संतुलित करता है।
- दालचीनी पानी: ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।
नई दिल्ली, 20 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल घंटों बैठकर काम करना, समय पर भोजन न करना, नींद की कमी और निरंतर तनाव, ये सभी चीजें मिलकर शरीर के मेटाबोलिज्म को सुस्त कर देती हैं। ऐसे में लोग जल्दी परिणाम पाने के लिए फैट बर्न के नाम पर कई प्रकार के सप्लीमेंट्स का उपयोग करते हैं, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का मानना है कि शरीर को धीरे-धीरे और प्राकृतिक तरीके से संतुलन में लाना चाहिए।
कुछ देसी ड्रिंक्स हैं, जो लंबे समय तक वजन कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं।
गुनगुना नींबू पानी - आयुर्वेद के अनुसार, सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है। जब इसमें नींबू मिलाया जाता है, तो यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। नींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड पेट से गंदगी को साफ करने में मदद करते हैं। विज्ञान के अनुसार, सुबह लिया गया यह ड्रिंक मेटाबोलिज्म को थोड़ा सा बढ़ाता है, जिससे शरीर दिनभर कैलोरी को बेहतर तरीके से बर्न कर पाता है। इसका प्रभाव धीरे-धीरे दिखाई देता है, लेकिन नियमितता के साथ यह पेट साफ रखने और सूजन को कम करने में सहायक होता है।
जीरा पानी - रात में जीरा भिगोने से उसके गुण पानी में आ जाते हैं। सुबह उबालकर पीने पर यह पेट की गैस, भारीपन और ब्लोटिंग को कम करता है। जब पाचन सही होता है, तो शरीर फैट को जमा करने के बजाय ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगता है। विज्ञान भी मानता है कि अच्छा पाचन वजन कम करने की नींव है। जीरा पानी शरीर को अंदर से हल्का महसूस कराता है, जिससे पेट धीरे-धीरे फ्लैट होने लगता है।
ग्रीन टी - आजकल ग्रीन टी काफी प्रचलित है, लेकिन इसका सही उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फैट को कम करते हैं। यह शरीर को हल्की ऊर्जा भी प्रदान करता है, जिससे थकान कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार, ग्रीन टी शरीर की गर्मी को संतुलित रखती है।
सौंफ का पानी - पेट और दिमाग दोनों के लिए सौंफ का पानी राहत देने वाला माना जाता है। आयुर्वेद में सौंफ को पाचन सुधारने वाला बताया गया है। इसे पीने से भूख संतुलित रहती है और बार-बार कुछ मीठा खाने की इच्छा कम होती है। जब क्रेविंग नियंत्रण में रहती है, तो अनजाने में ज़्यादा खाने से बचाव होता है।
दालचीनी पानी - आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही दालचीनी पानी को ब्लड शुगर को संतुलित करने वाला मानते हैं। जब शुगर स्तर संतुलित रहता है, तो शरीर फैट को जमा करने के बजाय धीरे-धीरे उपयोग करता है। गुनगुना दालचीनी पानी सुबह या रात को लेने से शरीर के अंदर जमा फैट ऊर्जा में बदलने लगता है।