जल जीवन मिशन भुगतान विवाद: इल्तिजा मुफ्ती का उमर अब्दुल्ला सरकार पर तीखा हमला, ठेकेदारों का 5वें दिन भी प्रदर्शन

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जल जीवन मिशन भुगतान विवाद: इल्तिजा मुफ्ती का उमर अब्दुल्ला सरकार पर तीखा हमला, ठेकेदारों का 5वें दिन भी प्रदर्शन

सारांश

जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के ठेकेदार दो साल से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं — और पाँच दिन के प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार को 'हर मोर्चे पर फेल' करार दिया और भ्रष्टाचार की जाँच की माँग उठाई।

मुख्य बातें

इल्तिजा मुफ्ती ने 14 मई 2026 को श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए।
जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को कथित तौर पर दो वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिला है।
ठेकेदारों का विरोध प्रदर्शन लगातार पाँचवें दिन भी जारी रहा; सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुँचा।
सरकार ने भुगतान से पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर की शर्त रखी है, जिसे ठेकेदार विवादास्पद मान रहे हैं।
इल्तिजा मुफ्ती ने कथित घोटाले की स्वतंत्र जाँच और तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की माँग की।

जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत ठेकेदारों को दो वर्षों से भुगतान न मिलने के मुद्दे पर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) नेता इल्तिजा मुफ्ती ने 14 मई 2026 को श्रीनगर में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ठेकेदारों का विरोध प्रदर्शन लगातार पाँचवें दिन भी जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

इल्तिजा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के लिए काम करने वाले ठेकेदारों ने बैंकों से ऋण लेकर परियोजनाएँ पूरी कीं, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी उन्हें बकाया राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा, 'दो साल से सरकार बनी हुई है और इनका भुगतान रुका हुआ है। कर्ज की वजह से ये लोग परेशान हैं।'

उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने ठेकेदारों से एक समझौते पर हस्ताक्षर कराने की शर्त रखी है, जिसके बाद ही बकाए का भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। ठेकेदारों का कहना है कि इस शर्त को लेकर वे असमंजस में हैं।

इल्तिजा मुफ्ती के आरोप

इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'ये लोग पाँच दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से कोई मिलने तक नहीं आया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि ठेकेदारों की मदद के अनुरोध पर वहाँ पहुँची हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी घोटाले की आशंका है तो उसकी जाँच होनी चाहिए, लेकिन जिन ठेकेदारों ने काम किया है उनका भुगतान तत्काल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, 'जाँच ही नहीं हो पा रही है। सरकार उन्हीं की है तो इनकी पेमेंट पूरी की जानी चाहिए।'

उमर अब्दुल्ला सरकार पर सीधा निशाना

इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला की सरकार पर व्यापक विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार 'हर मोर्चे पर फेल हो गई है।' उन्होंने शिक्षा क्षेत्र की बदहाली का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि 'ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी सरकार में भ्रष्टाचार हो रहा है।' उन्होंने सरकार को 'कोमा में' बताते हुए कहा कि वह ठीक से काम नहीं कर पा रही है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व में उमर अब्दुल्ला की सरकार पिछले वर्ष सत्ता में आई थी। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

ठेकेदारों की स्थिति

प्रदर्शनकारी ठेकेदारों के अनुसार, बैंक ऋण चुकाने की देनदारी और काम के बदले भुगतान न मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं। पाँच दिनों के लगातार प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया, जिससे उनमें रोष बढ़ रहा है।

आगे क्या होगा

इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार से माँग की है कि वह तत्काल ठेकेदारों से संवाद स्थापित करे और बकाया भुगतान सुनिश्चित करे। यदि सरकार की ओर से शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह विवाद और व्यापक राजनीतिक रूप ले सकता है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाता है। इल्तिजा मुफ्ती के आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में देखे जाएंगे, लेकिन ठेकेदारों की आर्थिक तकलीफ एक ठोस जमीनी सच्चाई है जिसे नकारा नहीं जा सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के लिए यह परीक्षा की घड़ी है — क्योंकि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार की बहाली के बाद जवाबदेही की अपेक्षाएँ स्वाभाविक रूप से ऊँची हैं। यदि 'समझौते पर हस्ताक्षर' की शर्त वाकई बकाया दबाने का तरीका है, तो इसकी पारदर्शी जाँच अनिवार्य है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन भुगतान विवाद क्या है?
जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों को कथित तौर पर दो वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिला है। बैंक ऋण लेकर परियोजनाएँ पूरी करने के बावजूद उन्हें राशि न मिलने से वे आर्थिक संकट में हैं और पाँच दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर क्या आरोप लगाए?
इल्तिजा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर लापरवाही, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाँच दिन के प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि ठेकेदारों से मिलने नहीं आया और सरकार 'कोमा में' चली गई है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने भुगतान पर क्या रुख अपनाया है?
रिपोर्टों के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा है कि पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, उसके बाद ही बकाया भुगतान किया जाएगा। इस शर्त को ठेकेदार विवादास्पद मान रहे हैं। सरकार की ओर से आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ठेकेदारों की माँगें क्या हैं?
ठेकेदार चाहते हैं कि दो वर्षों से लंबित बकाया राशि तत्काल जारी की जाए और यदि किसी अनियमितता की आशंका है तो उसकी पारदर्शी जाँच हो। वे यह भी माँग कर रहे हैं कि सरकार उनसे सीधे संवाद करे।
इस विवाद का जल जीवन मिशन पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि भुगतान विवाद लंबा खिंचा तो जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि ठेकेदार नए कार्य लेने से हिचकिचाएंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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