इल्तिजा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कड़ा प्रहार किया, कश्मीरी छात्रों का मुद्दा उठाया
सारांश
Key Takeaways
- इल्तिजा मुफ्ती ने कश्मीरी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की।
- पंजाब के सीटी विश्वविद्यालय में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
- इल्तिजा का राजनीतिक करियर और उनके पिछले विवादों की चर्चा।
- कश्मीरी हितों और मानवाधिकारों पर इल्तिजा का दृष्टिकोण।
- सोशल मीडिया पर सक्रियता और राजनीतिक प्रभाव।
जम्मू-कश्मीर, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को टैग करते हुए लिखा, "क्या आप पंजाब के सीटी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा कश्मीरी मुस्लिम छात्रों के साथ किए गए दुर्व्यवहार का समर्थन करते हैं, सिर्फ इसलिए कि उन्होंने रमजान के दौरान इफ्तारी और सहरी के लिए भोजन मांगा था?"
इल्तिजा ने आगे कहा कि यह जानकर आश्चर्य हुआ कि पंजाब जैसे राज्य में भी कश्मीरियों पर हमला करना सामान्य हो गया है। उन्होंने कुलपति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, यह कहते हुए कि अन्यथा कुछ भी करना केवल दिखावा होगा।
बता दें कि जिस पोस्ट पर इल्तिजा ने प्रतिक्रिया दी है, उसमें आरोप लगाया गया है कि पंजाब के सीटी विश्वविद्यालय में मुस्लिम कश्मीरी छात्रों को कथित तौर पर परिसर खाली करने के लिए कहा गया और सहरी और इफ्तार का अनुरोध करने के बाद उनके प्रवेश रद्द करने की धमकी दी गई। इल्तिजा ने अपने पोस्ट में पंजाब पुलिस और पंजाब पुलिस के डीजीपी को भी टैग किया है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में इल्तिजा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ 'हिजाब' विवाद को लेकर केस दर्ज कराया था। यह विवाद तब शुरू हुआ था जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नीतीश कुमार को एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाते हुए दिखाया गया। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार ने भारतीय महिलाओं की गरिमा के लिए अपमानजनक और अस्वीकार्य टिप्पणियां की हैं।
इल्तिजा मुफ्ती ने वर्ष 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी भाग लिया था, जहाँ उन्होंने गुफवारा-बिजबेहरा (अनंतनाग) सीट से चुनाव लड़ा, जो कि पीडीपी की पारंपरिक सीट मानी जाती है। हालांकि, वे चुनाव हार गईं। इल्तिजा सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस में काफी सक्रिय रहती हैं और कश्मीरी हितों, मानवाधिकार, युवा सशक्तिकरण और क्षेत्रीय स्वायत्तता पर अपने विचार साझा करती हैं।