सहरसा में शंकर आई हॉस्पिटल का उद्घाटन: 75% मरीजों को मुफ्त इलाज, मिथिलांचल-नेपाल तक पहुँचेगा फायदा

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सहरसा में शंकर आई हॉस्पिटल का उद्घाटन: 75% मरीजों को मुफ्त इलाज, मिथिलांचल-नेपाल तक पहुँचेगा फायदा

सारांश

सहरसा में बिहार के पहले शंकर नेत्र अस्पताल का उद्घाटन — यह देश का 20वाँ ऐसा केंद्र है। 100 बेड की इस सुविधा में 75% मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा। मिथिलांचल और नेपाल तक इसका दायरा फैलाने की योजना है, और पटना के कंकड़बाग में भी जल्द एक और केंद्र खुलेगा।

Key Takeaways

सहरसा के महावीर नगर में 30 अप्रैल 2026 को 100 बेड वाले शंकर आई हॉस्पिटल का उद्घाटन हुआ। 75 प्रतिशत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त नेत्र उपचार; शेष 25 प्रतिशत के लिए न्यूनतम शुल्क। यह बिहार में पहला और देश का 20वाँ शंकर नेत्र अस्पताल है। परियोजना आरईसी लिमिटेड के सीएसआर फंड और श्रीनारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट के सहयोग से स्थापित। पटना के कंकड़बाग में भी जल्द एक और नेत्र अस्पताल खोलने की योजना। मोतियाबिंद सर्जरी समेत नेत्र रोगों का इलाज मिथिलांचल और नेपाल के मरीजों तक पहुँचाना लक्ष्य।

सहरसा के महावीर नगर में 30 अप्रैल 2026 को 100 बेड वाले शंकर आई हॉस्पिटल (श्री कांची कामकोटि गुरुपरंपरा शंकरा नेत्र चिकित्सालय) का भव्य उद्घाटन किया गया, जहाँ 75 प्रतिशत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त नेत्र चिकित्सा सेवा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने घोषणा की कि यह अस्पताल न केवल सहरसा, बल्कि पूरे मिथिलांचल क्षेत्र और नेपाल के नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

अस्पताल की विशेषताएँ और सेवाएँ

यह अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और कन्नोली-विजन सेवर प्रोजेक्ट के तहत स्थापित किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, 75 प्रतिशत मरीजों को निःशुल्क उपचार दिया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत सेवाओं के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा। यह क्रॉस-सब्सिडी मॉडल विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया है। मोतियाबिंद जैसी बीमारियों की सर्जरी यहाँ प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

वित्त पोषण और सहयोगी संस्थाएँ

इस परियोजना को आरईसी लिमिटेड के सीएसआर फंड और श्रीनारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल के सहयोग से साकार किया गया है। गौरतलब है कि यह देश का 20वाँ शंकर नेत्र अस्पताल है और बिहार में स्थापित होने वाला पहला है। शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने उद्घाटन समारोह में यह जानकारी साझा की।

नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि यह अस्पताल न सिर्फ बिहार को, बल्कि पश्चिम बंगाल और पूरे देश में नेत्र रोगियों के लिए बड़ा फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और हर व्यक्ति तक आधुनिक इलाज पहुँचाने के संकल्प के साथ इस अस्पताल की शुरुआत की गई है। सांसद ने इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा वरदान बताया।

विस्तार की योजनाएँ और आगे की राह

शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने बताया कि जल्द ही पटना के कंकड़बाग में भी एक और नेत्र अस्पताल शुरू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब मिथिलांचल और सीमावर्ती नेपाल क्षेत्रों में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाओं की लंबे समय से कमी महसूस की जा रही थी। स्थानीय स्तर पर इस पहल को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, और भविष्य में इस नेटवर्क के और विस्तार की उम्मीद है।

Point of View

लेकिन असली कसौटी क्रॉस-सब्सिडी मॉडल की दीर्घकालिक स्थिरता होगी। सीएसआर फंड पर निर्भर स्वास्थ्य परियोजनाएँ प्रायः कॉर्पोरेट प्राथमिकताओं के बदलने पर संकट में पड़ जाती हैं — यह एक ऐसा जोखिम है जिसका उल्लेख उद्घाटन भाषणों में नहीं हुआ। मिथिलांचल और नेपाल तक सेवा विस्तार की महत्वाकांक्षा सराहनीय है, पर इसके लिए परिवहन संपर्क और जागरूकता अभियानों की भी उतनी ही ज़रूरत है जितनी बेड क्षमता की।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

सहरसा का शंकर आई हॉस्पिटल क्या है?
यह सहरसा के महावीर नगर में स्थापित 100 बेड का अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सालय है, जिसका उद्घाटन 30 अप्रैल 2026 को हुआ। यह बिहार में पहला और देश का 20वाँ शंकर नेत्र अस्पताल है।
इस अस्पताल में इलाज मुफ्त है या शुल्क लगेगा?
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार 75 प्रतिशत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलेगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत सेवाओं के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा। यह क्रॉस-सब्सिडी मॉडल गरीब और वंचित वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इस अस्पताल का निर्माण किस फंड से हुआ?
यह परियोजना आरईसी लिमिटेड के सीएसआर फंड और श्रीनारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल के सहयोग से 'कन्नोली-विजन सेवर प्रोजेक्ट' के तहत साकार की गई है।
क्या नेपाल के मरीज भी यहाँ इलाज करा सकते हैं?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अस्पताल मिथिलांचल के साथ-साथ नेपाल के नागरिकों को भी लाभ पहुँचाएगा। अस्पताल की भौगोलिक स्थिति इसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए सुलभ बनाती है।
बिहार में अगला शंकर नेत्र अस्पताल कहाँ खुलेगा?
शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने बताया कि पटना के कंकड़बाग में जल्द ही एक और नेत्र अस्पताल शुरू किया जाएगा, जिससे राज्य में नेत्र चिकित्सा का नेटवर्क और मज़बूत होगा।
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