यूपी में जल जीवन मिशन: योगी आदित्यनाथ का खुदी सड़कों को तत्काल भरने का सख्त निर्देश
सारांश
Key Takeaways
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 मई 2026 को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों और गड्ढों को कार्य पूर्ण होते ही तत्काल भरा जाए और खुदाई के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश: क्या है आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और खुदी हुई सड़कों व गड्ढों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें तत्काल भरवाना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश शहरी और ग्रामीण — दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से लागू होगा।
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए बड़े पैमाने पर सड़कों की खुदाई होती है, जो यदि समय पर न भरी जाए तो आम नागरिकों के लिए गंभीर असुविधा और दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में मिशन के काम में तेज़ी आई है।
ठेकेदारों पर कार्रवाई: जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि काम को समय से पूरा न करने, अधूरा छोड़ने या लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए। यह कदम जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक संकेत है।
जल समाधान पोर्टल और शिकायत निवारण
सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जल समाधान पोर्टल पर जलापूर्ति, लीकेज और खुदाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 18001212164 पर संपर्क कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की प्रगति
आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुँचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जो पहले पानी की भारी किल्लत से जूझते थे। योगी सरकार घर-घर स्वच्छ पानी पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर जारी रखे हुए है।
आगे की राह में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थलीय निरीक्षण और जवाबदेही तंत्र ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं और क्या ठेकेदारों पर कार्रवाई वास्तव में लापरवाही पर अंकुश लगा पाती है।