यूपी में जल जीवन मिशन: योगी आदित्यनाथ का खुदी सड़कों को तत्काल भरने का सख्त निर्देश

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यूपी में जल जीवन मिशन: योगी आदित्यनाथ का खुदी सड़कों को तत्काल भरने का सख्त निर्देश

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन की खुदाई से बनी सड़कों की दुर्दशा पर सख्त रुख अपनाया है — जिलाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण, तत्काल मरम्मत और लापरवाह ठेकेदारों पर ब्लैकलिस्टिंग के आदेश दिए गए हैं। यूपी में 2.50 करोड़ से ज़्यादा ग्रामीण परिवार पहले ही नल कनेक्शन पा चुके हैं।

Key Takeaways

CM योगी आदित्यनाथ ने 2 मई 2026 को सभी जिलाधिकारियों को जल जीवन मिशन की खुदी सड़कों को तत्काल भरने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी व वरिष्ठ अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे; किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं। लापरवाह कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश। जल समाधान पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर; टोल फ्री नंबर 18001212164 उपलब्ध। यूपी में अब तक 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन; विंध्य व बुंदेलखंड में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 मई 2026 को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों और गड्ढों को कार्य पूर्ण होते ही तत्काल भरा जाए और खुदाई के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश: क्या है आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और खुदी हुई सड़कों व गड्ढों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें तत्काल भरवाना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश शहरी और ग्रामीण — दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से लागू होगा।

गौरतलब है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए बड़े पैमाने पर सड़कों की खुदाई होती है, जो यदि समय पर न भरी जाए तो आम नागरिकों के लिए गंभीर असुविधा और दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में मिशन के काम में तेज़ी आई है।

ठेकेदारों पर कार्रवाई: जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि काम को समय से पूरा न करने, अधूरा छोड़ने या लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओंठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए। यह कदम जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक संकेत है।

जल समाधान पोर्टल और शिकायत निवारण

सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जल समाधान पोर्टल पर जलापूर्ति, लीकेज और खुदाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 18001212164 पर संपर्क कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की प्रगति

आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुँचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जो पहले पानी की भारी किल्लत से जूझते थे। योगी सरकार घर-घर स्वच्छ पानी पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर जारी रखे हुए है।

आगे की राह में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थलीय निरीक्षण और जवाबदेही तंत्र ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं और क्या ठेकेदारों पर कार्रवाई वास्तव में लापरवाही पर अंकुश लगा पाती है।

Point of View

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — जल जीवन मिशन में खुदाई के बाद सड़क न भरने की शिकायतें नई नहीं हैं और पहले भी निर्देश जारी होते रहे हैं। ब्लैकलिस्टिंग का प्रावधान तभी प्रभावी होगा जब इसे पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए और सार्वजनिक किया जाए। जल समाधान पोर्टल की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा कितनी बाध्यकारी है। बिना नागरिक-स्तर की निगरानी और नियमित सार्वजनिक रिपोर्टिंग के, यह आदेश भी पिछले निर्देशों की तरह कागज़ तक सीमित रह सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

जल जीवन मिशन के तहत सड़कों की खुदाई को लेकर योगी सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 मई 2026 को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों और गड्ढों को कार्य पूर्ण होते ही तत्काल भरा जाए और खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। जिलाधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर इसे सुनिश्चित करेंगे।
लापरवाह ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?
काम समय पर पूरा न करने, अधूरा छोड़ने या लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश सभी जिलों में समान रूप से लागू होगा।
जल जीवन मिशन से संबंधित शिकायत कहाँ दर्ज कराएँ?
नागरिक जल जीवन मिशन से जुड़ी जलापूर्ति, लीकेज या खुदाई संबंधी शिकायत टोल फ्री नंबर 18001212164 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जल समाधान पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है, जहाँ प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण का निर्देश दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की अब तक क्या प्रगति है?
आँकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब तक 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुँचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
क्या यह पहली बार है जब यूपी सरकार ने खुदाई की मरम्मत पर सख्ती दिखाई है?
जल जीवन मिशन की खुदाई के बाद सड़क न भरने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इस बार मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण, जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग जैसे ठोस जवाबदेही उपायों के साथ निर्देश जारी किए हैं, जो पिछले आदेशों की तुलना में अधिक संरचित हैं।
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