पश्चिम बंगाल में BJP नहीं बनाएगी सरकार: कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई का बड़ा दावा

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पश्चिम बंगाल में BJP नहीं बनाएगी सरकार: कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई का बड़ा दावा

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला — BJP पर बंगाल में धांधली का आरोप, महाराष्ट्र में बुलडोज़र राजनीति की आलोचना, और मराठी अनिवार्यता को गरीब-विरोधी बताया। उनका यह बयान आने वाले चुनावी मौसम में कांग्रेस की रणनीति का संकेत देता है।

Key Takeaways

हुसैन दलवाई ने 2 मई को मुंबई में कहा कि BJP पश्चिम बंगाल चुनाव में धांधली के बावजूद सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर रोज़ाना नमाज़ को गलत बताया, लेकिन ईद जैसे विशेष अवसरों पर मैदान के उपयोग को उचित ठहराया। मराठी अनिवार्यता पर कहा कि रिक्शा चालकों से मराठी पढ़ने-लिखने की माँग गरीब-विरोधी है। महाराष्ट्र सरकार पर आरोप — बुलडोज़र कार्रवाई और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा और बयानबाज़ी को अनुचित बताया।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने 2 मई को मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पश्चिम बंगाल चुनाव, धार्मिक आयोजनों, महाराष्ट्र की राजनीति और कानून-व्यवस्था समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की, लेकिन इसके बावजूद वह सत्ता में नहीं आएगी।

पश्चिम बंगाल चुनाव पर दलवाई का आरोप

दलवाई ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "भाजपा ने बंगाल चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली की, लेकिन मुझे लगता है कि इसके बावजूद भाजपा सत्ता में नहीं आएगी।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हैं। गौरतलब है कि BJP ने बंगाल में अपनी स्थिति मज़बूत करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया है।

धार्मिक आयोजनों पर संतुलित रुख

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ को लेकर की गई टिप्पणी पर दलवाई ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "अगर रोज़ाना किसी सार्वजनिक जगह या मैदान में नमाज़ पढ़ी जाती है, तो यह गलत है — नमाज़ मस्जिद में ही होनी चाहिए। हालाँकि, ईद जैसे मौके पर जब बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, तब किसी मैदान का उपयोग करना गलत नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसा सिर्फ मुसलमान ही नहीं, अन्य धर्मों के लोग भी करते हैं — जैसे शिवाजी पार्क में बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, उसमें कोई बुराई नहीं।

मराठी भाषा विवाद पर दलवाई की राय

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने की माँग पर दलवाई ने कहा कि राज्य में रहने वाले लोगों को मराठी समझनी और बोलनी चाहिए, इसमें कोई आपत्ति नहीं। उन्होंने कहा, "मैं खुद मराठी का समर्थक हूँ, लेकिन यह कहना कि एक रिक्शा चालक को मराठी पढ़ना-लिखना आना ही चाहिए — यह पूरी तरह गलत है।" उन्होंने तर्क दिया कि रिक्शा चलाने वाले लोग अक्सर अधिक पढ़े-लिखे नहीं होते, और मराठी का मुद्दा जानबूझकर उठाकर गरीबों को परेशान किया जा रहा है।

महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

दलवाई ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून को अपने हाथ में लेकर लोगों के घरों पर बुलडोज़र चला रही है। महिलाओं और युवाओं पर अत्याचार की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस और सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वे सख्त कार्रवाई करें।

बेरोज़गारी, महंगाई और हिमंत बिस्वा सरमा पर प्रहार

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए दलवाई ने कहा कि देश में बेरोज़गारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "लोग दिनभर मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम पैसे मिलते हैं — गरीब और गरीब होता जा रहा है, जबकि अमीर और अमीर बन रहा है।" अंत में उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि उनकी भाषा और बयानबाज़ी उचित नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस आने वाले चुनावों से पहले इन मुद्दों को धार देने की कोशिश कर रही है।

Point of View

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, और आर्थिक असमानता — पर घेरा जाए। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि धांधली के आरोप बिना ठोस साक्ष्य के लगाए गए हैं, जो इन्हें राजनीतिक बयानबाज़ी की श्रेणी में रखता है। मराठी भाषा पर उनका रुख संतुलित ज़रूर है, लेकिन यह भी एक ऐसे मुद्दे पर है जिसे सत्तारूढ़ गठबंधन ने वोट-बैंक की दृष्टि से उठाया है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस इन बयानों को ज़मीनी आंदोलन में बदल पाएगी, या ये सिर्फ मीडिया चक्र तक सीमित रहेंगे।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

हुसैन दलवाई ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने आरोप लगाया कि BJP ने बंगाल चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की, लेकिन इसके बावजूद वह सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने यह बयान 2 मई को मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में दिया।
दलवाई ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि रोज़ाना सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ पढ़ना गलत है और नमाज़ मस्जिद में होनी चाहिए। हालाँकि, ईद जैसे बड़े अवसरों पर मैदान का उपयोग उचित है, जैसा अन्य धर्मों में भी होता है।
मराठी भाषा विवाद पर दलवाई का क्या रुख है?
दलवाई ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी बोलनी-समझनी चाहिए, लेकिन रिक्शा चालकों जैसे गरीब तबके से मराठी पढ़ने-लिखने की अनिवार्य माँग गलत और गरीब-विरोधी है।
दलवाई ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है, सरकार बुलडोज़र चलाकर कानून अपने हाथ में ले रही है, और महिलाओं व युवाओं पर अत्याचार की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
दलवाई ने हिमंत बिस्वा सरमा पर क्या टिप्पणी की?
हुसैन दलवाई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा और बयानबाज़ी को अनुचित बताया, हालाँकि उन्होंने विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
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