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अजमेर दरगाह शिव मंदिर विवाद: अगली सुनवाई 6 मई को, 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने की दी अर्जी

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अजमेर दरगाह शिव मंदिर विवाद: अगली सुनवाई 6 मई को, 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने की दी अर्जी

सारांश

अजमेर शरीफ दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे वाले मामले में जिला न्यायालय ने 6 मई की तारीख तय की है। 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने की अर्जी दी है, जबकि वादी-प्रतिवादी तय होने तक मेरिट पर बहस शुरू नहीं होगी। दरगाह दीवान और अंजुमन कमेटी भी मामले में शामिल होने की कोशिश में हैं।

मुख्य बातें

अजमेर जिला न्यायालय ने अजमेर शरीफ दरगाह शिव मंदिर विवाद मामले की अगली सुनवाई 6 मई 2026 को तय की।
कुल 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने और 1 व्यक्ति ने वादी बनने के लिए आवेदन किया; अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा।
दरगाह दीवान , अंजुमन कमेटी सहित अन्य पक्षकारों ने भी मामले में शामिल होने की अर्जी दी।
याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने परिसर में नए निर्माण पर रोक और सीसीटीवी निगरानी की माँग की।
वादी-प्रतिवादी तय होने के बाद ही '7/11' पर मेरिट बहस शुरू होगी।

अजमेर के जिला न्यायालय में 2 मई 2026 को अजमेर शरीफ दरगाह (ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह) परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की अगली तारीख 6 मई 2026 तय की है और फिलहाल वादी-प्रतिवादी तय करने का फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की याचिका पर आधारित है।

शनिवार की सुनवाई में क्या हुआ

शनिवार को जिला न्यायालय में '1/10' के तहत दाखिल आवेदनों पर सुनवाई हुई। इस दौरान कुल 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने और 1 व्यक्ति ने वादी बनने के लिए आवेदन किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय सुरक्षित रख लिया कि मामले में वादी और प्रतिवादी कौन होंगे।

कोर्ट ने उन आवेदकों को 6 मई को पुनः उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं जिन्होंने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। दरगाह दीवान, अंजुमन कमेटी और अन्य पक्षकारों ने भी मामले में शामिल होने की अर्जी दी है।

याचिका में क्या दावे किए गए हैं

याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने अपनी याचिका में दरगाह परिसर के भीतर शिव मंदिर होने का दावा किया है। इससे पहले अदालत दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को नोटिस जारी कर चुकी है।

याचिका में यह भी माँग की गई है कि दरगाह परिसर में किसी भी नए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके अतिरिक्त, पूरे परिसर और आस्ताने शरीफ की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।

विष्णु गुप्ता ने क्या कहा

सुनवाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया कि शनिवार को काफी देर तक बहस हुई। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मेरिट बहस उसके बाद शुरू होगी — इसका अर्थ है कि यह मामला वर्षों तक खिंच सकता है। इस बीच, दरगाह परिसर में निर्माण रोक और सीसीटीवी निगरानी की माँगें सांप्रदायिक तनाव के संभावित बिंदु बन सकती हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर कानूनी प्रक्रिया की जटिलता और उसके दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमेर दरगाह शिव मंदिर विवाद का मामला क्या है?
यह मामला हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की उस याचिका पर आधारित है जिसमें दावा किया गया है कि अजमेर शरीफ दरगाह परिसर के भीतर एक शिव मंदिर मौजूद है। अदालत इस याचिका पर सुनवाई कर रही है और दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग तथा ASI को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
अजमेर दरगाह मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
जिला न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 6 मई 2026 तय की है। इस तारीख पर उन आवेदकों को भी उपस्थित होना होगा जिन्होंने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है।
मामले में 12 लोगों ने प्रतिवादी बनने की अर्जी क्यों दी?
'1/10' के तहत कोई भी इच्छुक पक्ष मामले में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकता है। 12 लोगों ने प्रतिवादी और 1 ने वादी बनने की अर्जी दी है; अदालत ने यह तय करने का फैसला अभी सुरक्षित रखा है।
मामले में मेरिट पर बहस कब शुरू होगी?
विष्णु गुप्ता के अनुसार, वादी और प्रतिवादी तय होने के बाद ही '7/11' यानी मेरिट पर बहस शुरू होगी। अभी '1/10' की प्रक्रिया यानी पक्षकार निर्धारण चल रही है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से और क्या माँगें की हैं?
याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने दरगाह परिसर में किसी भी नए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और पूरे परिसर व आस्ताने शरीफ की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से सुनिश्चित करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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