देश में 5.96 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय, 6.66 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया: पेट्रोलियम मंत्रालय

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देश में 5.96 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय, 6.66 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया: पेट्रोलियम मंत्रालय

सारांश

पेट्रोलियम मंत्रालय के ताज़ा आँकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 से देश में 5.96 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हो चुके हैं और 6.66 लाख उपभोक्ता कतार में हैं। 43,350 से अधिक लोगों ने एलपीजी सरेंडर कर दिया है — यह भारत की घरेलू ऊर्जा में बड़े बदलाव का संकेत है।

Key Takeaways

पेट्रोलियम मंत्रालय ने 2 मई 2026 को बताया कि मार्च 2026 से अब तक 5.96 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार; कुल क्षमता 8.64 लाख हुई। 6.66 लाख उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया; 43,350 से अधिक ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए। अप्रैल 2026 से 22.78 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर यूनिट्स बिकीं; 9,980 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित। सभी रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर कार्यरत; पेट्रोल-डीजल के भंडार पर्याप्त, कीमतों में कोई बदलाव नहीं। उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति छह माह के औसत का 98 प्रतिशत तक बढ़ाई गई।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार, 2 मई 2026 को जानकारी दी कि मार्च 2026 से अब तक देशभर में लगभग 5.96 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है, जिससे कुल क्षमता बढ़कर 8.64 लाख कनेक्शन हो गई है। मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, 6.66 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण भी करा लिया है।

पीएनजी कनेक्शन और एलपीजी सरेंडर की स्थिति

मंत्रालय ने बताया कि 1 मई 2026 तक 43,350 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर दिए हैं। यह आँकड़ा पाइप्ड गैस की बढ़ती स्वीकार्यता और घरेलू ऊर्जा के स्वरूप में हो रहे बदलाव का संकेत देता है। गौरतलब है कि सरकार लंबे समय से पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की जगह पीएनजी को प्रोत्साहन देने की नीति पर काम कर रही है।

एफटीएल सिलेंडर और जागरूकता शिविर

अप्रैल 2026 से अब तक 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की 22.78 लाख से अधिक यूनिट्स बेची जा चुकी हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (पीएसयू ओएमसी) ने 3 अप्रैल 2026 से अब तक 9,980 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 1.71 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। यह अभियान उपभोक्ताओं को छोटे और सुरक्षित सिलेंडर विकल्पों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

कमर्शियल एलपीजी और ऑटो एलपीजी की बिक्री

मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2026 से अब तक कुल 2,05,849 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है, जो 19 किलोग्राम के लगभग 108.34 लाख एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है। इसके अतिरिक्त, पीएसयू ओएमसी ने पिछले महीने से अब तक 10,698 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी भी बेचा है।

रिफाइनरी और ईंधन आपूर्ति की स्थिति

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश की सभी रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। उर्वरक संयंत्रों को गैस की आपूर्ति बढ़ाकर उनके पिछले छह महीनों के औसत उपयोग का लगभग 98 प्रतिशत कर दी गई है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी देखी गई, लेकिन देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पेट्रोकेमिकल आपूर्ति और अंतर-मंत्रालयी समन्वय

घरेलू बाजार में पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है। 9 अप्रैल 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों से 10,000 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपिलीन और 1,200 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट केमिकल, फार्मा और पेंट उद्योगों को बेचा गया है। यह कदम घरेलू औद्योगिक उत्पादन श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि 6.66 लाख पंजीकृत उपभोक्ताओं में से कितनों को वास्तव में और कब तक कनेक्शन मिलेगा — क्योंकि पंजीकरण और सक्रियता के बीच की खाई अक्सर शहरी-ग्रामीण विभाजन को उजागर करती है। 43,350 एलपीजी सरेंडर के आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर यह संख्या देश के कुल एलपीजी उपभोक्ता आधार के सामने अभी बहुत छोटी है। अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी की स्वीकृति बताती है कि जन-विश्वास की कड़ी अभी मजबूत नहीं है — और यही वह चुनौती है जिसे आँकड़े नहीं, जमीनी संवाद ही सुलझा सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

मार्च 2026 से अब तक कितने पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक लगभग 5.96 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, जिससे कुल क्षमता 8.64 लाख हो गई है।
कितने उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है?
मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, लगभग 6.66 लाख उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से कई उपभोक्ता अभी कनेक्शन सक्रिय होने की प्रतीक्षा में हैं।
क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें बदली हैं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण हुई घबराहट में खरीदारी निराधार बताई गई है।
एलपीजी सरेंडर करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या कितनी है?
1 मई 2026 तक 43,350 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। यह पाइप्ड गैस की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति की क्या स्थिति है?
मंत्रालय के अनुसार, उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति बढ़ाकर उनके पिछले छह महीनों के औसत उपयोग का लगभग 98 प्रतिशत कर दी गई है। इससे खाद उत्पादन पर किसी प्रतिकूल असर की संभावना कम है।
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