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तमिलनाडु मतगणना से पहले EPS के साथ अन्नाद्रमुक नेताओं की रणनीतिक बैठकें, 4 मई के नतीजों पर टिकी नजरें

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तमिलनाडु मतगणना से पहले EPS के साथ अन्नाद्रमुक नेताओं की रणनीतिक बैठकें, 4 मई के नतीजों पर टिकी नजरें

सारांश

तमिलनाडु में मतगणना से ठीक पहले अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पडी पलानीस्वामी के सलेम आवास पर वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। पूर्व मंत्री और सांसद स्तर के नेता मतगणना प्रक्रिया और नतीजों के बाद की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं — यह संकेत देता है कि पार्टी नेतृत्व हर राजनीतिक संभावना के लिए तैयार है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को होनी है।
अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पडी के.
पलानीस्वामी के सलेम आवास पर पिछले दो दिनों से वरिष्ठ नेताओं की बैठकें जारी हैं।
वेलुमणि , राज्यसभा सांसद एम.
मुनुसामी ने ईपीएस से मुलाकात की।
बैठकों में मतगणना प्रक्रिया, काउंटिंग एजेंट्स के समन्वय और नतीजों के बाद की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई।
अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन सत्तारूढ़ DMK गठबंधन को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रहा है।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के सलेम स्थित आवास पर पिछले दो दिनों से वरिष्ठ पार्टी नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई 2026 को होनी है, और इससे पहले पार्टी नेतृत्व मतगणना की तैयारियों तथा नतीजों के बाद की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार ये बैठकें आंतरिक रणनीति और बूथ स्तर के समन्वय पर केंद्रित हैं।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार, 1 मई को पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि और राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई ने सलेम के हाईवे सिटी स्थित पलानीस्वामी के आवास पर उनसे विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से मिले फीडबैक, मतगणना दिवस की तैयारियों, काउंटिंग एजेंट्स के समन्वय और जिला स्तर के नेताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

शनिवार, 2 मई को भी नेताओं का सिलसिला जारी रहा। पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर, सी. विजयभास्कर, ओ.एस. मणियन और के.पी. मुनुसामी के साथ सलेम उपनगरीय जिला सचिव इलंगोवन ने ईपीएस से मुलाकात की। यह बैठक आधे घंटे से अधिक चली और इसे काफी अहम माना जा रहा है।

बैठकों का केंद्रीय एजेंडा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में दो मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई — पहला, 4 मई की मतगणना प्रक्रिया और दूसरा, नतीजों के बाद अपनाई जाने वाली राजनीतिक रणनीति। बूथ स्तर के आंकड़ों, मतगणना रुझानों और संभावित राजनीतिक परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन सत्तारूढ़ मोर्चे को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की तैयारी में जुटा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर बताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब अन्नाद्रमुक पिछले कुछ वर्षों में आंतरिक विवादों और विभाजन से उबरते हुए पलानीस्वामी के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरी है।

पलानीस्वामी के लिए यह चुनाव व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे उनके नेतृत्व की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि पार्टी को अपनी खोई हुई ज़मीन वापस पाने के लिए इस चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करना होगा।

आगे क्या होगा

4 मई 2026 को मतगणना के साथ ही तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मतगणना तक इस तरह की परामर्श बैठकें जारी रहने की संभावना है। नतीजों के बाद अन्नाद्रमुक की आगामी रणनीति काफी हद तक इन्हीं बैठकों में तय की गई दिशा पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अपने नेतृत्व की वैधता स्थापित करने का अवसर है। मुख्यधारा की कवरेज बैठकों की गिनती पर ध्यान देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अन्नाद्रमुक के पास नतीजों के बाद गठबंधन बनाने या विपक्षी भूमिका निभाने की स्पष्ट योजना है। नतीजे चाहे जो भी हों, ये बैठकें बताती हैं कि पार्टी इस बार किसी भी राजनीतिक परिस्थिति में अनजान नहीं रहना चाहती।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना कब होगी?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए वोटों की मतगणना 4 मई 2026 को होनी है। इसके साथ ही राज्य की नई सरकार की तस्वीर स्पष्ट होगी।
एडप्पडी पलानीस्वामी के सलेम आवास पर बैठकों का मकसद क्या है?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये बैठकें मतगणना प्रक्रिया की तैयारी और नतीजों के बाद की राजनीतिक रणनीति तय करने के लिए हो रही हैं। काउंटिंग एजेंट्स के समन्वय और बूथ स्तर के आंकड़ों पर भी चर्चा हुई बताई जाती है।
अन्नाद्रमुक की बैठकों में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
बैठकों में पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि, राज्यसभा सांसद एम. थंबीदुरई, पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर, सी. विजयभास्कर, ओ.एस. मणियन, के.पी. मुनुसामी और सलेम उपनगरीय जिला सचिव इलंगोवन शामिल हुए। ये सभी नेता महासचिव एडप्पडी पलानीस्वामी से मिले।
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक का मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन है?
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन का मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन से है। अन्नाद्रमुक सत्तारूढ़ मोर्चे को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रही है।
इन बैठकों का राजनीतिक महत्व क्या है?
ये बैठकें इस बात का संकेत हैं कि अन्नाद्रमुक नेतृत्व मतगणना के हर संभावित परिणाम के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। आंतरिक विभाजन के बाद पलानीस्वामी के नेतृत्व में एकजुट होकर लड़े इस चुनाव के नतीजे पार्टी की भविष्य की दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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