एआईएडीएमके की कार्यसमिति बैठक अगस्त में, पलानीस्वामी करेंगे संगठन की बड़ी सर्जरी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) अपनी वर्किंग कमेटी की बैठक तय कार्यक्रम से कई महीने पहले अगस्त 2026 में बुलाने की तैयारी में है। पार्टी के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी इस बैठक के ज़रिए संगठनात्मक ढाँचे को कसने, आंतरिक असंतोष से निपटने और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति को अंतिम रूप देने की योजना बना रहे हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब पार्टी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद संगठनात्मक पुनर्निर्माण की कठिन प्रक्रिया से गुज़र रही है।
समय से पहले बैठक क्यों
चुनाव आयोग (ECI) के नियमों के अनुसार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को वर्ष में कम से कम एक बार जनरल काउंसिल और दो बार वर्किंग कमेटी की बैठक अनिवार्य रूप से करनी होती है। एआईएडीएमके परंपरागत रूप से यह बैठक दिसंबर में आयोजित करती रही है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार बैठक अगस्त में होने की संभावना है — जो सामान्य चक्र से लगभग चार महीने पहले है।
गौरतलब है कि यह बदलाव महज़ औपचारिकता नहीं है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर जो दरारें उभरी हैं, उन्हें पाटना पलानीस्वामी की तात्कालिक प्राथमिकता बन गई है।
85 जिलों की समीक्षा और अनुपस्थित नेता
13 जून 2026 से पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके के सभी 85 संगठनात्मक जिलों में जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें कीं, जो 25 जुलाई को संपन्न हुईं। इन बैठकों में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन और संगठनात्मक तैयारियों की पड़ताल की गई।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने उपस्थिति पर बारीकी से नज़र रखी। पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि, नथम विश्वनाथन, सी.वी. षणमुगम और पी. थंगामणि सहित कई वरिष्ठ नेता इन बैठकों से अनुपस्थित रहे। विधायक अरुणमोझी देवन, सुकुमार और राकेश भी उपस्थित नहीं हुए।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व अब अनुपस्थित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगने पर विचार कर रहा है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी असंतुष्ट नेताओं से सीधी बातचीत शुरू करेंगे। जो नेता नेतृत्व के प्रयासों में सहयोग करने को तैयार नहीं होंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है — जिसमें संगठन से निष्कासन भी शामिल है।
यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले एकजुट मोर्चा पेश करने की कोशिश में है।
स्थानीय निकाय चुनाव और संगठनात्मक पुनर्गठन
जिलास्तरीय समीक्षाओं के दौरान पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया कि एआईएडीएमके को स्थानीय निकाय चुनावों में अपना प्रदर्शन सुधारना होगा। उन्होंने जिला नेताओं को जमीनी स्तर पर मज़बूत लामबंदी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और वरिष्ठ पदाधिकारियों को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रस्तावित वर्किंग कमेटी बैठक में खाली संगठनात्मक पदों पर नई नियुक्तियाँ और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
आगे क्या होगा
कार्यसमिति की बैठक में संगठनात्मक बदलावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व के सामने दोहरी चुनौती है — एक ओर आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करना और दूसरी ओर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक सशक्त संगठनात्मक ढाँचा खड़ा करना। एआईएडीएमके के लिए यह बैठक केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला निर्णायक मंच साबित हो सकती है।