11 जुलाई 2026
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एआईएडीएमके समीक्षा बैठकों में फूटा असंतोष, सहयोगी विंग्स ने मांगा उचित प्रतिनिधित्व

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एआईएडीएमके समीक्षा बैठकों में फूटा असंतोष, सहयोगी विंग्स ने मांगा उचित प्रतिनिधित्व

सारांश

तमिलनाडु चुनाव के बाद एआईएडीएमके की समीक्षा बैठकों में सहयोगी विंग्स का दबा असंतोष फूट पड़ा है। महिला, यूथ और ट्रेडर्स विंग के पदाधिकारी वर्षों की मेहनत के बाद भी उचित प्रतिनिधित्व न मिलने पर नाराज हैं — और यह आवाज़ें पलानीस्वामी के सामने संगठनात्मक एकजुटता की असली परीक्षा बन गई हैं।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके महासचिव ए.के.
पलानीस्वामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
महिला विंग, एमजीआर यूथ विंग, यूथ विंग और ट्रेडर्स विंग के पदाधिकारियों ने संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने पर नाराजगी जताई।
धर्मपुरी और कृष्णागिरि की बैठकों में आईटी विंग की चुनावी कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।
एमजीआर यूथ विंग ने प्रस्ताव पारित कर पलानीस्वामी का आभार जताया; एआईएडीएमके-नीत एनडीए ने चुनाव में 52 सीटें जीती थीं।
एक अन्य प्रस्ताव में सत्तारूढ़ टीवीके सरकार की तुलना पिछली डीएमके सरकार से करते हुए आलोचना की गई।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के भीतर दबा हुआ असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। 11 जुलाई 2026 को चेन्नई से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के विभिन्न सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने और चुनावी अवसरों की कमी पर खुलकर नाराजगी जताई है।

समीक्षा बैठकों का क्रम

एआईएडीएमके के महासचिव ए.के. पलानीस्वामी इन दिनों जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों की श्रृंखला चला रहे हैं। इन बैठकों का उद्देश्य विधानसभा चुनाव में हार के कारणों का विश्लेषण करना, संगठनात्मक कमियों को चिह्नित करना और भविष्य की चुनावी रणनीति को नए सिरे से तैयार करना है। विभिन्न जिलों के नेताओं और पदाधिकारियों से चुनाव प्रचार की कार्यप्रणाली तथा आगे की योजनाओं पर सुझाव लिए जा रहे हैं।

सहयोगी विंग्स में व्यापक नाराजगी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, महिला विंग, एमजीआर यूथ विंग, यूथ विंग, ट्रेडर्स विंग और अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने एकसुर में यह मुद्दा उठाया कि वर्षों तक जमीनी स्तर पर काम करने के बावजूद उन्हें न तो संगठन में अहम जिम्मेदारियाँ दी गईं और न ही विधानसभा या स्थानीय निकाय चुनावों में पर्याप्त अवसर मिले। यह ऐसे समय में उभरा है जब पार्टी अगले चुनावी चक्र की तैयारी में जुटी है।

महिला विंग की एक हालिया बैठक में कई पदाधिकारियों ने माँग रखी कि संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाए और भविष्य के चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अधिक टिकट आवंटित किए जाएँ।

आईटी विंग की कार्यशैली पर सवाल

धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों के पदाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कुछ नेताओं ने पार्टी की आईटी विंग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आईटी विंग सत्तारूढ़ दल के प्रचार का प्रभावी ढंग से जवाब देने में विफल रही। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने इस आलोचना के जवाब में कहा कि केवल आईटी विंग ही नहीं, बल्कि कई अन्य सहयोगी संगठन भी चुनाव अभियान के दौरान अपेक्षित स्तर पर काम नहीं कर पाए। उन्होंने बेहतर समन्वय और संगठनात्मक अनुशासन मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

एमजीआर यूथ विंग की बैठक और प्रस्ताव

पूर्व सांसद एस.आर. विजयकुमार के नेतृत्व वाली एमजीआर यूथ विंग ने शुक्रवार को एक अलग विचार-विमर्श बैठक आयोजित की। इसमें शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद यूथ विंग के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चुनाव लड़ने के अधिक अवसर और संगठन में नेतृत्व की जिम्मेदारियाँ देने की माँग की।

बैठक के अंत में एमजीआर यूथ विंग ने एक प्रस्ताव पारित कर पलानीस्वामी का आभार जताया। प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि उनके नेतृत्व में एआईएडीएमके-नीत एनडीए ने विधानसभा चुनाव में 52 सीटों पर जीत हासिल की। एक अन्य प्रस्ताव में सत्तारूढ़ टीवीके सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए आरोप लगाया गया कि वह काफी हद तक पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) सरकार जैसी ही है।

आगे की राह

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह असंतोष किसी एक-दो संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और सहयोगी इकाइयों की व्यापक माँग है। गौरतलब है कि यह असंतोष ऐसे समय में सतह पर आया है जब पार्टी अगले चुनावी मुकाबले के लिए अपनी रणनीति को धार देने में लगी है। समीक्षा बैठकों का यह दौर जारी है और पलानीस्वामी के सामने चुनौती है कि वे सहयोगी विंग्स की अपेक्षाओं को पूरा करते हुए पार्टी को एकजुट रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सत्ता से बाहर रहते हुए पार्टी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को कितने समय तक बिना ठोस हिस्सेदारी के साथ रख सकती है। आलोचकों का कहना है कि जब तक टिकट वितरण और संगठनात्मक पदों में पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती, तब तक ये बैठकें असंतोष को हल करने के बजाय उसे दर्ज करने का मंच बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके की समीक्षा बैठकों में क्या हुआ?
महासचिव ए.के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में हो रही जिला-स्तरीय समीक्षा बैठकों में सहयोगी विंग्स के पदाधिकारियों ने खुलकर असंतोष जताया। उनकी मुख्य माँग संगठन में उचित प्रतिनिधित्व और भविष्य के चुनावों में अधिक टिकट देने की है।
एआईएडीएमके में किन विंग्स ने नाराजगी जताई है?
महिला विंग, एमजीआर यूथ विंग, यूथ विंग और ट्रेडर्स विंग के पदाधिकारियों ने असंतोष व्यक्त किया है। इन सभी का कहना है कि वर्षों की जमीनी मेहनत के बावजूद उन्हें न संगठन में अहम जिम्मेदारियाँ मिलीं और न ही चुनाव लड़ने के पर्याप्त अवसर।
पलानीस्वामी ने आईटी विंग की आलोचना पर क्या कहा?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी ने स्वीकार किया कि केवल आईटी विंग ही नहीं, बल्कि कई सहयोगी संगठन चुनाव प्रचार के दौरान अपेक्षित स्तर पर काम नहीं कर पाए। उन्होंने भविष्य के लिए बेहतर समन्वय और संगठनात्मक अनुशासन पर जोर दिया।
एमजीआर यूथ विंग ने क्या प्रस्ताव पारित किया?
एमजीआर यूथ विंग ने पलानीस्वामी का आभार जताते हुए एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके नेतृत्व में एआईएडीएमके-नीत एनडीए ने विधानसभा चुनाव में 52 सीटें जीतीं। एक अन्य प्रस्ताव में सत्तारूढ़ टीवीके सरकार की तुलना पिछली डीएमके सरकार से की गई।
यह असंतोष एआईएडीएमके के भविष्य के लिए क्यों अहम है?
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह असंतोष किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं की व्यापक माँग है। ऐसे में अगले चुनावी चक्र से पहले पलानीस्वामी के लिए सहयोगी विंग्स को साथ रखना एक बड़ी संगठनात्मक चुनौती बन गई है।
राष्ट्र प्रेस
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