ईरानी विदेश मंत्री अराघची मस्कट पहुंचे, तेहरान में धमाके की खबर; अमेरिकी हमले में ₹2,500 करोड़ का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 11 जुलाई को अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे, जहाँ ओमानी अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब तेहरान के पूर्वी हिस्से में जोरदार धमाके की सूचना मिली और ईरान ने अमेरिकी हमलों में अपने शोध बुनियादी ढाँचे को लगभग 30 करोड़ डॉलर (करीब ₹2,500 करोड़) के नुकसान का दावा किया।
मस्कट में वार्ता का उद्देश्य
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्टों के अनुसार, अराघची की मस्कट यात्रा का प्रमुख लक्ष्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत को नई गति देना है। ओमान पहले भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और हवाई हमलों की पृष्ठभूमि में कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेहरान में धमाके की खबर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान के पूर्वी इलाके में स्थित पाकदश्त और कियामदश्त क्षेत्रों के निवासियों ने शनिवार को जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी। हालाँकि, धमाके की सटीक वजह और स्थान की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और इस पर कोई सरकारी बयान जारी नहीं किया गया है।
अमेरिकी हमले में शोध ढाँचे को भारी नुकसान का दावा
ईरानी राष्ट्रपति के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था मामलों के उपाध्यक्ष हुसैन अफशीन ने कहा कि युद्ध के दौरान देश के शोध बुनियादी ढाँचे को लगभग 30 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्टों के अनुसार, अफशीन ने कहा, 'हम देश में उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर काम कर रहे थे, जिनका कोई सैन्य उपयोग नहीं था। दुश्मन ने ईरान की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को निशाना बनाया, जिसे अब और मजबूती के साथ फिर से खड़ा किया जाएगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम आज की दुनिया में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक मजबूत शक्ति बनने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि जो भी देश इस क्षेत्र में निवेश करेगा, वह सफल होगा।'
सशस्त्र बलों की सतर्कता पर प्रवक्ता का बयान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के सशस्त्र बल देश के तटों, द्वीपों, सीमाओं और संवेदनशील स्थानों पर दुश्मन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये बल अपनी कार्रवाइयों के माध्यम से 'ईरान की सुरक्षा और शांति की रक्षा कर रहे हैं।'
आगे क्या होगा
कूटनीतिक हलकों में नजरें अब मस्कट वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं। यदि ओमान की मध्यस्थता में कोई सहमति बनती है, तो यह मध्य पूर्व में तनाव घटाने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है। तेहरान में धमाके की पुष्टि और उसकी जिम्मेदारी को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का इंतजार है।