बेरूत पर हमले की सूरत में ईरान देगा सैन्य जवाब, अराघची की इजरायल को दो टूक चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 4 जून को साफ चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने बेरूत पर हमला किया, तो तेहरान सैन्य जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने सभी पक्षों को स्पष्ट कर दिया है कि लेबनान की राजधानी पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा कदम क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध भड़काने का कारण बन सकता है।
अराघची का बयान और संदर्भ
लेबनानी टीवी चैनल अल मयादीन को बुधवार (स्थानीय समयानुसार) दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और बेरूत पर हमले की स्थिति में इजरायल के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल ने हाल के दिनों में ईरान और लेबनान — दोनों मोर्चों पर युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
ईरान-लेबनान की जुड़ी हुई स्थिति
अराघची ने कहा कि मौजूदा संघर्ष में ईरान और लेबनान की स्थिति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी युद्धविराम या समझौते में दोनों देशों को शामिल किया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय तनाव कथित तौर पर एक नए चरण की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिका के साथ बातचीत का हाल
विदेश मंत्री ने बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संदेशों के आदान-प्रदान के जरिए बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। दोनों पक्ष आपस में भेजे गए मसौदों की समीक्षा कर रहे हैं और अंतिम समझौते का स्वरूप तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
अराघची ने दोहराया कि ईरान ‘सम्मान और गरिमा पर आधारित शांति और सुरक्षा’ चाहता है और युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेहरान ने बातचीत के प्रस्तावों का सकारात्मक जवाब दिया है, हालांकि ईरानी सेना किसी भी समय सैन्य अभियान शुरू करने और लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखती है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का खंडन
पिछले कुछ हफ्तों में ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए शांति की शर्तों से जुड़े कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है। दोनों देश युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे बताए जा रहे हैं।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने सोमवार को रिपोर्ट दी थी कि लेबनान में इजरायल की ताज़ा कार्रवाइयों के विरोध में तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान रोक दिया है। कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खबर का खंडन करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तेज़ी से जारी है।
आईआरजीसी की जवाबी कार्रवाई
इससे पहले बुधवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान के दक्षिणी केश्म द्वीप पर स्थित आईआरजीसी के एक संचार टावर पर अमेरिका द्वारा रात में किए गए कथित हमले के जवाब में की गई।
आने वाले दिनों में बेरूत मोर्चे पर इजरायली रुख और तेहरान-वॉशिंगटन वार्ता की दिशा ही तय करेगी कि क्षेत्र में युद्धविराम बचेगा या टकराव और गहराएगा।