24 जुलाई 2026
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अराघची की ट्रंप को चेतावनी: अमेरिकी सैन्य हमले बढ़ाएंगे समझौते की कीमत, रुबियो के दावे खारिज

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अराघची की ट्रंप को चेतावनी: अमेरिकी सैन्य हमले बढ़ाएंगे समझौते की कीमत, रुबियो के दावे खारिज

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर सीधे शब्दों में कहा — अमेरिकी हमले जारी रहे तो ट्रंप को समझौते के लिए और बड़ी कीमत चुकानी होगी। लगातार 13वीं रात के हमलों और होर्मुज में टैंकर विस्फोट के बीच यह टकराव अब कूटनीतिक और सैन्य, दोनों मोर्चों पर एक साथ उबल रहा है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने 24 जुलाई को एक्स पर चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य हमले ट्रंप की संभावित डील को और महंगी बना देंगे।
अराघची ने मार्को रुबियो के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि ईरान निजी तौर पर बातचीत करना चाहता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लगातार 13वीं रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की — हमले अमेरिकी पूर्वी समय शाम 6:45 बजे शुरू हुए।
आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को रोका; एक में विस्फोट और आग लगी।
रुबियो ने मनीला में आसियान बैठक के दौरान ट्रंप की 'आंख के बदले सिर' नीति का उल्लेख किया।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 24 जुलाई को स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरान पर अमेरिका के निरंतर सैन्य हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की किसी भी संभावित कूटनीतिक पहल को और महंगी बना देंगे। अराघची ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयानों को 'जमीनी हकीकत से कटा हुआ' बताते हुए सिरे से नकार दिया।

अराघची का एक्स पर सीधा संदेश

अराघची ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'अमेरिकी प्रशासन में समझौते की वकालत करने वाले लोग जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर केवल 2028 पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'वे जिस बिना सोचे-समझे सैन्य हमले की वकालत कर रहे हैं, उससे केवल यह सुनिश्चित होगा कि ट्रंप को उस समझौते के लिए और अधिक कीमत चुकानी पड़े, जिसे हासिल करने की वह कोशिश कर रहे हैं।'

रुबियो के दावे और तेहरान की प्रतिक्रिया

अराघची की यह तीखी प्रतिक्रिया रुबियो के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान संघर्ष समाप्त करने के लिए वाशिंगटन के साथ निजी स्तर पर बातचीत करना चाहता है — हालाँकि साथ ही स्वीकार किया कि तेहरान अभी किसी औपचारिक समझौते के लिए तैयार नहीं है। मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रति 'आंख के बदले सिर' की नीति अपनाई है और यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रही तो तेहरान को और भारी कीमत चुकानी होगी।

लगातार 13वीं रात अमेरिकी हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने गुरुवार शाम अमेरिकी पूर्वी समयानुसार 6:45 बजे ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों का एक और दौर शुरू किया — यह लगातार 13वीं रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। सेंट्रल कमांड ने एक्स पर कहा कि अभियान का उद्देश्य 'ईरान को जवाबदेह ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग को होने वाले खतरों को कम करना' है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव

इससे पहले गुरुवार को, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने तीन तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोका। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि ये टैंकर 'अमेरिकी उकसावे में आकर बारूदी सुरंग वाले मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे' — जिनमें से एक में विस्फोट और आग लगने के बाद बाकी दो तेजी से लौट गए। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि ईरान की मंजूरी के बिना इस मार्ग से गुजरने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज का 'यही अंजाम होगा।'

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव एक साथ चरम पर है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, और इस क्षेत्र में अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर डाल सकती है। अराघची की चेतावनी संकेत देती है कि तेहरान निकट भविष्य में कूटनीतिक लचीलेपन की बजाय दृढ़ता की नीति पर कायम रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि निकट भविष्य में किसी समझौते की संभावना अभी दूर है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची ने ट्रंप को क्या चेतावनी दी?
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अमेरिका के निरंतर सैन्य हमले राष्ट्रपति ट्रंप की किसी भी संभावित डील को और महंगी बना देंगे। उन्होंने यह बयान 24 जुलाई को एक्स पर पोस्ट किया।
रुबियो ने ईरान के बारे में क्या दावा किया था?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मनीला में आसियान बैठक के दौरान दावा किया कि ईरान निजी स्तर पर संघर्ष समाप्त करने की बातचीत करना चाहता है, हालाँकि तेहरान अभी किसी औपचारिक समझौते के लिए तैयार नहीं है। अराघची ने इस दावे को जमीनी हकीकत से कटा हुआ बताकर खारिज कर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ?
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने तीन तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोका, जिनमें से एक में विस्फोट के बाद आग लग गई और बाकी दो लौट गए। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि ईरान की मंजूरी के बिना इस मार्ग से गुजरने का प्रयास करने वाले जहाजों का भी यही हश्र होगा।
अमेरिका ने ईरान पर कितने दिनों से हमले किए हैं?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 24 जुलाई की शाम तक अमेरिकी सेना लगातार 13वीं रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर चुकी थी। हमले अमेरिकी पूर्वी समयानुसार शाम 6:45 बजे शुरू हुए।
अमेरिका-ईरान तनाव का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, और इस क्षेत्र में अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों को सीधे प्रभावित कर सकती है। टैंकरों पर कार्रवाई और लगातार सैन्य हमलों से शिपिंग बीमा लागत और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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