अराघची की ट्रंप को चेतावनी: अमेरिकी सैन्य हमले बढ़ाएंगे समझौते की कीमत, रुबियो के दावे खारिज
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 24 जुलाई को स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरान पर अमेरिका के निरंतर सैन्य हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की किसी भी संभावित कूटनीतिक पहल को और महंगी बना देंगे। अराघची ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयानों को 'जमीनी हकीकत से कटा हुआ' बताते हुए सिरे से नकार दिया।
अराघची का एक्स पर सीधा संदेश
अराघची ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'अमेरिकी प्रशासन में समझौते की वकालत करने वाले लोग जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर केवल 2028 पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'वे जिस बिना सोचे-समझे सैन्य हमले की वकालत कर रहे हैं, उससे केवल यह सुनिश्चित होगा कि ट्रंप को उस समझौते के लिए और अधिक कीमत चुकानी पड़े, जिसे हासिल करने की वह कोशिश कर रहे हैं।'
रुबियो के दावे और तेहरान की प्रतिक्रिया
अराघची की यह तीखी प्रतिक्रिया रुबियो के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान संघर्ष समाप्त करने के लिए वाशिंगटन के साथ निजी स्तर पर बातचीत करना चाहता है — हालाँकि साथ ही स्वीकार किया कि तेहरान अभी किसी औपचारिक समझौते के लिए तैयार नहीं है। मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रति 'आंख के बदले सिर' की नीति अपनाई है और यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रही तो तेहरान को और भारी कीमत चुकानी होगी।
लगातार 13वीं रात अमेरिकी हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने गुरुवार शाम अमेरिकी पूर्वी समयानुसार 6:45 बजे ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों का एक और दौर शुरू किया — यह लगातार 13वीं रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। सेंट्रल कमांड ने एक्स पर कहा कि अभियान का उद्देश्य 'ईरान को जवाबदेह ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग को होने वाले खतरों को कम करना' है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव
इससे पहले गुरुवार को, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने तीन तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोका। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि ये टैंकर 'अमेरिकी उकसावे में आकर बारूदी सुरंग वाले मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे' — जिनमें से एक में विस्फोट और आग लगने के बाद बाकी दो तेजी से लौट गए। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि ईरान की मंजूरी के बिना इस मार्ग से गुजरने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज का 'यही अंजाम होगा।'
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव एक साथ चरम पर है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, और इस क्षेत्र में अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर डाल सकती है। अराघची की चेतावनी संकेत देती है कि तेहरान निकट भविष्य में कूटनीतिक लचीलेपन की बजाय दृढ़ता की नीति पर कायम रहेगा।