क्या ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ट्रंप की चेतावनी पर गुस्सा जताया?

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क्या ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ट्रंप की चेतावनी पर गुस्सा जताया?

सारांश

तेहरान में महंगाई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दखलअंदाजी को खारिज करते हुए ईरान की सेना की संप्रभुता की रक्षा की बात की।

Key Takeaways

  • ईरान में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
  • डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अराघची का गुस्सा।
  • शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना ईरानियों का अधिकार है।
  • ईरान ने दखलअंदाजी को खारिज किया।
  • अमेरिका की टैरिफ नीति का प्रभाव।

तेहरान, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में महंगाई के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जेन-जी के इस विरोध प्रदर्शन में कई लोगों की जान चली गई है। प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्शन लेने की बात कही थी। इस मामले में अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की प्रतिक्रिया सामने आई है।

विदेश मंत्री अराघची ने देश के अंदरूनी मामलों में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी को सख्ती से खारिज किया। दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान शांति से प्रदर्शन करने वाले लोगों को मारता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान की सेना जानती है कि यदि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन होता है तो उसे कहां निशाना साधना है।

गौरतलब है कि ईरान में पिछले रविवार से नेशनल करेंसी रियाल की तेज गिरावट के चलते लगभग 21 राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसे लेकर विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव से प्रभावित ईरानियों का अधिकार है।

इस दौरान उन्होंने एक पुलिस स्टेशन पर हमले और अधिकारियों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने का उल्लेख किया और हिंसा के प्रति अपनी राय रखी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर आपराधिक हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।

ईरानी मीडिया ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के दो प्रांतों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए और 13 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।

ईरान के पश्चिमी लोरेस्टन प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के डिप्टी गवर्नर सईद पौराली ने हाल के विरोध प्रदर्शनों की वजह आर्थिक शिकायतें बताईं। अमेरिका की टैरिफ नीति पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि करेंसी में उतार-चढ़ाव और रोजी-रोटी की चिंताओं सहित आर्थिक दबाव क्रूर पश्चिमी प्रतिबंधों से उत्पन्न हुए हैं।

ज्ञात रहे, अमेरिका ने 2018 में ईरान के न्यूक्लियर समझौते को खत्म कर दिया था। यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच 2015 में हुआ था। अमेरिका के समझौते तोड़ने और नए प्रतिबंध लगाने के बाद से ईरानी रियाल तेजी से कमजोर हुआ है। इस समय अमेरिकी डॉलर खुली बाजार में 1.35 मिलियन रियाल से ज्यादा के रेट पर ट्रेड कर रहा है।

Point of View

जिसमें ईरान के नागरिक अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। विदेश मंत्री अराघची का यह बयान यह दर्शाता है कि ईरान अपने आंतरिक मामलों में बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमें इस माहौल को समझने की आवश्यकता है, ताकि स्थिति को बेहतर बनाया जा सके।
NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
ईरान में महंगाई और नेशनल करेंसी रियाल की गिरावट के खिलाफ लोग विरोध कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।
अराघची ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने दखलअंदाजी को खारिज करते हुए कहा कि ईरान की सेना अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानती है।
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