अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से पहले कश्मीर में सुरक्षा समीक्षा, आईजीपी सुजीत कुमार ने की उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुजीत कुमार (आईपीएस) ने 4 सितंबर 2026 को पीसीआर कश्मीर में आगामी अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की सुरक्षा तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का केंद्रीय उद्देश्य महोत्सव स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना था, ताकि यह आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहे।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त आयुक्त एसबी श्रीनगर, डीआईजी एसएसबी श्रीनगर, डीआईजी आईटीबीपी श्रीनगर, सीआईडी कश्मीर, सीकेआर श्रीनगर, ट्रैफिक कश्मीर, आर्म्ड/आईआर कश्मीर, सीआरपीएफ (दक्षिण एवं उत्तर श्रीनगर), बीएसएफ, पीसीआर कश्मीर, रेलवे कश्मीर, एसडीआरएफ, एसआईबी, सेना, पर्यटन विभाग, सूचना विभाग तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बहु-एजेंसी भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रशासन इस आयोजन को किस स्तर की प्राथमिकता दे रहा है।
सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा
बैठक में आईजीपी सुजीत कुमार ने समग्र सुरक्षा तैनाती योजनाओं, कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा, प्रवेश नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की गहन समीक्षा की। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
आईजीपी ने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित स्थलों पर आगंतुकों, प्रतिभागियों, गणमान्य व्यक्तियों और अन्य संबंधित लोगों की संभावित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों की रणनीतिक तैनाती सुनिश्चित की जाए।
मार्ग सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी निर्धारित मार्गों की पूर्ण जाँच की जाए और रोड ओपनिंग पार्टियों (आरओपी) की उचित तैनाती कर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। प्रवेश और निकास बिंदुओं को सुव्यवस्थित रखने तथा कार्यक्रम स्थलों के आसपास लोगों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
यातायात प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए आईजीपी ने कहा कि ऐसे प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किए जाएँ जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए, ताकि आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
रीयल-टाइम समन्वय और सतर्कता
आईजीपी सुजीत कुमार ने महोत्सव के दौरान सभी संबंधित एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम सूचना साझाकरण और करीबी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को उच्च सतर्कता बनाए रखने, निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा सभी आवश्यक सुरक्षा एवं निवारक उपाय पहले से लागू करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि कश्मीर में इस स्तर का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पर्यटन और सांस्कृतिक कूटनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, और प्रशासन इसे किसी भी सुरक्षा चूक के बिना संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है।