जम्मू-कश्मीर: डीजीपी नलिन प्रभात ने पुलिस-CAPF के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की, 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को श्रीनगर में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाइब्रिड ऑपरेशनल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोहों से ठीक पहले आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा हालात, कानून-व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारियों का व्यापक आकलन करना था।
बैठक में क्या हुई चर्चा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के विभिन्न रेंज, जिलों और विंग्स के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। CAPF के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें सम्मिलित थे। सूत्रों के अनुसार, चर्चा मुख्यतः घुसपैठ रोकने के उपायों, इलाके पर नियंत्रण, खुफिया जानकारी साझा करने और आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित रही। DGP नलिन प्रभात ने हाई अलर्ट बनाए रखने, पुलिस और CAPF के बीच बेहतर समन्वय और शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को सक्रिय रूप से नाकाम करने पर विशेष जोर दिया।
हाई अलर्ट की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पहले से चाक-चौबंद है। 31 जुलाई को अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कॉन्स्टेबल आशिक कुरैशी की आतंकवादियों द्वारा दिनदहाड़े हत्या के बाद से पूरे प्रदेश में हाई सिक्योरिटी अलर्ट लागू है। इसके बाद आतंकवादियों ने कुलगाम जिले के केलम गाँव में दो बाहरी मजदूरों — दीपक और भूपिंदर — की ईंट भट्ठे पर बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों 20 से 25 वर्ष के बीच के थे और छत्तीसगढ़ के निवासी थे। गौरतलब है कि कुछ ही हफ्तों में एक पुलिसकर्मी और दो निर्दोष मजदूरों की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को और गहरा किया है।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ और सुरक्षा इंतजाम
15 अगस्त के मुख्य समारोह श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में आयोजित होंगे, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले गुरुवार को बख्शी स्टेडियम में फुल-ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई, जिसमें कश्मीर डिवीजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने सलामी ली। परेड, झंडा फहराने के कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
आगे की राह
सुरक्षा एजेंसियाँ स्वतंत्रता दिवस के बाद भी अपनी ऑपरेशनल सतर्कता जारी रखने का संकेत दे रही हैं। हाइब्रिड बैठकों का यह सिलसिला नियमित रूप से जारी रहता है, जिसमें जमीनी स्तर के अधिकारी वास्तविक समय में सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी साझा करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, घाटी में किसी भी असामान्य गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।