बिहार SIR विवाद: उपेंद्र कुशवाहा बोले — चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने सर्वसम्मति से दिया स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने 27 सितंबर 2026 को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए बिहार के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद पर चुनाव आयोग के संयुक्त स्पष्टीकरण का स्वागत किया। उनके अनुसार, तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर SIR से जुड़ी तमाम शंकाओं का जवाब दिया है।
क्या था विवाद
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि SIR के मुद्दे पर चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद हैं — कि किसी आयुक्त ने फैसले का विरोध किया, जबकि किसी अन्य ने उसका समर्थन किया। इसके साथ ही फैसले की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे थे। कुशवाहा के अनुसार, इस विलंबित प्रतिक्रिया के कारण जनता के बीच अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
आयोग का स्पष्टीकरण और कुशवाहा की प्रतिक्रिया
कुशवाहा ने कहा कि चुनाव आयोग ने औपचारिक रूप से विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा, तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की है, जिससे यह साफ हो गया है कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। कुशवाहा ने इस स्पष्टीकरण को एक सकारात्मक कदम बताया।
गौरतलब है कि SIR को लेकर यह विवाद ऐसे समय में उठा जब बिहार में आगामी चुनावी प्रक्रिया की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।
विपक्ष पर हमला
RLM अध्यक्ष ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद भी विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसे देश की जनता और लोकतंत्र की नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक रणनीति की चिंता है।
कुशवाहा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक माफी माँगने की भी मांग की। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विपक्ष अपनी रणनीति के अनुसार इस मुद्दे को उठाता रहेगा।
राजनीतिक परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में SIR को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तनाव अपने चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए, खासकर तब जब आयोग के भीतर मतभेद की खबरें आई थीं। चुनाव आयोग का यह संयुक्त स्पष्टीकरण उन खबरों को खारिज करता है।
आगे की स्थिति
चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद अब सभी की नज़रें विपक्ष के अगले कदम और SIR की प्रक्रिया पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद बिहार की चुनावी राजनीति में आने वाले हफ्तों में भी प्रासंगिक बना रहेगा।