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चुनाव आयोग के SIR स्पष्टीकरण पर बोले मंत्री दीपक प्रकाश: 'विपक्ष को संदेह है तो रास्ता खुला'

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चुनाव आयोग के SIR स्पष्टीकरण पर बोले मंत्री दीपक प्रकाश: 'विपक्ष को संदेह है तो रास्ता खुला'

सारांश

चुनाव आयोग ने SIR निर्णयों पर सर्वसम्मति का दावा करते हुए प्रेस नोट जारी किया, जिसे बिहार मंत्री दीपक प्रकाश ने सराहा। विपक्ष के जारी सवालों पर उन्होंने कहा — रास्ता खुला है। साथ ही जमुई कांड में POCSO उल्लंघन के आरोप और बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी विवाद जारी है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने 27 सितंबर 2026 को प्रेस नोट जारी कर कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।
बिहार मंत्री दीपक प्रकाश ने आयोग के स्पष्टीकरण का स्वागत किया, कहा — अब भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी , प्रियंका गांधी समेत विपक्षी दलों ने सवाल जारी रखे हैं।
जमुई कांड में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से नाबालिग पीड़िता की तस्वीर साझा होने पर POCSO अधिनियम उल्लंघन के आरोप लगाए गए; तस्वीर बाद में हटाई गई।
तेजस्वी यादव और RJD नेताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने रविवार, 28 सितंबर 2026 को मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने अपने ताज़े प्रेस नोट में सभी विवादित बिंदुओं पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को अब भी किसी बात पर संदेह है, तो उनके लिए आगे का रास्ता खुला है। चुनाव आयोग ने 27 सितंबर 2026 को जारी प्रेस नोट में कहा था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े समस्त निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सहमति और सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

आयोग का स्पष्टीकरण और मंत्री की प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग में आंतरिक असहमति की अटकलों के बीच जारी इस प्रेस नोट को मंत्री दीपक प्रकाश ने सराहा। उन्होंने कहा कि आयोग ने सभी मुद्दों पर अपना रुख साफ कर दिया है और अब किसी भी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। गौरतलब है कि यह विवाद उस समय और गहरा हो गया था जब विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू किए थे।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और नेताओं के आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं। मंत्री ने इन आरोपों पर सीधे जवाब देते हुए कहा कि जो भी न्यायिक या संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं, विपक्ष उनका उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है।

बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल

पटना में हाल ही में एक गैराज ऑपरेटर की हत्या के मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि शासन और प्रशासन हर जगह निगरानी रख रहा है। उन्होंने माना कि इस तरह की घटनाएं दुखद हैं, किंतु उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा हर मामले में पूरी और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जमुई कांड और POCSO विवाद

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अधिकारी सोशल मीडिया हैंडल से जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर साझा करने के मामले पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया था। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया है कि नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करके मुख्यमंत्री ने POCSO अधिनियम का उल्लंघन किया है।

आगे की स्थिति

चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल बना हुआ है कि क्या विपक्ष अपनी आपत्तियाँ न्यायालय तक ले जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली पर यह बहस आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में और तेज़ हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मूल प्रश्न अनुत्तरित है — असहमति की अटकलें कहाँ से उठीं और क्यों? सत्ता पक्ष का 'रास्ता खुला है' वाला जवाब राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर संस्थागत पारदर्शिता का विकल्प नहीं। जमुई कांड में POCSO उल्लंघन के आरोप अधिक गंभीर हैं — एक मुख्यमंत्री के आधिकारिक हैंडल से नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होना, चाहे इरादा कुछ भी रहा हो, कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से जवाबदेही की माँग करता है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग ने SIR पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
चुनाव आयोग ने 27 सितंबर 2026 को जारी प्रेस नोट में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सहमति और सर्वसम्मति से लिए गए हैं। यह स्पष्टीकरण आयोग में आंतरिक असहमति की अटकलों के जवाब में आया।
मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष को क्या जवाब दिया?
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि चुनाव आयोग ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया है और अब भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को अब भी संदेह है तो उनके लिए आगे का रास्ता खुला है।
जमुई कांड में POCSO विवाद क्या है?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अधिकारी सोशल मीडिया हैंडल से जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और RJD ने आरोप लगाया कि इससे POCSO अधिनियम का उल्लंघन हुआ क्योंकि नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या सवाल उठाए गए हैं?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी विपक्ष अपनी आपत्तियाँ वापस लेने को तैयार नहीं दिखता।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर सरकार का क्या रुख है?
मंत्री दीपक प्रकाश ने एक गैराज ऑपरेटर की हत्या सहित हाल की घटनाओं पर कहा कि ये दुखद हैं लेकिन सरकार हर मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन हर जगह निगरानी रख रहा है।
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