SIR विवाद पर चुनाव आयोग की सफाई के बाद संतोष सुमन का विपक्ष पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने 26 सितंबर 2026 को पटना में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ताज़ा स्पष्टता के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम की असलियत उजागर हो गई है। उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे राजनीतिक आरोपों के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें।
चुनाव आयोग ने क्या स्पष्ट किया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी ने नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में आयोग की पूर्ण बैठक की। तीनों आयुक्तों की संयुक्त तस्वीर के साथ जारी एक विस्तृत प्रेस नोट में आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR से जुड़े निर्णय किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए संस्थागत निर्णय हैं।
आयोग ने यह भी बताया कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और SIR के लिए अलग अनुबंध-डी की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, आयोग ने भविष्य में बैठकों के एजेंडे पहले साझा करने और कार्यवाही के मिनट्स जारी करने की व्यवस्था का भी संकेत दिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान उस मीडिया रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि चुनाव आयुक्त संधू और जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े कई फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी। इन खबरों से बड़ा राजनीतिक विवाद उठ खड़ा हुआ था, जिसमें विपक्षी दलों ने आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए अधिक पारदर्शिता की माँग की थी।
गौरतलब है कि आयोग के भीतर कथित मतभेदों की खबरें सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे संस्था की विश्वसनीयता पर हमले के रूप में भुनाने की कोशिश की थी।
संतोष सुमन की प्रतिक्रिया
सुमन ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श या सुझावों को अंतिम निर्णय से जोड़कर किसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है — पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रखना जितना ज़रूरी है, उतना ही अपात्र और फर्जी नामों की पहचान करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ECI की पारदर्शिता बढ़ाने की पहल — जैसे एजेंडा पूर्व-साझाकरण और कार्यवाही मिनट्स — जवाबदेही को मजबूत करने वाला कदम है।
विपक्ष से सहयोग की अपील
सुमन ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता के मामले में जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें। उन्होंने चेताया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को कमज़ोर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, ECI का यह स्पष्टीकरण और सुमन की प्रतिक्रिया दोनों ही बिहार में NDA गठबंधन के भीतर एकजुटता का संकेत देते हैं, जहाँ अगले चुनावी चक्र से पहले मतदाता सूची की साफ-सफाई एक अहम मुद्दा बन चुकी है।