चुनाव आयोग की विश्वसनीयता खतरे में — CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग: CPI महासचिव डी. राजा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की। यह माँग उस रिपोर्ट के सामने आने के बाद उठी है, जिसमें दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। इस खुलासे ने देश की शीर्ष चुनावी संस्था की स्वायत्तता और निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
डी. राजा ने कहा, 'न केवल मौजूदा चुनाव आयुक्त, बल्कि पूर्व चुनाव आयुक्तों ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कामकाज का कड़ा विरोध किया है।' उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद से आयोग ने अपनी विश्वसनीयता गँवा दी है और लोगों का भरोसा बहाल करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों का एक व्यापक गठबंधन पहले ही चुनाव आयोग में ढाँचागत सुधारों की माँग उठा चुका है। CPI के अलावा कई अन्य दलों ने भी मौजूदा CEC को हटाने की आवाज़ बुलंद की है।
चुनाव आयोग पर विश्वसनीयता का सवाल
डी. राजा ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसे निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक योग्य नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा, 'अब ये सभी बातें सवालों के घेरे में हैं।' उनका यह भी कहना था कि आयोग में व्यापक सुधार लाए बिना जनता का विश्वास लौटाना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब चुनाव आयोग के भीतरी मतभेद सार्वजनिक हुए हों। आलोचकों का कहना है कि संस्था के कामकाज में पारदर्शिता की कमी लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
महिला सुरक्षा पर केंद्र सरकार पर हमला
देश में नाबालिग लड़कियों के साथ बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों पर डी. राजा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी हमेशा नारी शक्ति की बात करते हैं, लेकिन हमारी महिलाओं और लड़कियों के साथ जो हो रहा है, वह भयानक और शर्मनाक है।'
उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को उद्धृत करते हुए कहा कि किसी भी देश की प्रगति को महिलाओं की प्रगति से मापा जाना चाहिए। राजा ने आरोप लगाया कि खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे 'मन की बात' और सोशल मीडिया मंचों के ज़रिए महिलाओं की सुरक्षा पर खुलकर बोलें।
CPI ने माँग की है कि केंद्र सरकार और BJP शासित राज्य सरकारें कानून के तहत सख्त कार्रवाई करें और महिलाओं व लड़कियों को पूरी सुरक्षा दें।
ओमान तट हमले पर चिंता
डी. राजा ने ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कथित तौर पर इसके लिए अमेरिकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
आगे की राह
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और नेतृत्व को लेकर छिड़ी यह बहस आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और भी प्रासंगिक हो जाती है। यदि विपक्षी दलों की माँगें और तेज हुईं, तो सरकार पर CEC के भविष्य और चुनाव आयोग में संस्थागत सुधारों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने का दबाव बढ़ सकता है।