सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग' 10 नवंबर को होगी लॉन्च, बोलीं — 'यह राजनीतिक नहीं, निजी किताब है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने अपनी आगामी 544 पन्नों की संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' को परिवार और निजी जीवन का व्यक्तिगत आख्यान बताया है, न कि कोई राजनीतिक दस्तावेज। इस पुस्तक का वैश्विक विमोचन 10 नवंबर 2026 को निर्धारित है और भारत में इसे हार्पर कॉलिन्स इंडिया प्रकाशित करेगा।
एक्स पर पहली पोस्ट और किताब का परिचय
8 नवंबर को सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पहली व्यक्तिगत पोस्ट साझा की। इसके साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत सोशल मीडिया पर अपनी औपचारिक शुरुआत की, क्योंकि इससे पहले वे अपने संदेश कांग्रेस के आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से साझा करती थीं। इस पोस्ट में उन्होंने अपने दिवंगत पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को 'बेहद आकर्षक व्यक्तित्व वाला और सौम्य स्वभाव का व्यक्ति' बताया।
इससे दो दिन पहले, गुरुवार को, उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपनी शुरुआत की थी, जहाँ उन्होंने इस किताब को 'प्रेम, कर्तव्य, बिछड़ने और अपनेपन की तलाश की कहानी' बताया था।
सोनिया गांधी के अपने शब्दों में
किताब लिखने के अपने फैसले के बारे में सोनिया गांधी ने एक्स पर लिखा: 'यह कोई राजनीतिक किताब नहीं है, बल्कि एक व्यक्तिगत किताब है। मेरे परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन शायद ही कभी इस बात की वास्तविक समझ के साथ लिखा गया कि वे लोग वास्तव में कौन थे, उनकी प्रेरणाएं, उनके संघर्ष और उनकी मानवीय कमजोरियां क्या थीं। मैं उन्हें ईमानदारी से उन लोगों के रूप में प्रस्तुत करना चाहती थी, जिन्हें मैंने जाना और प्यार किया।'
गौरतलब है कि यह पुस्तक गांधी-नेहरू परिवार के उन अनुभवों और रिश्तों को केंद्र में रखती है, जिन्हें अब तक आम जनता के सामने खुलकर प्रस्तुत नहीं किया गया था। विमोचन से पहले प्रकाशन को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी थी, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।
भाजपा की प्रतिक्रिया और विवाद
सोनिया गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनकी आगामी पुस्तक को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि किताब में व्यक्तिगत अनुभवों की आड़ में राजनीतिक बयानबाजी की गई है।
यह विवाद तब और गहरा गया, जब पुस्तक के विमोचन से पहले सोनिया गांधी ने अखबार 'द हिंदू' को दिए एक साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी सरकार पर भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को 'गंभीर नुकसान' पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यधारा के मीडिया पर नियंत्रण और राजनीतिक लाभ के लिए धर्म के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए।
इसके अतिरिक्त, सोनिया गांधी ने 1975 में लगाए गए आपातकाल के संवैधानिक आधार का बचाव किया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने उन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को उचित ठहराने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर सक्रियता का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि पुस्तक विमोचन से ठीक पहले एक्स और इंस्टाग्राम पर सोनिया गांधी की एकाएक सक्रियता उनके सार्वजनिक संवाद की रणनीति में एक नया अध्याय है। यह ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं की डिजिटल उपस्थिति को बढ़ाने की कोशिश में है।
आगे क्या
'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' के वैश्विक विमोचन के बाद पुस्तक में उठाए गए राजनीतिक सवालों पर बहस और तेज होने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस पुस्तक को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रह सकता है, खासकर आपातकाल और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सोनिया गांधी के बयानों को लेकर।