28 अगस्त 2026
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सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग' छापने से पेंगुइन इंडिया का इनकार, 'पिंजरे का परिंदा' बोलीं सोनिया

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सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग' छापने से पेंगुइन इंडिया का इनकार, 'पिंजरे का परिंदा' बोलीं सोनिया

सारांश

सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बिलॉन्गिंग' को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने संपादकीय मतभेदों का हवाला देकर छापने से इनकार कर दिया। सोनिया ने प्रकाशक पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और उसे 'पिंजरे का परिंदा' कहा — यह विवाद भारत में प्रकाशन स्वतंत्रता पर एक बड़े सवाल की तरह उभर रहा है।

मुख्य बातें

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सोनिया गांधी की पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' को भारत में प्रकाशित करने से इनकार किया।
प्रकाशक ने कहा कि इनकार का कारण लेखक द्वारा संपादकीय बदलावों को न मानना था; इसे सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया बताया।
सोनिया गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया उन लेखकों को निराश करता है जिनका काम केंद्र सरकार को पसंद नहीं।
सोनिया ने पोस्टर जारी कर प्रकाशक को 'पिंजरे का परिंदा' कहा।
राहुल गांधी ने 20 अगस्त को एक्स पर भावुक पोस्ट में पुस्तक का समर्थन किया और माँ के संघर्षों को याद किया।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। 28 अगस्त 2026 को सामने आए इस विवाद में सोनिया गांधी ने प्रकाशक पर सेंसरशिप का आरोप लगाया, जबकि पेंगुइन ने कहा कि उसने संपादकीय बदलावों को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

पेंगुइन इंडिया का पक्ष

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि वह इस पुस्तक का भारतीय प्रकाशक नहीं है। प्रकाशक ने कहा, "यह कहना सही है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने 'बिलॉन्गिंग' को प्रकाशित न करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि लेखक ने संपादकीय बदलावों को मानने से इनकार कर दिया था।"

प्रकाशक ने आगे कहा, "तथ्यों की जाँच करना और लेखकों को उनकी किताबों के हित में सलाह देना हमारा अधिकार और दायित्व दोनों है — यह प्रकाशन प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है। बातचीत के दौरान हमारा रुख यही था कि हम पुस्तक प्रकाशित करने के लिए तैयार और इच्छुक थे।" साथ ही प्रकाशक ने कहा कि वह लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगा।

सोनिया गांधी का पलटवार

सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया, "पेंगुइन इंडिया बार-बार उन लेखकों को निराश करता रहा है जिनका काम केंद्र सरकार को पसंद नहीं आता — कुछ मामले सबके सामने हैं, जबकि कई अन्य सामने नहीं आए हैं।" उन्होंने एक पोस्टर भी जारी किया जिसमें लिखा था — 'पेंगुइन है या पिंजरे का परिंदा' — जो प्रकाशक पर दबाव में काम करने का सीधा इशारा था।

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने 22 अगस्त को पुस्तक का पोस्टर साझा करते हुए लिखा था, "प्यार की कहानी। हिम्मत भरी ज़िंदगी। मज़बूती की विरासत।" यह पुस्तक उनके निजी जीवन, उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद के संघर्षों और राजनीतिक सफर को केंद्र में रखती है।

राहुल गांधी की भावुक अपील

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 20 अगस्त को एक्स पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, "मम्मा, मैंने आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल से भी ज्यादा समय पहले एक साथ देखा था। जिस दिन पापा चले गए, उसके बाद से मैंने देखा है कि आपने ज़िंदगी की हर मुश्किल का सामना कितनी हिम्मत और गरिमा के साथ किया।"

राहुल ने आगे लिखा, "मुझे खुशी और गर्व है कि आपकी कहानी — 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' — आखिरकार वे लाखों लोग पढ़ेंगे जो आपसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूँ कि आप जैसी निजी ज़िंदगी पसंद करने वाली इंसान के लिए अपनी खूबसूरत कहानी दुनिया को बताना कितना मुश्किल रहा होगा।"

व्यापक संदर्भ और असर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में प्रकाशन स्वतंत्रता और सेल्फ-सेंसरशिप को लेकर बहस पहले से तेज है। आलोचकों का कहना है कि बड़े प्रकाशन समूह राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री को लेकर सतर्क रवैया अपनाते हैं। पेंगुइन इंडिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे एक सामान्य संपादकीय प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

अब यह देखना होगा कि सोनिया गांधी की पुस्तक किसी अन्य भारतीय या अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक के माध्यम से भारतीय पाठकों तक पहुँचती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब लेखक स्वयं देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी की शीर्ष नेता हों, तो यह विवाद महज व्यावसायिक नहीं रहता। सोनिया गांधी का 'पिंजरे का परिंदा' वाला आरोप सीधे तौर पर संस्थागत दबाव की ओर इशारा करता है — जिसे प्रकाशक ने खारिज किया है, लेकिन गोपनीय बातचीत का हवाला देकर विस्तृत सफाई देने से भी परहेज किया। भारत में बड़े प्रकाशन समूहों पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री से दूरी बनाने के आरोप नए नहीं हैं — यह मामला उस बहस को फिर से केंद्र में ला देता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग' क्या है?
'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' सोनिया गांधी की आत्मकथात्मक पुस्तक है, जो उनके निजी जीवन, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ उनके रिश्ते और उनकी हत्या के बाद के संघर्षों पर केंद्रित है। सोनिया ने इसे 'प्यार की कहानी, हिम्मत भरी ज़िंदगी और मज़बूती की विरासत' बताया था।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने 'बिलॉन्गिंग' छापने से क्यों इनकार किया?
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के अनुसार, इनकार का कारण यह था कि सोनिया गांधी ने प्रकाशक द्वारा सुझाए गए संपादकीय बदलावों को मानने से इनकार कर दिया। प्रकाशक ने इसे प्रकाशन प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा बताया और कहा कि वह गोपनीय बातचीत पर आगे टिप्पणी नहीं करेगा।
सोनिया गांधी ने पेंगुइन इंडिया पर क्या आरोप लगाए?
सोनिया गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया उन लेखकों को बार-बार निराश करता है जिनका काम केंद्र सरकार को पसंद नहीं। उन्होंने 'पेंगुइन है या पिंजरे का परिंदा' लिखा पोस्टर भी जारी किया, जो सेंसरशिप का सीधा इशारा था।
राहुल गांधी ने इस पुस्तक के बारे में क्या कहा?
राहुल गांधी ने 20 अगस्त को एक्स पर एक भावुक पोस्ट में सोनिया गांधी की पुस्तक का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि वह 35 साल से अधिक समय पहले अपने पिता राजीव गांधी को आखिरी बार देखा था और माँ ने उसके बाद हर मुश्किल हिम्मत व गरिमा से सही।
क्या 'बिलॉन्गिंग' अब भारत में प्रकाशित होगी?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कोई अन्य भारतीय या अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक इस पुस्तक को भारत में लाएगा या नहीं। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह इस पुस्तक का भारतीय प्रकाशक नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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