28 अगस्त 2026
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उपासना सिंह का पूनम ढिल्लो-पद्मिनी कोल्हापुरे पर बड़ा हमला, बोलीं — 'मुझे ऐरा-गैरा कहा गया'

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उपासना सिंह का पूनम ढिल्लो-पद्मिनी कोल्हापुरे पर बड़ा हमला, बोलीं — 'मुझे ऐरा-गैरा कहा गया'

सारांश

सिंटा की पूर्व महासचिव उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे पर खुलकर आरोप लगाए — 'ऐरा-गैरा' कहने से लेकर 'कैरेक्टर आर्टिस्ट बनाम स्टार' जैसे अपमान तक। 11 सदस्यों के इस्तीफे से कार्यकारिणी भंग, और ढाई साल का दर्द अब सार्वजनिक।

मुख्य बातें

उपासना सिंह ने 28 अगस्त 2026 को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे पर गंभीर आरोप लगाए।
सिंटा कार्यकारिणी के 11 सदस्यों — जिनमें मुकेश ऋषि , पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह शामिल हैं — के इस्तीफे के बाद कमेटी भंग।
उपासना ने दावा किया कि उन्हें 'ऐरा-गैरा' और 'कैरेक्टर आर्टिस्ट' कहकर अपमानित किया गया।
अभिनेता दीपक पराशर को कथित तौर पर अंग्रेजी न आने पर अपमानित किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
उपासना के अनुसार, यह सिलसिला पिछले ढाई सालों से जारी था।

अभिनेत्री और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा) की पूर्व महासचिव उपासना सिंह ने 28 अगस्त 2026 को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभिनेत्रियों पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संस्था की बैठकों के दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें 'ऐरा-गैरा' जैसे शब्दों से नवाज़ा गया।

मुख्य घटनाक्रम

उपासना सिंह ने स्पष्ट किया कि सिंटा कार्यकारिणी के 11 सदस्यों के इस्तीफे के बाद कमेटी पूरी तरह भंग हो चुकी है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों में अभिनेता मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह शामिल हैं। उपासना और उनका समर्थन कर रहे सदस्यों का आरोप है कि संस्था में बिना किसी सहमति के अकेले फैसले लिए जाते थे और बिना नोटिस दिए पद बदले जाते थे।

अपमान के आरोप

उपासना सिंह ने कहा, 'हमारी बहुत बेइज्जती हुई है। मुझे ऐरा-गैरा कहा गया। मुझसे कहा गया कि तुम एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हो और मैं एक स्टार हूं। नीचा दिखाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।' उन्होंने यह भी बताया कि पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे ने उन्हें कैरेक्टर आर्टिस्ट और खुद को स्टार बताकर दोयम दर्जे का महसूस कराया।

दीपक पराशर प्रकरण

उपासना ने अभिनेता दीपक पराशर से जुड़ी एक कथित घटना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, दीपक पराशर को यह कहकर अपमानित किया गया कि 'तुम्हें अंग्रेजी नहीं आती।' उपासना ने बताया कि सीपी ठाकुर के साथ हुई कथित बदसलूकी के बाद दीपक रोते हुए वहाँ से चले गए और बाद में उन्हें दर्द होने पर अस्पताल ले जाना पड़ा।

उपासना की अपनी बात

उपासना सिंह ने अपनी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा, 'मैं छोटे से शहर श्यारपुर की लड़की हूं, जिसने जीरो से शुरुआत की थी। आज अगर मुझे पूरी दुनिया में लोग जानते हैं, तो यह मेरे करियर की वजह से है। मैं अपने एक्टर्स और टेक्नीशियनों के लिए, पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करना चाहती हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि वे पिछले ढाई सालों से यह सब झेलते आ रहे हैं।

आगे क्या होगा

सिंटा कार्यकारिणी के भंग होने के बाद संस्था के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उपासना सिंह ने संकेत दिया कि वे संस्था के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आवाज़ उठाती रहेंगी। यह विवाद फिल्म उद्योग के भीतर कलाकार संगठनों की कार्यशैली और आंतरिक लोकतंत्र पर बड़े सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कथित तौर पर भीतर भी वही श्रेणीबद्धता काम करती है जिसे वे बाहर चुनौती देने का दावा करती हैं। 11 सदस्यों का एकसाथ इस्तीफा यह बताता है कि यह कोई व्यक्तिगत मनमुटाव नहीं, बल्कि संस्थागत विफलता है। असली सवाल यह है कि क्या सिंटा अब पारदर्शी चुनाव और जवाबदेही के साथ खुद को पुनर्गठित कर पाएगी।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे पर क्या आरोप लगाए हैं?
उपासना सिंह ने आरोप लगाया कि सिंटा की बैठकों में उन्हें 'ऐरा-गैरा' कहा गया और 'कैरेक्टर आर्टिस्ट बनाम स्टार' जैसे शब्दों से अपमानित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि संस्था में बिना सहमति के एकतरफा फैसले लिए जाते थे।
सिंटा कार्यकारिणी क्यों भंग हुई?
सिंटा कार्यकारिणी के 11 सदस्यों ने एकसाथ इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद कमेटी भंग हो गई। इस्तीफा देने वालों में मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह शामिल हैं। सदस्यों का आरोप है कि बिना नोटिस दिए पद बदले जाते थे और सामूहिक सहमति की अनदेखी होती थी।
दीपक पराशर का इस विवाद से क्या संबंध है?
उपासना सिंह के अनुसार, अभिनेता दीपक पराशर को कथित तौर पर अंग्रेजी न जानने पर अपमानित किया गया। सीपी ठाकुर के साथ हुई कथित बदसलूकी के बाद वे रोते हुए चले गए और बाद में दर्द होने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
उपासना सिंह सिंटा से क्यों जुड़ी थीं?
उपासना सिंह सिंटा की महासचिव रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वे इंडस्ट्री को वापस देना चाहती थीं — न केवल अभिनेताओं के लिए, बल्कि तकनीशियनों सहित पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करना उनका उद्देश्य था।
अब सिंटा का क्या होगा?
कार्यकारिणी के भंग होने के बाद संस्था के भविष्य को लेकर स्थिति अनिश्चित है। उपासना सिंह ने संकेत दिया है कि वे जवाबदेही के लिए आवाज़ उठाती रहेंगी, लेकिन पुनर्गठन की प्रक्रिया या नए चुनावों की तारीख अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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