14 जुलाई 2026
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रणवीर-फरहान विवाद पर पूनम ढिल्लों बोलीं — 'बड़ों की लड़ाई में मासूम कामगार न पिसें'

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रणवीर-फरहान विवाद पर पूनम ढिल्लों बोलीं — 'बड़ों की लड़ाई में मासूम कामगार न पिसें'

सारांश

रणवीर सिंह के फरहान अख्तर की फिल्म से आखिरी वक्त में हटने और ₹45 करोड़ के नुकसान के विवाद पर पूनम ढिल्लों ने इंडस्ट्री की उस अनदेखी सच्चाई को उजागर किया — बड़े सितारों की लड़ाई में सबसे ज़्यादा नुकसान पर्दे के पीछे काम करने वाले मासूम कामगारों को होता है।

मुख्य बातें

पूनम ढिल्लों ने 29 मई को हेमा मालिनी के डायमंड जुबली कॉन्सर्ट में रणवीर-फरहान विवाद पर बयान दिया।
उन्होंने कहा कि बड़े कलाकारों के विवाद का असर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।
रणवीर सिंह के आखिरी वक्त में फिल्म छोड़ने से एक्सेल एंटरटेनमेंट को कथित तौर पर ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ।
फरहान अख्तर ने IFTDA और FWICE में शिकायत दर्ज कराई; नोटिस का जवाब न मिलने पर रणवीर के खिलाफ 'असहयोग निर्देश' जारी।
यह विवाद बॉलीवुड में अनुबंध-संबंधी जवाबदेही और कामगारों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है।

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने 29 मई 2026 को मुंबई में आयोजित अभिनेत्री हेमा मालिनी के डायमंड जुबली कॉन्सर्ट में शिरकत करते हुए अभिनेता रणवीर सिंह और निर्माता-अभिनेता फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बड़े कलाकारों और निर्माताओं के आपसी मतभेदों की कीमत फिल्म इंडस्ट्री के दैनिक वेतनभोगी और पर्दे के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों को नहीं चुकानी चाहिए।

पूनम ढिल्लों का बयान

पूनम ढिल्लों ने कहा, 'किसी भी फिल्म को बनाने में केवल बड़े कलाकार या निर्माता ही शामिल नहीं होते, बल्कि काफी सारे छोटे-बड़े कामगारों और तकनीकी टीम की दिन-रात की मेहनत भी होती है। कलाकारों और निर्माताओं के बीच मतभेद होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन उनके आपसी विवाद का असर उन मासूम लोगों को नहीं होना चाहिए, जो पूरी ईमानदारी से फिल्म के पीछे रहकर काम करते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब भी कोई फिल्म किसी बड़े विवाद के चलते रुकती है, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। चाहे अहंकार हो, आपसी लड़ाई हो या कोई विवाद — उसका असर ज़रूरतमंद लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए। जैसे युद्धों में फैसले नेता और बड़े लोग लेते हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है — कुछ ऐसा ही हमारी इंडस्ट्री में भी होता है।'

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब सामने आया जब रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की आगामी फिल्म से शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले आखिरी वक्त में कदम पीछे खींच लिए। इसके बाद फरहान अख्तर और निर्माता रितेश सिधवानी की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने आरोप लगाया कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर खर्च हो चुके करीब ₹45 करोड़ का नुकसान इसी वजह से हुआ।

संस्थागत कार्रवाई

मामले के गंभीर होने पर फरहान अख्तर ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। फेडरेशन द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब न मिलने पर रणवीर सिंह के खिलाफ 'असहयोग निर्देश' जारी कर दिया गया — जो बॉलीवुड में एक असामान्य और कड़ा कदम माना जाता है।

इंडस्ट्री पर व्यापक असर

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में बड़े सितारों और निर्माताओं के बीच अनुबंध-संबंधी विवादों की संख्या बढ़ रही है। गौरतलब है कि इस तरह के विवादों में सबसे पहले प्रभावित होते हैं — सेट पर काम करने वाले तकनीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिनकी आजीविका सीधे फिल्म के निर्माण-चक्र पर निर्भर होती है। पूनम ढिल्लों का बयान इसी संवेदनशील पहलू को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बॉलीवुड में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस संस्थागत तंत्र अब तक क्यों नहीं बना। FWICE जैसे संगठन 'असहयोग निर्देश' तो जारी कर सकते हैं, लेकिन उन कामगारों की खोई मज़दूरी की भरपाई का कोई स्पष्ट ढाँचा नहीं है। ₹45 करोड़ के नुकसान की चर्चा तो हो रही है, पर यह नहीं पूछा जा रहा कि उस रकम में से कितना हिस्सा उन सैकड़ों तकनीशियनों और जूनियर आर्टिस्टों का था जिनका काम अचानक रुक गया।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच विवाद क्या है?
रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की आगामी फिल्म से शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले आखिरी वक्त में हटने का फैसला किया। इसके बाद एक्सेल एंटरटेनमेंट ने आरोप लगाया कि प्री-प्रोडक्शन पर खर्च हो चुके करीब ₹45 करोड़ का नुकसान इसी वजह से हुआ।
रणवीर सिंह के खिलाफ 'असहयोग निर्देश' क्या होता है?
यह फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा जारी एक कड़ा संस्थागत कदम है, जिसके तहत संबंधित कलाकार के साथ इंडस्ट्री के सदस्य काम करने से परहेज़ करते हैं। यह तब जारी किया गया जब फरहान अख्तर की शिकायत पर भेजे गए नोटिस का रणवीर की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
पूनम ढिल्लों ने इस विवाद पर क्या कहा?
पूनम ढिल्लों ने कहा कि बड़े कलाकारों और निर्माताओं के आपसी विवाद का खामियाजा दैनिक वेतनभोगी और पर्दे के पीछे काम करने वाले मासूम कामगारों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने इसकी तुलना युद्ध से की, जहाँ फैसले बड़े लोग लेते हैं लेकिन नुकसान आम जनता को होता है।
फरहान अख्तर ने शिकायत किन संस्थाओं में दर्ज कराई?
फरहान अख्तर ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
इस विवाद का बॉलीवुड के कामगारों पर क्या असर पड़ता है?
जब कोई फिल्म अचानक रुकती है तो सेट पर काम करने वाले तकनीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सीधे प्रभावित होते हैं, क्योंकि उनकी आजीविका फिल्म के निर्माण-चक्र पर निर्भर होती है। बड़े सितारों और निर्माताओं के बीच कानूनी या व्यावसायिक विवाद में इन कामगारों की भरपाई का कोई स्पष्ट तंत्र अभी तक नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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