डॉन 3 विवाद: संजय गुप्ता का सवाल — रणवीर सिंह पर बैन से 300 कामगारों की रोज़ी पर असर
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म 'डॉन 3' को लेकर एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने शूटिंग शुरू होने से महज़ तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ने के कारण उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया है। इस फैसले पर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी बड़े कलाकार पर बैन का असर सिर्फ उस अभिनेता तक सीमित नहीं रहता।
विवाद की जड़: क्या हुआ था
फिल्म 'डॉन 3' के निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने FWICE के पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रणवीर सिंह ने शूटिंग से ठीक पहले अचानक फिल्म से हटने का निर्णय लिया, जिससे निर्माताओं को कथित तौर पर लगभग ₹45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उस समय तक लोकेशन तय हो चुकी थी, होटल बुक हो चुके थे और शूटिंग की अनुमतियाँ भी प्राप्त की जा चुकी थीं।
FWICE की कार्रवाई और अशोक पंडित का बयान
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बताया कि फेडरेशन ने रणवीर सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'इतनी बड़ी फिल्म के लिए पहले से काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। ऐसे में रणवीर के अचानक पीछे हटने से निर्माताओं के साथ-साथ पूरी टीम प्रभावित होती है।' पंडित के अनुसार, फेडरेशन की ओर से बार-बार संपर्क के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर यह कठोर कदम उठाया गया।
संजय गुप्ता का एक्स पर सवाल
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'जब कोई ए-लिस्ट अभिनेता किसी फिल्म की शूटिंग करता है, तो सेट पर लगभग 300 लोग काम करते हैं — स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरा टीम, मेकअप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम स्टाफ और कई दूसरे कर्मचारी। अगर किसी अभिनेता को बैन कर दिया जाता है, तो सिर्फ अभिनेता का काम नहीं रुकता, बल्कि उन सैकड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी भी प्रभावित होती है।'
गुप्ता ने आगे लिखा, 'किसी बड़े कलाकार को रोकने से शायद वह पूरी तरह प्रभावित न हो, लेकिन उसके साथ काम करने वाले कर्मचारी बेरोज़गार हो सकते हैं। आखिर ऐसे फैसलों का क्या मतलब है।' यह टिप्पणी उद्योग में बहस का नया केंद्र बन गई है।
आम कामगारों पर असर
संजय गुप्ता की आपत्ति का मूल बिंदु यही है कि बड़े बजट की फिल्मों में 300 से अधिक तकनीशियन और सहायक कर्मचारी सीधे तौर पर रोज़गार के लिए निर्भर होते हैं। ऐसे में किसी प्रमुख अभिनेता पर बैन लागू होने से इन कामगारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है, जो न तो विवाद का हिस्सा हैं और न ही निर्णय-प्रक्रिया में शामिल। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में ओटीटी के दबाव के बीच थिएटर रिलीज़ की संख्या पहले से कम है।
आगे क्या होगा
फिलहाल रणवीर सिंह की तरफ से इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 'डॉन 3' में अब किसे लिया जाएगा, इसकी भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। FWICE का यह बैन तब तक प्रभावी रहेगा जब तक मामला सुलझ नहीं जाता या रणवीर सिंह फेडरेशन से संपर्क नहीं करते।