'डॉन 3' विवाद: FWICE ने रणवीर सिंह पर असहयोग निर्देश वापस लिया, बातचीत का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 3 जून को अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) निर्देश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान किया। यह फैसला रणवीर के फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' छोड़ने के बाद उपजे विवाद और अभिनेता की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस के अगले ही दिन आया।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में FWICE ने यह घोषणा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंटा की महासचिव उपासना सिंह, इफ्तडा के अध्यक्ष अशोक पंडित, ऑल इंडिया फिल्म एम्प्लॉइज कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष व FWICE के महासचिव अशोक दुबे सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
रणवीर सिंह ने मंगलवार को FWICE को कानूनी नोटिस भेजकर अपने खिलाफ जारी असहयोग निर्देश पर आपत्ति दर्ज की थी। इसके अगले ही दिन फेडरेशन ने अपना रुख नरम कर लिया।
संगठनों के अनुरोध पर पीछे हटा फेडरेशन
अशोक पंडित ने कहा, “सिंटा, इम्प्पा और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने हमें लिखित पत्र भेजकर रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश को वापस लेने का अनुरोध किया था। इन सभी जिम्मेदार संगठनों की अपील को देखते हुए और फिल्म उद्योग तथा उसके सदस्यों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला किया है।”
उन्होंने आधिकारिक बयान पढ़ते हुए जोड़ा, “हम यह कदम पूरी तरह सद्भावना के साथ उठा रहे हैं। हमें IMPA द्वारा यह विश्वास और आश्वासन दिया गया है कि संबंधित सभी पक्षों के साथ इस मुद्दे पर गंभीर और रचनात्मक स्तर पर चर्चा की जाएगी।” पंडित ने यह भी स्पष्ट किया कि फेडरेशन के पास किसी कलाकार को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का कानूनी अधिकार नहीं है — वह केवल असहयोग की अपील कर सकता है।
'न जीत, न हार' — अशोक दुबे
FWICE महासचिव अशोक दुबे ने कहा, “हमने सभी के अनुरोध पर रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश वापस ले लिया है। हम निर्माता संस्था के साथ मिलकर एक सही और संतुलित निर्णय लेंगे। इससे न निर्माता को, न निर्देशक को और न अभिनेता को किसी प्रकार की परेशानी होगी।”
दुबे ने फेडरेशन के शुरुआती कड़े रुख का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, “अगर हमने शुरुआत में यह कड़ा रुख नहीं अपनाया होता, तो आज बातचीत का यह रास्ता नहीं निकलता। इस पूरे घटनाक्रम में न किसी की जीत हुई है, न किसी की हार।” कानूनी नोटिस पर उन्होंने कहा कि फेडरेशन का कानूनी विभाग उसका अध्ययन कर रहा है और “हम कानून का पूरा पालन करेंगे।”
रणवीर को बातचीत का न्योता
अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीधे रणवीर सिंह से अपील की। उन्होंने कहा, “हम रणवीर सिंह से अनुरोध करना चाहते हैं कि वे हमारे पास आएं और बैठकर बातचीत करें। बातचीत के जरिए जरूर कोई समाधान निकाला जाएगा। पूरी फिल्म इंडस्ट्री हमारा साझा परिवार है। हम चाहते हैं कि वे भविष्य में और भी बड़े स्टार बनें।”
क्या होगा आगे
फेडरेशन ने संकेत दिया है कि अब निर्माता संस्थाओं के साथ मिलकर संवाद के जरिए समाधान निकाला जाएगा। रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब फेडरेशन के कानूनी विभाग की समीक्षा के बाद ही तय होगा। 'डॉन 3' से रणवीर की विदाई पर अंतिम तस्वीर इसी बातचीत से साफ होगी।