'डॉन 3' विवाद: रणवीर सिंह पर FWICE का नॉन-कोऑपरेशन बैन, अशोक पंडित बोले — 'भरोसा टूटा तो इंडस्ट्री डूबेगी'
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 25 मई 2025 को बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' जारी कर दिया — यह कदम फिल्म 'डॉन 3' के निर्माता फरहान अख्तर की औपचारिक शिकायत के बाद उठाया गया। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने चेतावनी दी कि आखिरी वक्त पर फिल्म छोड़ने का यह चलन पूरी इंडस्ट्री के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।
नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव का मतलब क्या है
FWICE के इस निर्देश के तहत फेडरेशन से जुड़े तकनीशियन, वर्कर्स और सदस्य फिलहाल रणवीर सिंह या उनके किसी भी प्रोजेक्ट के साथ सहयोग नहीं करेंगे। साथ ही फेडरेशन ने निर्माता संगठनों से भी इस रुख में साथ देने की अपील की है। यह निर्देश तब आया जब रणवीर की टीम ने फेडरेशन के कई नोटिस और रिमाइंडर के जवाब में केवल एक ईमेल भेजा, जिसे फेडरेशन ने अपर्याप्त माना।
अशोक पंडित की चेतावनी
अशोक पंडित ने कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री एक भरोसे पर चलने वाली व्यवस्था है। यहाँ जब कोई निर्माता किसी अभिनेता को साइन करता है, तो उसके बाद पूरी टीम उसी के अनुसार काम शुरू कर देती है। फिल्म की तैयारी, शूटिंग की प्लानिंग, लोकेशन, तकनीकी टीम, सेट और बाकी सभी चीजों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के भरोसे और काम करने के तरीके से जुड़ा मुद्दा है। अगर यह भरोसा टूटने लगे, तो भविष्य में निर्माता किसी बड़े स्टार पर निवेश करने से डरेंगे। यह खतरनाक ट्रेंड बन सकता है।'
'डॉन 3' विवाद की पूरी पृष्ठभूमि
फिल्म 'डॉन 3' की घोषणा 2023 में हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को लीड रोल दिया गया था। शुरुआत में अभिनेत्री कियारा आडवाणी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा थीं, लेकिन बाद में उन्होंने प्रेग्नेंसी और ब्रेक का हवाला देते हुए फिल्म छोड़ दी। इसके बाद शूटिंग लगातार टलती रही।
रिपोर्टों के अनुसार, रणवीर सिंह स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहते थे, लेकिन निर्माता इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी मतभेद के बाद रणवीर ने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया है कि इस वजह से उन्हें करीब ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ है।
सुलह की कोशिशें और नाकामी
अशोक पंडित के अनुसार, फेडरेशन ने पहले इस मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश की। रणवीर सिंह को बुलाकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया और कई नोटिस भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं आई। बताया जा रहा है कि इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, यहाँ तक कि अभिनेता आमिर खान ने भी मध्यस्थता का प्रयास किया, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
आगे क्या होगा
फेडरेशन का यह निर्देश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक रणवीर सिंह खुद सामने आकर मामले का समाधान नहीं करते। अशोक पंडित का कहना है कि 'इतना बड़ा मामला केवल मैनेजर या प्रतिनिधि के जरिए हल नहीं किया जा सकता।' यह विवाद बॉलीवुड में स्टार-प्रोडक्शन हाउस के बीच अनुबंध की बाध्यता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है।