9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'डॉन 3' विवाद: रणवीर सिंह पर FWICE का नॉन-कोऑपरेशन बैन, अशोक पंडित बोले — 'भरोसा टूटा तो इंडस्ट्री डूबेगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'डॉन 3' विवाद: रणवीर सिंह पर FWICE का नॉन-कोऑपरेशन बैन, अशोक पंडित बोले — 'भरोसा टूटा तो इंडस्ट्री डूबेगी'

सारांश

'डॉन 3' विवाद अब सिर्फ एक फिल्म की लड़ाई नहीं रही — यह बॉलीवुड के भरोसे के ढाँचे पर सीधा हमला है। FWICE का बैन और ₹45 करोड़ के नुकसान का दावा यह सवाल उठाता है: क्या बड़े स्टार अनुबंध से ऊपर हैं?

मुख्य बातें

FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ 25 मई 2025 को 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' जारी किया।
निर्माता फरहान अख्तर की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया; एक्सेल एंटरटेनमेंट को कथित तौर पर ₹45 करोड़ का नुकसान।
फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने चेतावनी दी — आखिरी वक्त पर फिल्म छोड़ना इंडस्ट्री के लिए 'खतरनाक ट्रेंड' बन सकता है।
रणवीर सिंह ने फेडरेशन के कई नोटिस का जवाब नहीं दिया; टीम की ओर से भेजा गया ईमेल फेडरेशन को अपर्याप्त लगा।
अभिनेता आमिर खान समेत कई वरिष्ठ हस्तियों की मध्यस्थता की कोशिश नाकाम रही।
फिल्म 'डॉन 3' की घोषणा 2023 में हुई थी; पहले कियारा आडवाणी भी प्रोजेक्ट से अलग हो चुकी हैं।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 25 मई 2025 को बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' जारी कर दिया — यह कदम फिल्म 'डॉन 3' के निर्माता फरहान अख्तर की औपचारिक शिकायत के बाद उठाया गया। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने चेतावनी दी कि आखिरी वक्त पर फिल्म छोड़ने का यह चलन पूरी इंडस्ट्री के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।

नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव का मतलब क्या है

FWICE के इस निर्देश के तहत फेडरेशन से जुड़े तकनीशियन, वर्कर्स और सदस्य फिलहाल रणवीर सिंह या उनके किसी भी प्रोजेक्ट के साथ सहयोग नहीं करेंगे। साथ ही फेडरेशन ने निर्माता संगठनों से भी इस रुख में साथ देने की अपील की है। यह निर्देश तब आया जब रणवीर की टीम ने फेडरेशन के कई नोटिस और रिमाइंडर के जवाब में केवल एक ईमेल भेजा, जिसे फेडरेशन ने अपर्याप्त माना।

अशोक पंडित की चेतावनी

अशोक पंडित ने कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री एक भरोसे पर चलने वाली व्यवस्था है। यहाँ जब कोई निर्माता किसी अभिनेता को साइन करता है, तो उसके बाद पूरी टीम उसी के अनुसार काम शुरू कर देती है। फिल्म की तैयारी, शूटिंग की प्लानिंग, लोकेशन, तकनीकी टीम, सेट और बाकी सभी चीजों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'यह सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के भरोसे और काम करने के तरीके से जुड़ा मुद्दा है। अगर यह भरोसा टूटने लगे, तो भविष्य में निर्माता किसी बड़े स्टार पर निवेश करने से डरेंगे। यह खतरनाक ट्रेंड बन सकता है।'

'डॉन 3' विवाद की पूरी पृष्ठभूमि

फिल्म 'डॉन 3' की घोषणा 2023 में हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह को लीड रोल दिया गया था। शुरुआत में अभिनेत्री कियारा आडवाणी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा थीं, लेकिन बाद में उन्होंने प्रेग्नेंसी और ब्रेक का हवाला देते हुए फिल्म छोड़ दी। इसके बाद शूटिंग लगातार टलती रही।

रिपोर्टों के अनुसार, रणवीर सिंह स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहते थे, लेकिन निर्माता इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी मतभेद के बाद रणवीर ने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया है कि इस वजह से उन्हें करीब ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ है।

सुलह की कोशिशें और नाकामी

अशोक पंडित के अनुसार, फेडरेशन ने पहले इस मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश की। रणवीर सिंह को बुलाकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया और कई नोटिस भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं आई। बताया जा रहा है कि इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, यहाँ तक कि अभिनेता आमिर खान ने भी मध्यस्थता का प्रयास किया, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।

आगे क्या होगा

फेडरेशन का यह निर्देश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक रणवीर सिंह खुद सामने आकर मामले का समाधान नहीं करते। अशोक पंडित का कहना है कि 'इतना बड़ा मामला केवल मैनेजर या प्रतिनिधि के जरिए हल नहीं किया जा सकता।' यह विवाद बॉलीवुड में स्टार-प्रोडक्शन हाउस के बीच अनुबंध की बाध्यता और जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या इंडस्ट्री में अनुबंध का कोई मतलब बचा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यह पहली बार नहीं है — पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट इसी तरह लटके हैं, और हर बार फेडरेशन की कार्रवाई अल्पकालिक साबित हुई। जब तक स्टैंडर्ड कॉन्ट्रैक्ट में पारदर्शी पेनल्टी क्लॉज़ नहीं जुड़ते, FWICE का बैन एक प्रतीकात्मक संकेत से ज़्यादा कुछ नहीं रहेगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FWICE ने रणवीर सिंह पर क्या कार्रवाई की है?
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' जारी किया है, जिसके तहत फेडरेशन से जुड़े तकनीशियन और वर्कर्स उनके किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं करेंगे। यह कदम 'डॉन 3' निर्माता फरहान अख्तर की शिकायत के बाद उठाया गया।
रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' क्यों छोड़ी?
रिपोर्टों के अनुसार, रणवीर सिंह स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव चाहते थे, लेकिन निर्माता इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी मतभेद के बाद उन्होंने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया, हालाँकि रणवीर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
एक्सेल एंटरटेनमेंट को कितना नुकसान हुआ?
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया है कि रणवीर सिंह के प्रोजेक्ट छोड़ने से उन्हें करीब ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह राशि शूटिंग प्लानिंग, लोकेशन, तकनीकी टीम और सेट तैयारियों पर हुए खर्च से जुड़ी बताई जा रही है।
अशोक पंडित इस विवाद को इंडस्ट्री के लिए खतरनाक क्यों मानते हैं?
FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित का कहना है कि अगर बड़े स्टार आखिरी वक्त पर फिल्में छोड़ने लगें तो निर्माता भविष्य में बड़े नामों पर निवेश करने से डरेंगे। इससे सैकड़ों तकनीशियनों और वर्कर्स की रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ता है, और इंडस्ट्री का भरोसे पर टिका पूरा ढाँचा कमज़ोर होता है।
क्या इस विवाद को सुलझाने की कोई कोशिश हुई?
हाँ, फेडरेशन ने पहले रणवीर सिंह को बुलाकर शांतिपूर्वक बात करने की कोशिश की और कई नोटिस भेजे। इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ लोगों ने मध्यस्थता का प्रयास किया, जिनमें अभिनेता आमिर खान भी शामिल थे, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले