10 जुलाई 2026
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जदयू विधायक श्याम रजक: 'बिहार में एनडीए पांडवों की तरह एकजुट', मोदी को बताया 'विश्व शांतिदूत'

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जदयू विधायक श्याम रजक: 'बिहार में एनडीए पांडवों की तरह एकजुट', मोदी को बताया 'विश्व शांतिदूत'

सारांश

जदयू विधायक श्याम रजक ने बिहार एनडीए को 'पांडवों जैसी एकजुटता' वाला गठबंधन बताया और PM मोदी को इस सदी का 'विश्व शांतिदूत' करार दिया। बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले हुई यह बैठक गठबंधन के जिला-स्तरीय समन्वय और रणनीति पर केंद्रित रही।

मुख्य बातें

जदयू विधायक श्याम रजक ने 10 जुलाई 2026 को पटना में बिहार एनडीए बैठक पर प्रतिक्रिया दी।
रजक ने बिहार एनडीए के पाँच घटक दलों के गठबंधन को 'पांडवों की एकता' से उपमा दी।
PM नरेंद्र मोदी को 'इस सदी का विश्व शांतिदूत' बताते हुए उनके विदेश दौरों और आर्थिक कूटनीति की सराहना की।
बैठक में CM सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार समेत सभी घटक दलों के नेताओं की उपस्थिति अपेक्षित।
रजक ने अखिलेश यादव की 'जो सनातन है, वही समाजवाद है' टिप्पणी को सही ठहराया।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने 10 जुलाई 2026 को पटना में बिहार एनडीए की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पाँच घटक दलों की एकजुटता 'पांडवों' जैसी अटूट है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सदी का 'विश्व शांतिदूत' करार दिया।

मोदी को 'विश्व शांतिदूत' क्यों बताया

प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों पर टिप्पणी करते हुए श्याम रजक ने कहा, 'अगर मौजूदा सदी में किसी को विश्व शांति का दूत कहा जा सकता है, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने शांति का संदेश फैलाने के लिए दुनिया भर की यात्रा की है। भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और उन्होंने उसी भावना के साथ काम किया है।' रजक ने यह भी जोड़ा कि मोदी भारत के व्यापार और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप भारत आर्थिक, सामाजिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है।

एनडीए की एकजुटता पर बयान

बिहार एनडीए की बैठक को लेकर श्याम रजक ने कहा, 'बिहार में एनडीए के पाँच दलों का गठबंधन है — पांडवों की तरह इस गठबंधन में एकजुटता है। यह एकता बार-बार दिखाई और महसूस कराई गई है।' उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के नामांकन सभा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें एनडीए के तमाम नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया।

बैठक का उद्देश्य और एजेंडा

रजक ने बताया कि इस बैठक का मूल उद्देश्य जिला अध्यक्षों से ज़मीनी फीडबैक लेना और जिला स्तर पर समन्वय को और सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि 'एनडीए को कैसे मज़बूत किया जाए' — इस पर विस्तृत मूल्यांकन होगा। बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा अन्य घटक दलों के नेताओं के उपस्थित रहने की बात कही गई।

अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की 'जो सनातन है, वही समाजवाद है' वाली टिप्पणी पर श्याम रजक ने कहा कि अखिलेश ने कोई गलत बात नहीं कही। उन्होंने तर्क दिया, 'समाजवाद का अर्थ है — सबकी उन्नति और सबके बीच समानता; और सनातन भी यही कहता है कि सब मिलकर चलें — एकता में ही वृद्धि है।' यह बयान उल्लेखनीय है क्योंकि यह एनडीए और विपक्षी खेमे के बीच वैचारिक संवाद की एक असामान्य मिसाल पेश करता है। आने वाले दिनों में बांकीपुर उपचुनाव और बिहार की राजनीतिक सरगर्मियाँ एनडीए की इस एकजुटता की असली परीक्षा लेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गठबंधन के भीतर किसी भी दरार की अटकलों को दबाने की सोची-समझी कोशिश है। उल्लेखनीय यह है कि एनडीए के एक वरिष्ठ नेता ने अखिलेश यादव की 'सनातन-समाजवाद' वाली बात को सही ठहराया — यह वैचारिक लचीलापन या चुनावी व्यावहारिकता, दोनों में से कुछ भी हो सकता है। बिहार में गठबंधन की असली एकजुटता की परीक्षा नामांकन सभाओं में नहीं, बल्कि उपचुनाव के नतीजों में होगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्याम रजक ने बिहार एनडीए को 'पांडवों जैसा' क्यों बताया?
जदयू विधायक श्याम रजक ने बिहार एनडीए के पाँच घटक दलों की एकजुटता को महाभारत के पांडवों की एकता से उपमा दी। उनके अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव के नामांकन सभा सहित कई मौकों पर यह एकता प्रदर्शित हो चुकी है।
श्याम रजक ने PM मोदी को 'विश्व शांतिदूत' किस आधार पर कहा?
रजक ने PM मोदी के वैश्विक दौरों और शांति-केंद्रित विदेश नीति का हवाला देते हुए उन्हें इस सदी का 'विश्व शांतिदूत' बताया। उनका तर्क था कि मोदी ने भारत की शांति-समर्थक परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित किया है और व्यापार व आर्थिक संबंधों को भी मज़बूत किया है।
बिहार एनडीए की इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?
बैठक का उद्देश्य जिला अध्यक्षों से ज़मीनी फीडबैक लेना और जिला स्तर पर गठबंधन का समन्वय मज़बूत करना था। इसमें CM सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार और सभी घटक दलों के नेताओं की भागीदारी अपेक्षित थी।
अखिलेश यादव की 'सनातन-समाजवाद' टिप्पणी पर श्याम रजक ने क्या कहा?
रजक ने अखिलेश यादव की 'जो सनातन है, वही समाजवाद है' टिप्पणी को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों का सार एक ही है — सबकी उन्नति, समानता और एकता में वृद्धि।
बांकीपुर उपचुनाव और एनडीए की एकजुटता का क्या संबंध है?
बांकीपुर उपचुनाव के नामांकन सभा को रजक ने एनडीए की एकजुटता के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया। यह उपचुनाव बिहार में गठबंधन के समन्वय और चुनावी ताकत की अहम परीक्षा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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