फीफा वर्ल्ड कप 2026: मार्क गुएही की हैमस्ट्रिंग चोट से इंग्लैंड की क्वार्टर फाइनल राह मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल से पहले इंग्लैंड की मुसीबतें बढ़ गई हैं — डिफेंडर मार्क गुएही हैमस्ट्रिंग की हल्की चोट से जूझ रहे हैं, जबकि मिडफील्डर डेक्लान राइस बीमारी के कारण लगातार दूसरे दिन अभ्यास से दूर रहे। रविवार को मियामी स्टेडियम में नॉर्वे के खिलाफ होने वाले इस निर्णायक मुकाबले से पहले टीम के कोच थॉमस ट्यूशेल के सामने रक्षापंक्ति को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
गुएही को राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ 3-2 की जीत के बाद हैमस्ट्रिंग में हल्की तकलीफ हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह बुधवार को टीम के साथ मैदान पर नहीं उतरे और अलग से रिकवरी कार्यक्रम में शामिल रहे। शुक्रवार को होने वाले फिटनेस परीक्षण के बाद ही यह तय हो सकेगा कि वह नॉर्वे के खिलाफ उपलब्ध रहेंगे या नहीं। यदि वह शुक्रवार के अभ्यास सत्र से भी बाहर रहते हैं, तो उनके खेलने की संभावना काफी कम मानी जा रही है।
डिफेंस पर दोहरा संकट
गुएही की अनिश्चितता के साथ-साथ इंग्लैंड को एक और बड़ा झटका लगा है। जेरेल क्वांसाह को मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, जिसके चलते वह दो मैचों के लिए निलंबित हो गए हैं। इस तरह ट्यूशेल की रक्षापंक्ति में एक साथ दो अहम खिलाड़ियों की कमी हो सकती है, जिससे उन्हें नए संयोजन पर विचार करना होगा।
हालैंड का खतरा और राइस की वापसी की उम्मीद
नॉर्वे के स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड इस वर्ल्ड कप में अब तक 7 गोल दाग चुके हैं और कमज़ोर इंग्लिश डिफेंस के सामने वह सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। दूसरी ओर, डेक्लान राइस बीमारी से उबरने की कोशिश में हैं और टीम को उम्मीद है कि वह क्वार्टर फाइनल तक फिट हो जाएंगे।
हेंडरसन की स्थिति पर नज़र
अनुभवी मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन मेक्सिको के खिलाफ जीत का जश्न मनाते समय कलाई में चोट लग जाने के बाद सफल सर्जरी करा चुके हैं। इंग्लैंड फुटबॉल ने बताया कि हेंडरसन टीम होटल में आराम कर रहे हैं और उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। उनके क्वार्टर फाइनल में खेलने की संभावना फिलहाल नहीं है।
आगे क्या होगा
शुक्रवार का फिटनेस परीक्षण इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन की तस्वीर साफ करेगा। यदि गुएही और राइस दोनों फिट नहीं हो पाते, तो ट्यूशेल को रविवार के मुकाबले के लिए अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने होंगे। हालैंड जैसे विश्वस्तरीय स्ट्राइकर के सामने कमज़ोर रक्षापंक्ति के साथ उतरना इंग्लैंड के लिए बड़ा जोखिम होगा।