फीफा वर्ल्ड कप 2026: चोट से उबरे मैनुअल नूएर, 14 जून को कुराकाओ के खिलाफ उतर सकते हैं मैदान पर
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज़ से पहले बड़ी राहत मिली है — अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नूएर पिंडली की चोट से उबरकर पूरी ट्रेनिंग में वापस लौट आए हैं। जर्मनी अपना पहला ग्रुप मैच 14 जून को ह्यूस्टन में कुराकाओ के खिलाफ खेलेगा, और कोच के संकेतों के अनुसार नूएर उस मुकाबले में गोलपोस्ट की रखवाली करते दिख सकते हैं।
ट्रेनिंग में धमाकेदार वापसी
नॉर्थ कैरोलिना स्थित जर्मनी के बेस कैंप में आयोजित एक सार्वजनिक अभ्यास सत्र के दौरान करीब 3,000 प्रशंसकों ने नूएर का जोरदार स्वागत किया। लंबे अंतराल के बाद उन्हें पूरे दल के साथ सामान्य ट्रेनिंग करते देख फैंस में उत्साह की लहर दौड़ गई। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि टीम का मनोबल टूर्नामेंट से ठीक पहले ऊँचाई पर है।
कोच नेगल्समैन का भरोसा
जर्मनी के मुख्य कोच जूलियन नेगल्समैन ने स्पष्ट किया कि नूएर पहले ग्रुप मैच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके अनुसार, नूएर जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बड़े मुकाबलों के दबाव से निपटने की आदत है और उन्हें मैच-फिट होने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता नहीं होती। नेगल्समैन ने यह भी कहा कि एक हफ्ते की नियमित ट्रेनिंग नूएर के लिए पर्याप्त होगी, और वे अपने 125वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बिना किसी अतिरिक्त अभ्यास मैच के भी उतरने में सक्षम हैं।
बाउमन की भूमिका और पेशेवर रवैया
गौरतलब है कि नूएर के करीब दो साल पहले राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा के बाद हॉफेनहाइम के गोलकीपर ओलिवर बाउमन को जर्मनी का पहला गोलकीपर बनाया गया था। नूएर की वापसी के बाद बाउमन को फिर से दूसरे विकल्प की भूमिका में समायोजित होना पड़ा। बाउमन ने स्वीकार किया कि शुरुआत में यह फैसला स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने टीम का पूरा समर्थन करने का संकल्प जताया। उल्लेखनीय है कि बाउमन ने जर्मनी के आखिरी अभ्यास मैच में गोलकीपिंग की थी, जिसमें टीम ने अमेरिका को 2-1 से हराया था। कोच नेगल्समैन ने बाउमन के इस पेशेवर रवैये की सराहना की।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब जर्मनी टूर्नामेंट में अपनी साख बहाल करने के लिए उतरेगा। 14 जून को ह्यूस्टन में ग्रुप अंडरडॉग कुराकाओ के खिलाफ सभी की निगाहें नूएर पर टिकी होंगी। टीम के हर खिलाड़ी का लक्ष्य एकमात्र है — जर्मनी को वर्ल्ड कप में सफलता दिलाना।