फीफा वर्ल्ड कप 2026: क्वार्टर फाइनल से पहले इंग्लैंड को दोहरा झटका, रीस जेम्स और क्वांसाह नॉर्वे के खिलाफ संदिग्ध
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर-फाइनल से ठीक पहले इंग्लैंड फुटबॉल टीम की रक्षापंक्ति गंभीर संकट में आ गई है। स्टार राइट-बैक रीस जेम्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बुधवार, 9 जुलाई को भी टीम के साथ ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो सके, और नॉर्वे के खिलाफ होने वाले क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में उनकी उपलब्धता अनिश्चित बनी हुई है। ऊपर से जेरेल क्वांसाह के रेड कार्ड के कारण निलंबन ने कोच थॉमस ट्यूशेल की चिंताएँ और गहरी कर दी हैं।
चोटों का सिलसिला
रीस जेम्स को घाना के खिलाफ इंग्लैंड के दूसरे ग्रुप चरण के मुकाबले के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट आई थी। वह मैच गोलरहित ड्रॉ रहा था। उस चोट के बाद से जेम्स टीम के किसी भी मैच में मैदान पर नहीं उतर सके — रविवार को मेक्सिको के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में भी वह बाहर रहे। इंग्लैंड ने उस मैच में 3-2 की रोमांचक जीत दर्ज कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई।
क्वांसाह का निलंबन, राइट-बैक पर संकट
मेक्सिको मैच में जेरेल क्वांसाह को रेड कार्ड मिला, जिसके कारण वह नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल में नहीं खेल पाएँगे। जेम्स की अनिश्चितता और क्वांसाह के निलंबन ने एक साथ राइट-बैक पोजीशन पर इंग्लैंड के विकल्प बेहद सीमित कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नॉर्वे की तेज़-तर्रार आक्रमण पंक्ति के सामने पक्की रक्षापंक्ति की दरकार सबसे ज़्यादा है।
राइस और गुएही की स्थिति
मिडफील्डर डेक्लान राइस ने संकेत दिया है कि वह थोड़ी शारीरिक परेशानी के बावजूद मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। वहीं, मार्क गुएही की बुधवार के अभ्यास सत्र से गैरमौजूदगी को मांसपेशियों की थकान से जोड़ा गया है। तीनों — जेम्स, राइस और गुएही — पहले से ही अलग व्यक्तिगत कार्यक्रम के तहत काम कर रहे थे, और स्वोप सॉकर विलेज में हुए सुबह के सामूहिक अभ्यास में शामिल नहीं हुए।
हेंडरसन की वापसी
अनुभवी मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन मेक्सिको पर जीत के जश्न के दौरान कलाई में गंभीर चोट के बाद सफल सर्जरी करवाकर इंग्लिश कैंप में वापस लौट आए हैं। टीम के अनुसार, हेंडरसन फिलहाल होटल में आराम कर रहे हैं और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।
आगे क्या
इंग्लैंड के पास मियामी में होने वाले क्वार्टर-फाइनल से पहले केवल दो दिन के अभ्यास का समय बचा है। इस मुकाबले में जीत हासिल करने वाली टीम का सामना सेमीफाइनल में अर्जेंटीना या स्विट्जरलैंड से होगा। ट्यूशेल के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि सीमित विकल्पों के बीच वह अपनी रक्षापंक्ति को किस तरह खड़ा करते हैं।