9 जुलाई 2026
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पलामू में NH-39 निर्माण पर बवाल: ग्रामीणों-पुलिस भिड़ंत में कई घायल, JAP जवान के सिर में गंभीर चोट

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पलामू में NH-39 निर्माण पर बवाल: ग्रामीणों-पुलिस भिड़ंत में कई घायल, JAP जवान के सिर में गंभीर चोट

सारांश

पलामू के चियांकी में NH-39 निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने पहुँची NHAI टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया — मुआवज़े के बिना घर तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए। पत्थरबाजी और लाठीचार्ज में JAP जवान सहित कई घायल; इलाके में निषेधाज्ञा के बावजूद तनाव बरकरार।

मुख्य बातें

9 जुलाई की सुबह पलामू जिले के चियांकी में NH-39 निर्माण को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई।
NHAI की टीम जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुँची थी; ग्रामीणों ने मुआवज़े के बिना मकान तोड़े जाने का विरोध किया।
JAP जवान राजमोहन सिंह के सिर में गंभीर चोट; सहायक महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी के पैर में चोट; सभी घायल MMCH में भर्ती।
क्षेत्र में पहले से निषेधाज्ञा लागू थी, फिर भी बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए।
SDO संजय पांडे , SDPO राजेश यादव और थाना प्रभारी अफजल अंसारी घटनास्थल पर मौजूद; अतिरिक्त बल तैनात।

झारखंड के पलामू जिले में नेशनल हाईवे-39 (NH-39) के निर्माण कार्य को लेकर 9 जुलाई की सुबह चियांकी में प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हिंसक टकराव हो गया। ग्रामीणों की पत्थरबाजी और पुलिस के लाठीचार्ज में कई ग्रामीण तथा दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) में भर्ती कराया गया है।

घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा

यह टकराव सदर थाना क्षेत्र के चियांकी स्थित वन विभाग के चेकनाका के पास हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम हाईवे निर्माण के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुँची थी। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उचित मुआवज़ा दिए बिना उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। इसी विवाद ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों की ओर से पत्थरबाजी शुरू होने के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। गौरतलब है कि प्रशासन ने हाईवे निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी, फिर भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

घायलों का ब्यौरा

झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) के जवान राजमोहन सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि सहायक महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी के पैर में चोट लगी। इनके अलावा कई ग्रामीण भी घायल हुए हैं और सभी का MMCH में इलाज चल रहा है। घटना के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी, जिसे बाद में हटवाया गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुँचा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडे, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जाँच की जा रही है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। हालाँकि, मुआवज़े के मुद्दे पर ग्रामीणों का असंतोष अभी भी बना हुआ है, जो आगे तनाव का कारण बन सकता है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवज़े को लेकर विवाद आम होते जा रहे हैं। पलामू जैसे आदिवासी-बहुल और आर्थिक रूप से पिछड़े ज़िलों में विस्थापन की आशंका ग्रामीणों के प्रतिरोध को और तीव्र बना देती है। NH-39 के निर्माण से जुड़ी यह झड़प क्षेत्र में विकास और विस्थापन के बीच की खाई को उजागर करती है।

आगे क्या

प्रशासन के अनुसार जाँच जारी है। मुआवज़े के सवाल पर कोई ठोस आश्वासन न मिलने तक ग्रामीणों का विरोध थमने की संभावना कम है। अधिकारियों पर दबाव है कि वे NHAI के निर्माण कार्यक्रम और प्रभावित परिवारों की माँगों के बीच संतुलन बनाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है — जहाँ राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ ज़मीनी स्तर पर पुनर्वास और मुआवज़े की प्रक्रिया पूरी किए बिना आगे बढ़ जाती हैं। NHAI की जेसीबी और पुलिस की लाठी से पहले संवाद क्यों नहीं हुआ, यह सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उँगली उठाता है। पलामू जैसे क्षेत्र में, जहाँ विस्थापन का इतिहास पहले से गहरा है, बिना भरोसे के विकास थोपना प्रतिरोध को अवश्यंभावी बनाता है। असली परीक्षा यह है कि क्या प्रशासन जाँच के बाद मुआवज़े का ठोस ढाँचा देगा, या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलामू में NH-39 निर्माण को लेकर विवाद क्यों हुआ?
NHAI की टीम 9 जुलाई को चियांकी में अतिक्रमण हटाने पहुँची, जिस पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उचित मुआवज़ा दिए बिना उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। इसी विवाद ने पत्थरबाजी और लाठीचार्ज में बदलकर हिंसक रूप ले लिया।
झड़प में कौन-कौन घायल हुए?
JAP जवान राजमोहन सिंह के सिर में गंभीर चोट आई और सहायक महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी के पैर में चोट लगी। इनके अलावा कई ग्रामीण भी घायल हुए; सभी का MMCH में इलाज चल रहा है।
घटनास्थल पर प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
SDO संजय पांडे, SDPO राजेश यादव और थाना प्रभारी अफजल अंसारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे घटनाक्रम की जाँच के आदेश दिए गए हैं।
क्या इलाके में पहले से कोई प्रतिबंध था?
हाँ, प्रशासन ने NH-39 निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्र प्रेस
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