मेलबर्न में PM मोदी का औपचारिक स्वागत, भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी का प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 9 जुलाई को मेलबर्न स्थित गवर्नमेंट हाउस में भव्य औपचारिक स्वागत किया गया, जहाँ ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विक्टोरिया की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर एसी ने उनका अभिनंदन किया। यह समारोह भारत की छह दिवसीय विदेश यात्रा के दूसरे चरण का हिस्सा था और दोनों देशों के बीच गहरे होते रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करता है।
औपचारिक स्वागत समारोह का विवरण
गवर्नमेंट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई सेना ने पारंपरिक सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया और इस दौरान भारत का राष्ट्रगान गूंजा। दोनों देशों के नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्वागत समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि इस कार्यक्रम ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मज़बूत होते रणनीतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को एक बार फिर विश्व के सामने प्रदर्शित किया।
मोदी-अल्बनीज मुलाकात और सीईओ फोरम
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम के अवसर पर अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की। अल्बनीज ने पीएम मोदी का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक साझा तस्वीर भी खिंचवाई। यह फोरम व्यापार और निवेश के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने का मंच बना।
पूर्व PM मॉरिसन से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी मुलाकात की। मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री श्री स्कॉट मॉरिसन से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती पर हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई।' यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध किसी एक सरकार तक सीमित नहीं, बल्कि द्विदलीय समर्थन पर आधारित हैं।
रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, खनिज संसाधन और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभर रहे हैं और क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता को बल दे रहे हैं।
विक्टोरिया और भारतीय समुदाय का महत्व
विक्टोरिया राज्य भारत के लिए विशेष महत्व रखता है — यहाँ बड़ी संख्या में भारतीय मूल के नागरिक निवास करते हैं और हज़ारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में विक्टोरिया और भारत के बीच सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में नए समझौतों की संभावना बताई जा रही है।