PM मोदी का मेलबर्न दौरा शुरू: ऑस्ट्रेलिया के साथ वार्षिक लीडर्स समिट, CEO फोरम और प्रवासी सभा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 8 जुलाई से ऑस्ट्रेलिया की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मेलबर्न पहुँचेंगे, जहाँ 8 से 10 जुलाई तक वार्षिक लीडर्स समिट सहित कई उच्चस्तरीय कार्यक्रम निर्धारित हैं। यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यात्रा का कार्यक्रम
मेलबर्न प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा, वे ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे। भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों की सभा को संबोधित करना भी इस यात्रा का प्रमुख हिस्सा है।
प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल सभा को भी संबोधित करेंगे। यह समुदाय भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक सशक्त स्तंभ माना जाता है।
ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया और रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पूर्व एंथनी अल्बानीज ने भारत को ऑस्ट्रेलिया का एक अहम आर्थिक साझेदार बताया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
अल्बानीज ने कहा, 'हमारे सालाना लीडर्स समिट के लिए अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंध पहले कभी इतने अहम नहीं रहे और हमारी साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा देती है।'
उच्चायुक्त की नज़र में दशक की प्रगति
ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने कहा कि 10 वर्षों में तीसरी बार प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा, पिछले दशक में द्विपक्षीय संबंधों की असाधारण प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'बदलता वैश्विक परिदृश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया को एक-दूसरे के करीब ला रहा है, क्योंकि दोनों देशों के रणनीतिक हित समान हैं।'
उच्चायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि 2020 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, क्लीन एनर्जी, शिक्षा व कौशल विकास, उभरती प्रौद्योगिकी, मोबिलिटी और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई आयामों में विस्तृत हो चुकी है।
भारतीय समुदाय का उत्साह
प्रधानमंत्री मोदी के मेलबर्न आगमन से पूर्व वहाँ के भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनके स्वागत में वैदिक हवन का आयोजन किया। यह उत्साह इस बात का संकेत है कि प्रवासी भारतीय इस यात्रा को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों की दृष्टि से कितना महत्वपूर्ण मानते हैं।
आगे की राह
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही क्वाड (QUAD) के सदस्य हैं, और इस साझेदारी को क्षेत्रीय स्थिरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है।