वायनाड भूस्खलन: 4 प्रवासी श्रमिकों की मौत, CM सतीशन करेंगे मीनाक्षी ब्रिज का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
केरल के वायनाड जिले में 8 जुलाई 2026 को भारी बारिश के बीच कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में चार प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कैबिनेट बैठक के बाद वायनाड दौरे की घोषणा की है।
हादसे का घटनाक्रम
सुरंग निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा अचानक ढह गया, जिससे वहाँ काम कर रहे प्रवासी श्रमिक उसकी चपेट में आ गए। राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुँचे और अभियान लगातार जारी रखा।
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि मलबे से निकाले गए तीन श्रमिकों के शव का पोस्टमार्टम वैथिरी तालुक अस्पताल में पूरा किया गया। प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए सुल्तान बथेरी तालुक अस्पताल से अतिरिक्त सर्जन को भी बुलाया गया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'वायनाड की त्रासदी ने केरल को बुरी तरह झकझोर दिया है। बचाव कार्य जोरों पर चल रहे हैं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार सभी घायलों के लिए हर संभव इलाज सुनिश्चित करेगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'कल कैबिनेट की बैठक के बाद, मैं वायनाड के लिए रवाना होऊंगा और दोपहर करीब 1 बजे भूस्खलन से प्रभावित मीनाक्षी ब्रिज का दौरा करूंगा। हम इस आपदा से प्रभावित हर परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। पूरा केरल, वायनाड के साथ एकजुट है।'
राहत शिविर और चिकित्सा व्यवस्था
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से विस्थापित लोगों के लिए मेप्पाडी पॉलिटेक्निक में राहत शिविर स्थापित किया गया है। इसमें 42 परिवारों के 142 लोगों को ठहराया गया है। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
आम जनता और श्रमिकों पर असर
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब वायनाड पहले से ही मानसून की भारी बारिश की मार झेल रहा है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में सुरंग निर्माण जैसी बड़ी परियोजनाओं में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं, जो आपदा की स्थिति में सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद राहत और पुनर्वास के लिए आगे की कार्य योजना स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और बचाव कार्य अभी भी जारी है।