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वायनाड भूस्खलन: कल्लाडी सुरंग स्थल पर 4 प्रवासी मजदूरों की मौत, 6 लापता; CM 8 जुलाई को पहुँचेंगे

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वायनाड भूस्खलन: कल्लाडी सुरंग स्थल पर 4 प्रवासी मजदूरों की मौत, 6 लापता; CM 8 जुलाई को पहुँचेंगे

सारांश

वायनाड के कल्लाडी में सुरंग निर्माण स्थल पर भूस्खलन ने 4 प्रवासी मजदूरों की जान ली, 6 अभी भी लापता हैं। 142 विस्थापित लोग राहत शिविर में हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 8 जुलाई को हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुँचेंगे।

मुख्य बातें

वायनाड के कल्लाडी स्थित सुरंग निर्माण स्थल पर 7 जुलाई को भीषण भूस्खलन हुआ।
4 प्रवासी मजदूरों की मौत की पुष्टि; 6 लोग अभी भी लापता, 9 घायल ।
3 शवों का पोस्टमार्टम वैथिरी तालुक अस्पताल में पूरा; 2 घायल आईसीयू में।
42 परिवारों के 142 लोग मेप्पाडी पॉलिटेक्निक के राहत शिविर में।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 8 जुलाई दोपहर 1 बजे प्रभावित स्थल पर पहुँचेंगे।
स्वास्थ्य सेवाएँ 24 घंटे उपलब्ध; मेप्पाडी में कंट्रोल रूम सक्रिय।

केरल के वायनाड जिले के कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के निकट एक सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर 7 जुलाई को हुए भीषण भूस्खलन में चार प्रवासी मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। छह लोग अभी भी लापता हैं और नौ घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। प्रशासन को आशंका है कि मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

हादसे का घटनाक्रम

सुरंग खुदाई के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में वहाँ काम कर रहे मजदूर आ गए। राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुँचे और मलबे से शव तथा घायलों को निकालने का कार्य शुरू किया। रात के समय बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोका गया, लेकिन एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें स्थल पर मौजूद रहीं।

स्वास्थ्य व्यवस्था और घायलों की स्थिति

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि मलबे से निकाले गए तीन प्रवासी मजदूरों का पोस्टमार्टम वैथिरी तालुक अस्पताल में पूरा कर लिया गया है। प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए सुल्तान बथेरी तालुक अस्पताल से भी सर्जन को बुलाया गया था।

मेप्पाडी स्थित डब्ल्यूआईएमएस अस्पताल में भर्ती नौ घायलों में से दो को छुट्टी दे दी गई है। शेष सात में एक एर्नाकुलम निवासी साइट इंजीनियर भी शामिल है, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। दो घायल आईसीयू में हैं — एक के सिर और दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर है, जबकि दूसरे के दोनों पैर टूटे हैं।

राहत शिविर और समन्वय

भूस्खलन से विस्थापित 42 परिवारों के 142 लोगों को मेप्पाडी पॉलिटेक्निक में स्थापित राहत शिविर में ठहराया गया है। यहाँ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम चौबीसों घंटे तैनात है। मेप्पाडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय का कार्य संभाल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और 108 एम्बुलेंस सेवा की टीमें मौके पर तैनात रहीं।

मुख्यमंत्री का दौरा

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 8 जुलाई को कल्लाडी स्थित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। वे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुबह 11:30 बजे हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे और दोपहर करीब एक बजे मीनाक्षी ब्रिज के पास आपदा स्थल पर पहुँचकर अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।

आगे की स्थिति

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब केरल मानसून के चरम मौसम में है और वायनाड जैसे पहाड़ी जिले भूस्खलन के लिहाज़ से संवेदनशील माने जाते हैं। गौरतलब है कि जुलाई 2024 में वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की जान गई थी। बचाव दल का अभियान जारी है और लापता छह लोगों की तलाश में मलबा हटाने का काम प्राथमिकता पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के दौरान मजदूर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाता है। जुलाई 2024 की तबाही के बाद भी यदि सुरंग निर्माण स्थलों पर मानसून के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं थे, तो यह प्रशासनिक चूक है। प्रवासी मजदूर — जो अक्सर सबसे जोखिम भरे काम करते हैं — बार-बार इन हादसों में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, फिर भी उनके लिए मुआवज़े और पुनर्वास की व्यवस्था प्रायः प्रतिक्रियात्मक होती है, नीतिगत नहीं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वायनाड कल्लाडी भूस्खलन में कितने लोगों की मौत हुई?
7 जुलाई को कल्लाडी स्थित सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में अब तक 4 प्रवासी मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। 6 लोग अभी भी लापता हैं और प्रशासन को मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
वायनाड भूस्खलन में घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों को मेप्पाडी स्थित डब्ल्यूआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ 9 में से 2 को छुट्टी दे दी गई है। 2 घायल आईसीयू में हैं, जिनमें से एक के सिर और दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर है।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन वायनाड कब जाएंगे?
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 8 जुलाई को तिरुवनंतपुरम से सुबह 11:30 बजे हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे और दोपहर करीब 1 बजे कल्लाडी स्थित भूस्खलन प्रभावित स्थल पर पहुँचेंगे।
विस्थापित लोगों के लिए राहत की क्या व्यवस्था है?
भूस्खलन से विस्थापित 42 परिवारों के 142 लोगों को मेप्पाडी पॉलिटेक्निक में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है। शिविर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम 24 घंटे तैनात है।
वायनाड में भूस्खलन क्यों हुआ?
सुरंग खुदाई के दौरान निकाली गई भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा अचानक ढह जाने से यह हादसा हुआ। वायनाड मानसून के दौरान भूस्खलन के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।
राष्ट्र प्रेस
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