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नर्मदा जल विवाद सुलझा: महाराष्ट्र को मिलेगा 10 टीएमसी पानी, सीएम फडणवीस ने की घोषणा

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नर्मदा जल विवाद सुलझा: महाराष्ट्र को मिलेगा 10 टीएमसी पानी, सीएम फडणवीस ने की घोषणा

सारांश

20 साल से अटका नर्मदा जल विवाद आखिरकार सुलझा — अमित शाह की अध्यक्षता में हुई चार राज्यों की बैठक में महाराष्ट्र को 10 टीएमसी पानी का हक मिला। 5 टीएमसी उकाई बांध से, 5 टीएमसी नर्मदा-तापी डाइवर्जन से, और ₹27 करोड़ को छोड़ बाकी बकाया माफ।

मुख्य बातें

20 साल पुराना नर्मदा जल विवाद सुलझा; महाराष्ट्र को 10 टीएमसी पानी आवंटित।
5 टीएमसी पानी नर्मदा-तापी डाइवर्जन स्कीम से और 5 टीएमसी उकाई बांध से मॉनसून सीजन में मिलेगा।
महाराष्ट्र पर अब केवल ₹27 करोड़ बकाया; शेष राशि माफ।
फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान के सीएम की बैठक में लिया गया।
कुसुम योजना के कुल फंड का 51% हिस्सा महाराष्ट्र को — देश में किसी भी राज्य को सर्वाधिक।
उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 7 जुलाई को घोषणा की कि नर्मदा नदी के जल बँटवारे को लेकर चला आ रहा 20 साल पुराना विवाद आखिरकार सुलझ गया है और महाराष्ट्र को 10 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बहु-राज्यीय बैठक में लिया गया।

बैठक का घटनाक्रम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की यह बैठक नर्मदा जल आवंटन के दशकों पुराने अनसुलझे मसले को हल करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए फडणवीस ने बताया कि नर्मदा परियोजना पूरी होने के बाद महाराष्ट्र को केवल बिजली मिली थी, जबकि उसका 10 टीएमसी पानी का वाजिब हिस्सा कभी आवंटित नहीं किया गया था।

पानी कहाँ से और कैसे मिलेगा

तय योजना के अनुसार, आवंटित 10 टीएमसी में से 5 टीएमसी पानी नर्मदा-तापी डाइवर्जन स्कीम के जरिए और शेष 5 टीएमसी पानी सीधे उकाई बांध से लिया जाएगा। गुजरात इस बात पर सहमत हो गया है कि महाराष्ट्र मॉनसून के मौसम में, जब उकाई बांध भरा हो, यह पानी ले सकता है। फडणवीस ने बताया कि उकाई बांध से पानी लाने के लिए एक व्यवस्थित योजना अभी तैयार की जा रही है।

वित्तीय राहत और बकाया माफी

जल आवंटन के साथ-साथ बकाया फंड और अन्य अनसुलझे मुद्दों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए। अब महाराष्ट्र पर मात्र ₹27 करोड़ का बकाया शेष रह गया है, जबकि पहले माँगी गई बाकी रकम माफ कर दी गई है। गौरतलब है कि पुनर्वास का काम पूरा होने के बावजूद, परियोजना शुरू होने के बाद से महाराष्ट्र को पानी की एक बूंद भी नहीं मिली थी।

कुसुम और सौर ऊर्जा योजनाओं पर भी चर्चा

फडणवीस ने केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हुई एक अलग समीक्षा बैठक की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश की कुल कुसुम (किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना के फंड का 51 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र को आवंटित किया गया है, जो भारत के किसी भी राज्य के लिए सर्वाधिक आवंटन है। केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र से 'पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना' के तहत और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया, जिस पर राज्य सरकार ने आवश्यक सुधार लागू करने का भरोसा दिलाया।

उत्तरी महाराष्ट्र को होगा सबसे अधिक लाभ

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उकाई बांध से पानी लाने की योजना से उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों को सबसे अधिक लाभ होगा, जो लंबे समय से जल संकट से जूझते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में सिंचाई और पेयजल की माँग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और गुजरात के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और भरोसा जताया कि केंद्र सरकार भविष्य में भी महाराष्ट्र को आवश्यक फंडिंग और तकनीकी सहायता प्रदान करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मॉनसून पर निर्भरता एक संरचनात्मक सीमा है। यह भी उल्लेखनीय है कि पुनर्वास पूरा होने के बाद भी दशकों तक महाराष्ट्र को पानी न मिलना अंतर-राज्यीय जल प्रशासन की गहरी खामियों को उजागर करता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र को नर्मदा नदी से कितना पानी मिलेगा और कब से?
महाराष्ट्र को कुल 10 टीएमसी पानी आवंटित किया गया है — 5 टीएमसी नर्मदा-तापी डाइवर्जन स्कीम से और 5 टीएमसी उकाई बांध से मॉनसून सीजन में। उकाई बांध से पानी लाने की विस्तृत योजना अभी तैयार की जा रही है।
यह नर्मदा जल विवाद 20 साल से क्यों अनसुलझा था?
नर्मदा परियोजना पूरी होने के बाद महाराष्ट्र को केवल बिजली मिली, जबकि उसका 10 टीएमसी पानी का हिस्सा आवंटित नहीं किया गया था। पुनर्वास कार्य पूरा होने के बावजूद परियोजना शुरू होने से अब तक महाराष्ट्र को पानी की एक बूंद भी नहीं मिली थी।
इस बैठक में और कौन-कौन से फैसले लिए गए?
जल आवंटन के साथ-साथ बकाया फंड पर भी राहत दी गई — महाराष्ट्र पर अब केवल ₹27 करोड़ बकाया है और पहले माँगी गई बाकी रकम माफ कर दी गई है। कुसुम योजना के तहत देश के कुल फंड का 51 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र को देने का भी निर्णय हुआ।
उत्तरी महाराष्ट्र को इससे क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार उकाई बांध से पानी लाने की योजना से उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों को सबसे अधिक लाभ होगा, जो लंबे समय से जल संकट झेल रहे हैं। यह सिंचाई और पेयजल दोनों जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा।
कुसुम योजना में महाराष्ट्र को 51% आवंटन क्यों मिला?
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र के प्रदर्शन और माँग को देखते हुए यह आवंटन किया गया। यह भारत के किसी भी राज्य को मिला सबसे बड़ा कुसुम फंड आवंटन है।
राष्ट्र प्रेस
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