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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला: 11 जून से नर्मदा नहर से सिंचाई जल छोड़ने का आदेश

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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला: 11 जून से नर्मदा नहर से सिंचाई जल छोड़ने का आदेश

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने निर्धारित समय से पहले 11 जून से नर्मदा नहर से सिंचाई जल छोड़ने का आदेश दिया। कमांड क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की माँग और उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद यह फैसला खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी राहत देगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 9 जून 2026 को नर्मदा नहर नेटवर्क से सिंचाई जल 11 जून से छोड़ने का निर्देश दिया।
यह निर्णय नर्मदा कमांड क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की शीघ्र जल आपूर्ति की माँग के बाद लिया गया।
सरदार सरोवर नर्मदा निगम के अध्यक्ष मुकेश पुरी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में जल भंडार और सिंचाई आवश्यकताओं की समीक्षा की गई।
नर्मदा नहर नेटवर्क गुजरात के बड़े हिस्से में खरीफ मौसम के दौरान सिंचाई का प्रमुख स्रोत है।
समय पर जल आपूर्ति से नर्मदा कमांड क्षेत्र के किसानों की मानसून-पूर्व कृषि तैयारियाँ सुगम होंगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 9 जून 2026 को निर्देश दिया कि नर्मदा नहर नेटवर्क से सिंचाई के लिए पानी निर्धारित समय से पूर्व 11 जून से छोड़ा जाए, ताकि नर्मदा कमांड क्षेत्र के किसान खरीफ सीजन की कृषि तैयारियाँ समय पर पूरी कर सकें। कमांड क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की माँग के बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय उपलब्ध जल भंडार और फसल सिंचाई आवश्यकताओं की समीक्षा के आधार पर लिया।

उच्च स्तरीय बैठक में हुआ निर्णय

मुख्यमंत्री पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरदार सरोवर नर्मदा निगम के अध्यक्ष मुकेश पुरी, जल आपूर्ति की प्रधान सचिव शाहमीना हुसैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, सचिव डॉ. अजय कुमार, सरदार सरोवर नर्मदा निगम के निदेशक (कमांड क्षेत्र) रबाड़िया, निदेशक (नहर), और जल आपूर्ति बोर्ड के सदस्य सचिव भगदेव उपस्थित रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री को नर्मदा प्रणाली में वर्तमान जल भंडार की स्थिति और नहर नेटवर्क से जुड़े क्षेत्रों में किसानों की अनुमानित सिंचाई आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

किसानों की माँग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया

राज्य सरकार के बयान के अनुसार, नर्मदा कमांड क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने शीघ्र जल आपूर्ति की माँग रखी थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को 11 जून से ही जल प्रवाह शुरू करने का निर्देश दिया। यह निर्णय निर्धारित कार्यक्रम से पहले लिया गया, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नर्मदा नहर नेटवर्क का कृषि में महत्व

नर्मदा नहर नेटवर्क गुजरात के बड़े भूभाग के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। यह नेटवर्क विशेष रूप से खरीफ मौसम के दौरान कृषि गतिविधियों की रीढ़ है। नहर सिंचाई पर निर्भर कई जिलों में बुवाई और फसल नियोजन के लिए समय पर जल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है, क्योंकि मानसून आने से पहले की तैयारी पूरी फसल को प्रभावित करती है।

किसानों पर असर और आगे की राह

11 जून से जल प्रवाह शुरू होने से नर्मदा कमांड क्षेत्र के किसानों को मानसून की खेती के चक्र से पहले अपनी कृषि तैयारियाँ पूरी करने में सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में किसान खरीफ बुवाई के लिए सिंचाई जल की प्रतीक्षा कर रहे थे। राज्य सरकार के अनुसार, जल भंडार की उपलब्धता की नियमित समीक्षा जारी रहेगी ताकि सीजन भर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नर्मदा प्रणाली में उपलब्ध जल भंडार पूरे खरीफ सीजन की माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है या नहीं — यह जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों के दबाव पर लिए गए ऐसे फैसले अक्सर अल्पकालिक राहत तो देते हैं, परंतु दीर्घकालिक जल प्रबंधन की चुनौती बनी रहती है। गुजरात में नर्मदा जल के आवंटन को लेकर कृषि, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के बीच प्रतिस्पर्धा पहले से मौजूद है, जिसे देखते हुए इस निर्णय की दीर्घकालिक व्यवहार्यता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में नर्मदा नहर से सिंचाई जल कब से छोड़ा जाएगा?
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार 11 जून 2026 से नर्मदा नहर नेटवर्क के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। यह निर्धारित समय से पहले का निर्णय है, जो मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया।
नर्मदा जल जल्दी छोड़ने का फैसला क्यों लिया गया?
नर्मदा कमांड क्षेत्र के सांसदों और विधायकों ने खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए शीघ्र जल आपूर्ति की माँग की थी। मुख्यमंत्री पटेल ने नर्मदा प्रणाली में जल भंडार की स्थिति और फसल सिंचाई आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया।
नर्मदा कमांड क्षेत्र के किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
समय पर जल आपूर्ति से किसान मानसून की खेती के चक्र से पहले बुवाई और फसल नियोजन की तैयारियाँ पूरी कर सकेंगे। नर्मदा नहर नेटवर्क पर निर्भर कई जिलों में खरीफ फसलों के लिए यह जल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
बैठक में सरदार सरोवर नर्मदा निगम के अध्यक्ष मुकेश पुरी, जल आपूर्ति की प्रधान सचिव शाहमीना हुसैन, अतिरिक्त मुख्य प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, सचिव डॉ. अजय कुमार, निदेशक (कमांड क्षेत्र) रबाड़िया, निदेशक (नहर) और जल आपूर्ति बोर्ड के सदस्य सचिव भगदेव उपस्थित थे।
गुजरात में नर्मदा नहर नेटवर्क की कृषि में क्या भूमिका है?
नर्मदा नहर नेटवर्क गुजरात के बड़े हिस्से के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है और खरीफ मौसम के दौरान कृषि गतिविधियों में केंद्रीय भूमिका निभाता है। नहर सिंचाई पर निर्भर कई जिलों में समय पर जल उपलब्धता बुवाई और फसल नियोजन के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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