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गुजरात में सीएम भूपेंद्र पटेल ने जल संरक्षण के लिए सुफलाम जल अभियान 2.0 की शुरुआत की

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गुजरात में सीएम भूपेंद्र पटेल ने जल संरक्षण के लिए सुफलाम जल अभियान 2.0 की शुरुआत की

सारांश

जल संकट से निपटने के लिए गुजरात में सुफलाम जल अभियान की शुरुआत, जो 2026 तक चलेगा। जानें इस अभियान के महत्व और कार्यों के बारे में।

मुख्य बातें

गुजरात में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
सुफलाम जल अभियान 2.0 31 मई 2026 तक चलेगा।
हर तालुका में 10 तालाबों को गहरा किया जाएगा।
जन भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण कार्य।
राज्य की पानी संग्रहण क्षमता में वृद्धि।

गांधीनगर, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जल संरक्षण और वर्षा के पानी को संग्रहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रेन' के अभियान को प्रेरित करते हुए गुजरात में सुफलाम जल अभियान का शुभारंभ किया है। यह जनभागीदारी 2.0 अभियान पूरे राज्य में लागू किया गया है।

यह व्यापक जल संरक्षण अभियान 31 मई 2026 तक जारी रहेगा। इस योजना के तहत, प्रत्येक तालुका में 10 तालाबों को गहरा करके पानी संग्रहण की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा, ग्राउंडवॉटर स्तर में सुधार किया जाएगा और वर्षा के पानी को संचित किया जाएगा।

इसके लिए, राज्य सरकार के 6 विभिन्न विभाग, जैसे कि जल संसाधन, जल आपूर्ति, सरदार सरोवर नर्मदा निगम, ग्रामीण विकास, वन एवं पर्यावरण, और शहरी विकास सभी जिलों में जन भागीदारी के साथ जल संरक्षण के कार्य करेंगे।

इन कार्यों में मौजूदा झीलों को गहरा करना, चेक डैम से गाद निकालना, जलाशयों तथा नदियों से गाद निकालना, चेक डैम की मरम्मत, नहरों की सफाई, वर्षा के पानी का संचयन, खेतों के तालाब, मिट्टी के बांध बनाना, छतों पर जल संचयन, पीने के पानी के स्रोत/टैंक/सिंक/इनटेक संरचनाओं की सफाई, झीलों के वेस्ट वियर की मरम्मत, और जल प्रवाह में बाधा डालने वाले जंगली बबूल तथा झाड़ियों को हटाना शामिल है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस वर्ष के सुफलाम जल अभियान-जल संचय जनभागीदारी 2.0 की शुरुआत गांधीनगर जिले के भाट गांव की झील को गहरा करके की थी। इस झील के गहरे होने से भविष्य में इसकी कुल स्टोरेज क्षमता 2.01 लाख क्यूबिक फीट हो जाएगी।

यह आवश्यक अभियान राज्य सरकार 2018 से हर साल चला रही है। 2018 से 2025 तक 8 वर्षों में किए गए 122,299 कार्यों में से 39,542 नए तालाब गहरे किए गए हैं, 26,544 चेक डैम से गाद निकाली गई है, और 82,240 किलोमीटर नहरों और नहरों की सफाई की गई है।

इन सभी प्रयासों के कारण राज्य की पानी संग्रहण क्षमता कुल 139,959 लाख क्यूबिक फीट बढ़ी है और 210 लाख मैन-डेज रोजगार का सृजन हुआ है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के भाट गांव से साल 2026 के लिए सुफलाम जल अभियान-जल संचय जनभागीदारी 2.0 की शुरुआत की। इस अवसर पर जल संसाधन और जल आपूर्ति राज्य मंत्री ईश्वर सिंह पटेल, सांसद हसमुखभाई पटेल, विधायक अल्पेशभाई ठाकोर, रीताबेन पटेल, गांधीनगर की मेयर मीराबेन पटेल, स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन गौरांगभाई, शहर भाजपा अध्यक्ष आशीष दवे, जल संसाधन सचिव पीसी व्यास, अतिरिक्त सचिव एमडी पटेल, और गांधीनगर नगर निगम के कमिश्नर वाघेला, वरिष्ठ अधिकारी और गांववाले उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सभी के लिए लाभकारी होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुफलाम जल अभियान 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा के पानी का संचयन करना है।
यह अभियान कब तक चलेगा?
यह अभियान 31 मई 2026 तक चलेगा।
कितने तालाबों को गहरा किया जाएगा?
हर तालुका में 10 तालाबों को गहरा किया जाएगा।
इस अभियान में कौन से विभाग शामिल हैं?
इसमें जल संसाधन, जल आपूर्ति, ग्रामीण विकास, और शहरी विकास जैसे विभाग शामिल हैं।
पानी की संग्रहण क्षमता कैसे बढ़ाई जाएगी?
मौजूदा झीलों को गहरा करके और चेक डैम से गाद निकालकर पानी की संग्रहण क्षमता बढ़ाई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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