गुजरात में 'सुजलम सुफलम जल अभियान' से 8 वर्षों में 1,38,039 लाख घन फीट जल भंडारण क्षमता बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के जल संसाधन एवं जल आपूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने सोमवार, 29 जून को जानकारी दी कि राज्य में जारी 'सुजलम सुफलम जल अभियान' के अंतर्गत इस वर्ष जल भंडारण क्षमता में 20,789 लाख घन फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पिछले आठ वर्षों की संचयी वृद्धि रिकॉर्ड 1,38,039 लाख घन फीट तक पहुँच गई है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कैच द रेन' अभियान के अनुरूप क्रियान्वित किया गया है। इसका प्रमुख लक्ष्य भूजल स्तर में सुधार लाना और पूरे गुजरात में जल संरक्षण से जुड़े बुनियादी ढाँचे का विस्तार करना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह पहल नागरिकों की व्यापक भागीदारी के साथ एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने कहा, 'राज्य भर में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और भूजल स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से सुजलम सुफलम जल अभियान नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण जन आंदोलन बन गया है।'
मुख्य घटनाक्रम और कार्य विवरण
इस अभियान का राज्यव्यापी शुभारंभ 23 फरवरी को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा किया गया था। मई तक विभिन्न विभागों में समन्वित कार्यान्वयन के ज़रिए कुल 13,315 कार्य पूरे किए जा चुके थे।
इन कार्यों में तालाबों को गहरा करने की 2,450 परियोजनाएँ, चेक डैम की गाद निकालने के 3,661 कार्य और चेक डैम की मरम्मत के 1,160 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 626 किलोमीटर लंबी नहरों और 1,277 किलोमीटर लंबी नालियों की सफाई भी की गई।
रोज़गार सृजन और आर्थिक प्रभाव
इन संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष लगभग 2.30 लाख मानव-दिवस का रोज़गार सृजित हुआ। आठ वर्षों की संचयी अवधि में यह आँकड़ा 206.73 लाख मानव-दिवस तक पहुँच चुका है। गौरतलब है कि ये कार्य जनभागीदारी, मनरेगा (MGNREGA) योजना और विभागीय कार्यान्वयन के माध्यम से संपन्न किए जाते हैं।
आठ वर्षों की संचयी उपलब्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में इस पहल के तहत कुल 1,23,635 कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें तालाबों को गहरा करने और निर्माण से संबंधित 39,770 कार्य, चेक डैम की गाद निकालने के 26,873 कार्य और चेक डैम की मरम्मत के 7,810 कार्य शामिल हैं। इसी अवधि में 80,793 किलोमीटर लंबी नहरों और नालियों की सफाई का कार्य भी पूरा हो चुका है।
छह विभागों का समन्वित प्रयास
राज्य सरकार ने इस अभियान को जल संसाधन, जल आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड — इन छह विभागों के समन्वय से लागू किया है। यह बहु-विभागीय दृष्टिकोण अभियान की व्यापकता और प्रभाव को रेखांकित करता है। आने वाले वर्षों में इस अभियान के और विस्तार की संभावना है, जो गुजरात में दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकता है।