गुजरात जलाशयों में 59.75% भंडारण, पिछले साल से 9% अधिक; सरदार सरोवर 72% भरा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के जल संसाधन विभाग के अनुसार, राज्य के प्रमुख जलाशयों में 4 मई 2025 तक कुल जल भंडारण 59.75 प्रतिशत तक पहुँच गया है — जो 3 मई 2024 के 50.71 प्रतिशत की तुलना में करीब 9.04 प्रतिशत अधिक है। इस सुधार का मुख्य कारण राज्य में 128 प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज होना और बेहतर जल संरक्षण उपाय बताए जा रहे हैं।
मुख्य आँकड़े
आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के प्रमुख जलाशयों में इस समय कुल 5.32 लाख मिलियन क्यूबिक फीट पानी संग्रहीत है। पिछले वर्ष इसी तिथि को यह भंडारण 4.52 लाख मिलियन क्यूबिक फीट था। राज्य की जीवन रेखा कहे जाने वाले सरदार सरोवर बांध में अभी 2.41 लाख मिलियन क्यूबिक फीट पानी है, जो उसकी कुल क्षमता का 72.33 प्रतिशत है। यह पिछले साल के 60.15 प्रतिशत से 12.18 प्रतिशत अधिक है।
क्षेत्रवार स्थिति
क्षेत्रवार आँकड़ों पर नज़र डालें तो मध्य गुजरात में सर्वाधिक 59.52 प्रतिशत भंडारण दर्ज किया गया है। दक्षिण गुजरात में 54.13 प्रतिशत और उत्तर गुजरात में 49.11 प्रतिशत जल उपलब्ध है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में स्थिति अपेक्षाकृत कम है — क्रमशः 43.45 प्रतिशत और 37.12 प्रतिशत। गौरतलब है कि पिछले वर्ष उत्तर गुजरात में केवल 32.35 प्रतिशत, सौराष्ट्र में 32.45 प्रतिशत और कच्छ में 33.61 प्रतिशत ही भंडारण था — यानी इन तीनों क्षेत्रों में सुधार सबसे उल्लेखनीय रहा है।
पेयजल और सिंचाई पर असर
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा, ''अच्छी और ज्यादा बारिश होने से राज्य के बड़े जलाशयों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।'' यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब गर्मी के मौसम में पेयजल की माँग अपने चरम पर होती है। बेहतर भंडारण से न केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि खरीफ सीज़न की सिंचाई ज़रूरतें भी पूरी की जा सकेंगी।
जल संरक्षण की भूमिका
अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि केवल अधिक वर्षा ही नहीं, बल्कि ''बेहतर जल संरक्षण और प्रबंधन'' भी इस सुधार में सहायक रहा है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य के कई हिस्से — विशेषकर सौराष्ट्र और कच्छ — ऐतिहासिक रूप से जल संकट के प्रति संवेदनशील रहे हैं। आगामी मानसून से पहले जलाशयों की यह स्थिति राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।