गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025: 393 संस्थाओं में मतदान शुरू, 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025: 393 संस्थाओं में मतदान शुरू, 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

सारांश

गुजरात में 393 स्थानीय निकायों के लिए रविवार को मतदान शुरू हुआ। 4.18 करोड़ मतदाता, 20 हजार से अधिक उम्मीदवार और 50,000 मतदान केंद्र। ओबीसी को 27%25 आरक्षण पहली बार लागू। 28 अप्रैल को मतगणना। यह चुनाव 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा का सेमीफाइनल माना जा रहा है।

Key Takeaways

  • 393 स्थानीय निकायों में 26 अप्रैल 2025 को एक साथ मतदान हुआ — इसमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
  • 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता और 50,000 मतदान केंद्र — गुजरात के इतिहास का एक बड़ा चुनावी आयोजन।
  • नामांकन वापसी के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में, कुल 9,992 सीटों पर चुनाव।
  • ओबीसी को 27%25 आरक्षण पहली बार लागू — इसके लिए व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन किया गया।
  • भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला, भाजपा चारों प्रमुख नगर निगमों पर काबिज।
  • 28 अप्रैल 2025 को मतगणना — परिणाम 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे।

अहमदाबाद, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के लिए रविवार को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। राज्य की 393 स्वशासनिक संस्थाओं में एक साथ मतदान हो रहा है, जिसमें 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

चुनाव का दायरा और संरचना

इस विशाल चुनावी प्रक्रिया में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है। नामांकन वापसी के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि कई सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। यदि किसी केंद्र पर पुनर्मतदान की आवश्यकता हुई तो वह अगले दिन होगा। वोटों की गिनती 28 अप्रैल 2025 को होगी। पूरे राज्य में लगभग 50,000 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

राजनीतिक समीकरण और प्रमुख दल

यह चुनाव बहुकोणीय मुकाबले का गवाह बन रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। वर्तमान में भाजपा अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट के नगर निगमों पर अपना वर्चस्व बनाए हुए है।

आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव अग्निपरीक्षा जैसा है। 2022 के विधानसभा चुनावों में गुजरात में खाता न खुलने के बाद 'आप' स्थानीय स्तर पर अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव पार्टी की जमीनी ताकत को परखने का मौका है।

ओबीसी आरक्षण और परिसीमन का असर

इस बार के चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक महत्व रखते हैं क्योंकि ये अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत संशोधित आरक्षण के तहत हो रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह आरक्षण लागू किया। इसके लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन करना पड़ा।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए मौजूदा आरक्षण के साथ इन नए प्रावधानों से गुजरात के स्थानीय प्रशासन का स्वरूप बदलने की उम्मीद है। यह बदलाव सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आगामी चुनावों का 'सेमीफाइनल'

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये चुनाव 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले जनमत का सबसे बड़ा संकेतक हैं। गुजरात, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है, वहां भाजपा का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेगा।

उल्लेखनीय है कि 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। इस बार 'आप' की उपस्थिति और बदले हुए आरक्षण समीकरण मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। 28 अप्रैल को आने वाले परिणाम न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि गुजरात की भावी राजनीतिक दिशा भी तय करेंगे।

Point of View

लेकिन सवाल यह भी है कि इतने बड़े परिसीमन के बाद क्या वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो पाएगा। 'आप' की मौजूदगी भाजपा को चुनौती देने से ज्यादा कांग्रेस के वोट काटने का काम कर सकती है — जो अंततः भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। 28 अप्रैल के नतीजे बताएंगे कि गुजरात की जनता 2027 के लिए किस दिशा में सोच रही है।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2025 में कितनी संस्थाओं में मतदान हो रहा है?
गुजरात में 393 स्वशासनिक संस्थाओं में एक साथ मतदान हो रहा है, जिसमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। कुल 9,992 प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है।
गुजरात निकाय चुनाव 2025 के वोटों की गिनती कब होगी?
वोटों की गिनती 28 अप्रैल 2025 को होगी। मतदान 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चला।
गुजरात निकाय चुनाव में कितने उम्मीदवार मैदान में हैं?
नामांकन वापसी के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। कई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
गुजरात निकाय चुनाव 2025 में ओबीसी आरक्षण क्या है?
इस बार के चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत संशोधित आरक्षण के तहत हो रहे हैं। इसके लिए कई जिलों में व्यापक परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन किया गया।
गुजरात निकाय चुनाव राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये चुनाव 2027 के गुजरात विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले जनमत का सबसे बड़ा संकेतक माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के गृह राज्य में भाजपा का प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करेगा।
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