सुखबीर सिंह बादल पर हमला: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की कड़ी निंदा, बोले — 'पवित्र स्थल पर हिंसा अक्षम्य'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 13 अगस्त को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है, और किसी पवित्र धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की घटना और भी अधिक निंदनीय है। राहत की बात यह रही कि सुखबीर सिंह बादल इस हमले में सुरक्षित बचे।
एक्स पर क्या लिखा कैप्टन ने
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा, 'मैं आज सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, और ऐसी हरकतें तब और भी निंदनीय हो जाती हैं जब वे किसी पवित्र धार्मिक स्थल पर हों। मुझे राहत है कि सुखबीर सिंह बादल सुरक्षित हैं।' उन्होंने इस पोस्ट में पंजाब की शांति और भाईचारे की संस्कृति की रक्षा का आह्वान भी किया।
जांच और जवाबदेही की मांग
कैप्टन ने राज्य प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की अपील की। उन्होंने लिखा, 'मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे इस मामले की गहन जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि दोषियों को सजा मिले।' उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और हमले में शामिल लोगों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पंजाब की शांति पर मंडराता खतरा
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के कड़वे अतीत का स्मरण कराते हुए कहा कि राज्य ने अनेक कुर्बानियों के बाद अमन हासिल किया है। उन्होंने चेताया, 'पंजाब को कभी भी हिंसा और नफरत के दौर में वापस नहीं जाने दिया जाना चाहिए।' उनके अनुसार किसी भी हिंसक घटना से सामाजिक तनाव बढ़ता है और इसका सीधा असर प्रदेश की एकता और अखंडता पर पड़ता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताई चिंता
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संज्ञान लिया। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में राजनीतिक घटनाक्रम तेज़ी से बदल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि एक वरिष्ठ राजनेता पर धार्मिक स्थल पर हुआ यह हमला राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।