हरसिमरत कौर ने PM मोदी का जताया आभार, नांदेड़ हमले के बाद सुखबीर बादल का हाल जानने पर कहा — 'नेक व्यवहार से प्रभावित हूं'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में माता साहेब गुरुद्वारा के निकट गुरुवार को एक निहंग हमलावर द्वारा कृपाण से हमले के बाद, उनकी पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। दोनों केंद्रीय नेताओं ने हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल का व्यक्तिगत रूप से हाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
हरसिमरत कौर का PM मोदी को धन्यवाद
हरसिमरत कौर बादल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'प्रधानमंत्री जी, मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने सरदार सुखबीर सिंह बादल जी की सेहत के बारे में जानने के लिए व्यक्तिगत रूप से फोन किया और नांदेड़ में एक गुरुद्वारा साहिब के अंदर उन पर हुए कायराना हमले के बाद उनके जल्द ठीक होने की कामना की।' उन्होंने आगे कहा कि इस मुश्किल समय में प्रधानमंत्री की चिंता और शुभकामनाएं परिवार, पार्टी और पंजाब के लोगों के लिए बहुत मायने रखती हैं।
हरसिमरत कौर ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया और केंद्रीय जांच एजेंसियों को महाराष्ट्र पुलिस के साथ समन्वय कर जांच करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार
एक अलग पोस्ट में हरसिमरत कौर ने गृह मंत्री अमित शाह का भी तहेदिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, 'इस मुश्किल समय में आपकी व्यक्तिगत चिंता और दिलासा देने वाली बातों के लिए मैं आपका आभारी हूं।' उन्होंने गृह मंत्री के इस संकल्प की सराहना की कि इस दुखद घटना की प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाएगी।
हरसिमरत कौर ने अपनी पोस्ट में इस हमले को 'महान सिख धर्म के मूल सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन' बताया।
हमले का विवरण
यह हमला गुरुवार, 14 अगस्त 2025 को नांदेड़ स्थित माता साहेब गुरुद्वारा के निकट हुआ, जब सुखबीर सिंह बादल वहाँ उपस्थित थे। एक निहंग हमलावर ने कृपाण से उन पर वार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब शिरोमणि अकाली दल पंजाब में राजनीतिक पुनर्निर्माण के दौर से गुज़र रहा है। सुखबीर सिंह बादल पर हुए इस हमले ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गौरतलब है कि अकाली दल और भाजपा (BJP) के बीच हालिया राजनीतिक दूरियों के बावजूद, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का व्यक्तिगत रूप से हाल जानना एक महत्त्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
आगे की जांच
केंद्रीय जांच एजेंसियाँ महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही हैं। हमलावर की पहचान और उसके इरादों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से इस घटना की पूरी परिस्थितियाँ स्पष्ट होने की उम्मीद है।